Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
गड़बड़ी फैला सकने वालों पर कड़ी नज़र संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त : वाहनों की जाँच : ''ड्राय डे''

प्रदेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा उससे पहले और उस दौरान पूर्ण शांति-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी चाक-चौबंद व्यवस्था की जा रही है। ऐसा माहौल लगातार बनाए रखा जाएगा जिसमें लोग बिना किसी भय, झिझक अथवा दबाव के पूरी तरह स्वैच्छा और स्वतंत्रता से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किये हैं। इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव के संदर्भ में कानून-व्यवस्था ठीक रखने के लिए उठाये जाने वाले विशेष कदमों के अलावा नियमित व्यवस्था भी इतनी मुस्तैद रखी जाए कि किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न हो सके। ऐसे लोगों की सूची बनाने के लिए प्रत्येक पुलिस थाना क्षेत्र में एक विशेष मुहिम चलाई जाएगी, जिन्हें पिछले चुनावों में मतदान केन्द्रों पर कब्जा करने, डराने-धमकाने तथा छद्म रूप से मतदान करने जैसे चुनाव संबंधी अपराधों में संलग्न पाया गया हो। यह

सूची संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी तथा रिटर्निंग अफसर को उपलब्ध कराई जाएगी। हिस्ट्रीशीटर्स, घोषित भगोड़ों तथा फरार अपराधियों की सूची को अद्यतन करने की विशेष मुहिम शुरू की जाएगी। अद्यतन की गयी सूची निर्वाचन क्षेत्रवार जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा रिटर्निंग अफसरों को सौंपी जाएगी, ताकि आवश्यकता होने पर इसे आयोग को भेजा जा सके। प्रत्येक संसदीय क्षेत्र के हर एक पुलिस थानों के सभी लंबित वारंट और चालान तामील कराने की मुहिम भी चलाई जाएगी। पिछले चुनाव में पंजीबध्द चुनाव संबंधी अपराधों की विवेचना तथा अभियोजन कार्यवाही को तेज किया जाएगा। इसकी पखवाड़ा रिपोर्ट उपरोक्त अधिकारियों को प्रस्तुत की जाएगी। मतदान क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने के लिए तय समय से 48 घंटे पूर्व से ही किसी भी होटल, भोजनालय, कलारी दुकान अथवा किसी भी अन्य जगह पर शराब की बिक्री नहीं होगी। निर्धारित अवधि को 'ड्राय डे' घोषित किया जाएगा। इसी तरह मतगणना के दिन भी 'ड्राय डे' घोषित किया जाएगा। गैर-लायसेन्सी हथियारों तथा गोला-बारुद का पता लगाने की मुहिम भी छेड़ी जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।

जिला दंडाधिकारी जमानत पर छूटे व्यक्तियों, आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों तथा दंगा-फसाद में शामिल रहे लोगों के शस्त्र लायसेन्सों के प्रकरणों की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के बाद नाम वापसी की तिथि से एक सप्ताह के भीतर शस्त्र जमा करने का निर्देश दिया जायेगा। बहरहाल, नेशनल रायफल एसोसिएशन के सदस्य खिलाड़ियों को इससे छूट रहेगी, क्योंकि विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में वे रायफल का उपयोग करते हैं। प्रदेश में हथियारों के लायसेंसों तथा गोलाबारुद दुकानों की शतप्रतिशत जाँच की जा रही है ताकि उनके स्टॉक का अभिलेख सुनिश्चित हो सके। चुनाव की तिथि घोषित होने के साथ ही हथियारों के लायसेंस जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो गया है।

ट्रकों तथा अन्य व्यापारिक वाहनों की अंतर-राज्ययीय और अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जाएगी, ताकि उनके द्वारा असामाजिक तत्व हथियार और गोला बारुद की तस्करी न कर सकें। मतदान के तीन दिन पहले से ही लारियों, हलके वाहनों सहित सभी वाहनों की पूरी जाँच की जाएगी। यह जाँच मतगणना पूरी होने तथा परिणामों की घोषणा होने तक जारी रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक ऐसा वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाएंगे जिससे मतदान के दिन लोग कानून-व्यवस्था को लेकर आश्वस्त हों और निर्भीक होकर मतदान करें। ये अधिकारी लगातार दौरे कर लोगों को व्यवस्थाओं के बारे में भी बताएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्ती दल लगातार गश्त करेंगे और कंट्रोल रूम को जानकारी देते रहेंगे। जहाँ जरूरत होगी वहाँ पुलिस टुकड़ी भी तैनात की जाएगी। मतदान में बाधा डाले जाने अथवा किसी को डराने धमकाने की सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा तत्काल जाँच कर कार्यवाही की जाएगी। अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत अपराधों में संलग्न रहे लोगों की सूची भी तैयार की जाएगी।

दिनेश मालवीय/प्रलय श्रीवास्तव