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न होने पर 13 वैकल्पिक दस्तावेज
फर्जी तथा छद्म मतदान रोकने तथा मतदाता मतदान कर सकें यह सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिये हैं कि लोकसभा चुनाव में लोगों को वोट डालने के लिए मतदाता फोटो परिचय पत्र साथ लाना होगा। जो मतदाता यह फोटो परिचय पत्र साथ नहीं ला पाते हैं तो उनकी पहचान मतदाता सूची पर लगे फोटो से मिलान करके की जाएगी। लेकिन ऐसा होने पर जबकि किसी मतदाता की पहचान मतदाता सूची में लगे फोटो से स्थापित नहीं की जा सके तो फिर यह पहचान आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर की जाएगी। जिन लोगों को फोटो परिचय पत्र जारी नहीं हुए हैं या जिनके कार्ड खो गये हैं उनकी पहचान भी इन 13 दस्तावेजों से की जा सकती है।
आयोग ने अपने निर्देश से सभी निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अफसरों और पीठासीन अधिकारियों को अवगत करा दिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई ऐसा मतदाता अपना फोटो परिचय पत्र प्रस्तुत करे जो दूसरे विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीयन अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो तो उस पर भी विचार किया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए जरूरी होगा कि उस मतदाता का नाम उस संबंधित मतदान केन्द्र की मतदाता सूची में हो जहाँ चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है।
आयोग ने इस निर्देश को व्यापक तौर पर आम लोगों, मतदाताओं और सभी उम्मीदवारों की जानकारी में लाने को भी कहा है। आयोग ने इस तथ्य को स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को मतदाता फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) जारी कर दिए गए हैं उन्हें मतदान के वक्त इन्हें अपने साथ लाना होगा। इसी तरह जिन्हें ये फोटो परिचय पत्र जारी नहीं हुए हैं उन्हें मतदान के लिए आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज अपने साथ लाना होगा।
रिटर्निंग अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी पीठासीन अधिकारियों को विशेष रूप से समझाकर आयोग का इस निर्देश के आशय और इसकी विषयवस्तु बता दें। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना है कि इस आदेश की एक प्रति निर्वाचन क्षेत्रों में पीठासीन अधिकारियों के पास सभी मतदान केन्द्रों अथवा बूथ पर उपलब्ध हो।
13 वैकल्पिक दस्तावेज
भारत निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित पहलुओं एवं कानूनी और तथ्यात्मक स्थिति पर विचार करने के बाद यह निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी 29 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं को चुनाव में वोट डालने के पहले अपनी पहचान के लिए स्वयं का मतदाता फोटो परिचय पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता यह फोटो परिचय पत्र प्रस्तुत न कर सके तो उसकी पहचान के लिए मतदाता सूची में लगे उसके फोटो से मिलान किया जा सकेगा। लेकिन यदि किसी मतदाता की पहचान मतदाता सूची में उसके फोटो या इसकी अनुपलब्धता से या फिर अस्पष्टता के कारण नहीं हो सके तो उस मतदाता को आयोग के 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर अपनी पहचान स्थापित करनी होगी।
ये दस्तावेज हैं-
1. पासपोर्ट।
2. ड्रायविंग लायसेंस।
3. इंकमटेक्स परिचय पत्र (पेनकार्ड)।
4. राज्य अथवा केन्द्र सरकार या सार्वजनिक उपक्रम, स्थानीय निकाय, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को दिए गए फोटोयुक्त परिचय पत्र।
5. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अथवा पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, किसान पास बुक (जिनके 28 फरवरी 2009 तक खाते खोले गए हों।)
6. संपत्ति के दस्तावेज जैसे - पट्टे, रजिस्टर्ड डीड आदि, फोटोग्राफ के साथ।
7. सक्षम अधिकारी द्वारा 28-2-2009 तक जारी किए गए फोटोयुक्त अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग संबंधी प्रमाण पत्र।
8. फोटोग्राफ युक्त पेंशन दस्तावेज जैसे पूर्व सैनिक की पेंशन बुक, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, पूर्व सैनिक की विधवा या आश्रित का प्रमाण पत्र, वृध्दावस्था पेंशन आदेश और विधवा पेंशन आदेश (28-2-2009 तक जारी)।
9. स्वतंत्रता सैनानी का फोटोयुक्त पहचान पत्र।
10. 28 फरवरी, 2009 तक जारी किए हथियार लायसेंस।
11. सक्षम अधिकारी द्वारा 28 फरवरी, 2009 तक जारी किए गए फोटोयुक्त शारीरिक विकलांगता प्रमाण पत्र।
12. 28 फरवरी, 2009 तक जारी किए गए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मध्यप्रदेश के जॉब कार्ड।
13. स्वास्थ्य बीमा योजना के फोटोयुक्त स्मार्ट कार्ड (श्रम मंत्रालय की योजना, 28 फरवरी, 2009 तक जारी)
उपरोक्त में से कोई भी दस्तावेज सिर्फ परिवार के मुखिया के पास उपलब्ध होने पर इसका उपयोग परिवार के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए भी किया जा सका है, बशर्ते कि सभी सदस्य एक साथ आएं और परिवार का मुखिया उनकी पहचान करे।
 
दिनेश मालवीय#प्रलय श्रीवास्तव