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मध्यप्रदेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष लोकसभा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रेक्षकों के अलावा, जहॉ ज़रुरी हो, मतदान केन्द्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर्स की तैनाती की जाएगी। चुनाव आयोग ने निर्देश दिये हैं कि जिन भवनों में एक से ज्यादा मतदान केन्द्र स्थित हों, वहाँ एक ही माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती की जाए। वह माइक्रो ऑब्जर्वर भवन में स्थित सभी केन्द्रों में बारी-बारी से जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेगा। इससे व्यवस्थाओं के लिए शासकीय अमले की कमी नहीं हो पाएगी। इसके बाद भी यदि इस प्रकार के अमले की कमी होती है, तो संभागीय आयुक्त अंतर्जिला व्यवस्था कर सकते हैं।

प्रेक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयोग ने निश्चय किया है कि सामान्य प्रेक्षकों के अलावा, जहॉ ज़रुरी हो, माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किये जाएं। ये सामान्य प्रेक्षकों से सीधे नियंत्रण और पर्यवेक्षण में काम करेंगे। प्रत्येक माइक्रो ऑब्जर्वर को एक फोटो पास और परिचय पत्र दिया जाएगा ताकि मतदान केन्द्रों पर पहुँचने में उसे कोई असुविधा न हो। मतदान के दिन उन्हें प्रेक्षकों द्वारा संक्षिप्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा भारत सरकार के विभिन्न कार्यालयों के राजपत्रित अधिकारियों को माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किया जाएगा। राजपत्रित अधिकारी पर्याप्त संख्या में न मिलने पर 'सी' समूह के कर्मचारियों को भी तैनात किया जाएगा। जिन मतदान केन्द्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती जरूरी है उनकी सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सामान्य प्रेक्षकों के सुपरविजन में बनाई जाएगी। ऐसे मतदान केन्द्रों को इसमें शामिल किया जाएगा, जहाँ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से रोका जाने अथवा किसी खास व्यक्ति के पक्ष में मतदान करने के लिए जोर-दबिश दिये जाने की संभावना हो। उदाहरण स्वरूप, जहाँ किसी एक सामाजिक समूह का दबदबा हो, इलाका दुर्गम हो, फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र उपलब्ध न हों, जहॉ हिंसा का पिछला इतिहास आदि।

मतदान के दिन माइक्रो ऑब्जर्वर द्वारा जिन बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए उनकी चेकलिस्ट उन्हें दी जाएगी। ये माइक्रो ऑब्जर्वर मॉक पोल की प्रक्रिया, चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदान एजेन्टों की उपस्थिति, एन्ट्री पास व्यवस्था, चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप मतदाताओं की पहचान, अनुपस्थित, अन्यत्र चले गये तथा डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची की अभिलेखन प्रक्रिया, अमिट स्याही लगाये जाने तथा मतदान की गोपनीयता आदि का काम देखेंगे। उनके लिये तैयार की गई चेक लिस्ट के अनुसार वे ये देखेगें कि उनकी उपस्थिति में मॉक पोल हुआ है कि नहीं, मॉक पोल का डाटा बेलेट यूनिट से हटाया गया है कि नहीं, ईव्हीएम 0 पर सेट की गई है कि नहीं।

माइक्रो ऑब्जर्वर यह भी देखेगें कि मतदान के पहले, मॉक पोल के दौरान किस राजनैतिक दल के कितने मतदान एजेन्ट उपस्थित थे, क्या मतदान एजेन्टों को बेलेटिंग यूनिट और कंट्रोल यूनिट के नंबर लिखने दिये गये या नहीं, एन्ट्री पास व्यवस्था ठीक से लागू हुई या नहीं, किसी भी समय किसी अनाधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति तो नहीं है, मतदताओं की बांये हाथ की ऊंगली पर अमिट स्याही लगी की नहीं, डाक मतपत्रों की सूची पीठासीन अधिकारी और मतदान एजेन्टों के पास है कि नहीं, जिस व्यक्ति को डाक मतपत्र जारी किये गये हैं वह स्वयं मतदान केन्द्र में दुबारा तो नहीं आया आदि। वे यह भी देखेंगे कि निर्देशों के अनुसार वोटिंग मशीनों को सील किया गया है कि नहीं और किसी मतदान एजेन्ट, चुनाव एजेन्ट अथवा किसी राजनैतिक दल द्वारा कोई शिकायत की गई है या नहीं और यदि की गई है तो उसमें कोई कार्यकर्ता है कि नहीं, इन सभी उपायों से स्वतंत से कार्रवाई करे ं।्र और निष्पक्ष चुनाव कराने मेंमदद मिलेगी

दिनेश मालवीय#प्रलय श्रीवास्तव