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अधिकारी चुनाव कार्य में पूरी तरह निष्पक्षता और पारदर्शिता से काम करें

 

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की चौबीसों घंटे वीडियो रिकार्डिंग की जाये

 

आदर्श आचार संहिता का जरा भी उल्लंघन सहन न किया जाये

 

मतदान केन्द्रों पर पीने के पानी और छाया की व्यवस्था

 

चुनाव आयुक्त श्री नवीन चावला द्वारा 26 जिलों के अधिकारियों के
साथ बैठक में प्रथम चरण के मतदान की तैयारियों की समीक्षा

 

 

 

भोपाल : 14 अप्रैल, 2009

 

 

चुनाव आयुक्त श्री नवीन चावला ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि वे स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिये किसी भी तरह के पक्षपात से रहित होकर अपनेर् कत्तव्य का पूरी निष्ठा से पालन करें। ऐसा नहीं लगना चाहिए कि किसी भी स्तर पर पक्षपात हो रहा है। श्री चावला ने कहा कि किसी भी अधिकारी द्वारा पक्षपात किये जाने की बात सिध्द हो जाने पर उसके पूरे कैरियर पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को जरा भी सहन न किया जाए और तत्काल नियमानुसार कार्यवाही की जाये। ऐसी ठोस व्यवस्था की जाये कि किसी भी तरह शांति भंग न हो।

श्री चावला आज यहां प्रशासन अकादमी में 26 जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, वहां तैनात केन्द्रीय पर्यवेक्षकों, संबंधित संभागायुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों की बैठक में मध्यप्रदेश में पहले चरण में 13 संसदीय क्षेत्रों में होने वाले चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय दुबे तथा संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव झा भी उपस्थित थे।

चुनाव आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि द्वितीय अनुपूरक मतदाता सूची सभी उम्मीदवारों तथा पीठासीन अधिकारियों को प्रदाय सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि धारा 144 की आड़ में राजनीतिक प्रतिशोध की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। इस मामले में विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। कम्युनिकेशन प्लान की समीक्षा करते हुये श्री चावला ने कहा कि संचार साधनों के बढ़ने के बाद अब भारत में चुनाव श्रेष्ठतम तरीके से संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन तथा लैण्डलाइन फोनों का श्रेष्ठतम उपयोग किया जाये। जहां भी लैण्डलाइन टेलीफोन किसी कारणवश बंद पड़े हैं उन्हें चालू करवाने के प्रयास किये जायें। प्रेक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी स्तर पर गलत या त्रुटिपूर्ण रिर्पोटिंग न हो। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में वीडियो कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था की जाये और संभागायुक्त जिलों को आवश्यकतानुसार वीडियो कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। श्री चावला ने कहा कि निर्वाचन कार्य में संलग्न होने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाये।

चुनाव आयुक्त ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण में कांस्टेबल स्तर तक आचार संहिता की जानकारी देने सहित सभी चुनाव संबंधी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाये, जिससे कि वे किसी के लिये भी असुविधापूर्ण स्थिति उत्पन्न किये बिना अपनेर् कत्तव्य को ठीक से पूरा कर सकें। उन्होंने प्रत्येक जिले में पिछले छह महीने में गैर जमानती वारंटों की तामिली की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये कि कहीं साम्प्रदायिक भाषण का ज़रा सा भी आभास होने पर तत्काल कार्यवाही की जाये। उन्होंनें कहा कि ऐसे व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जाये जो शांति भंग कर सकते हैं। प्रेक्षकों को ऐसे क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए जहां किसी वर्ग विशेष अथवा समुदाय विशेष को मतदान करने में बाधा डाली जाती हो। वहां पर ऐसी व्यवस्था की जाये कि वे बिना किसी भय अथवा दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। किसी भी हालत में शांति भंग नहीं होनी चाहिए। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्येक उम्मीदवार की हरेक गतिविधि की वीडियो रिकार्डिंग होनी चाहिए। इस मामले में कलेक्टरों या पुलिस अधिकारियों को स्वविवेक का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें यह करना ही होगा। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पार्टी आदि के नाम पर उम्मीदवारों अथवा उनके समर्थकों द्वारा लोगों को प्रलोभन देने के लिये किये जाने वाले खर्च को उम्मीदवार के चुनाव खर्च में जोड़ा जाये। ऐसे सभी अवसरों की पूरी वीडियो रिकार्डिंग की जाये। उन्होंने डमी उम्मीदवारों की चौबीसों घंटे वीडियो रिकार्डिंग करवाने के भी निर्देश दिये।

चुनाव आयुक्त ने कहा कि किसी को भी ऐसा नहीं लगना चाहिए कि मतदान में अनावश्यक देरी की जा रही है। मतदान केन्द्रों पर पीने के पानी की व्यवस्था की जाये और यथासंभव धूप से बचने के भी उपाय किये जाये। जिन मतदान केन्द्रों पर पर्दानशीं महिलाएं अधिक हों वहां महिला कर्मचारियों को ही मतदान डयूटी पर लगाया जाये। जिन मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से ज्यादा वहां अतिरिक्त मतदान दल आरक्षित रखा जाये और शाम को उसे तैनात कर दिया जाये। जिन मतदान केन्द्रों पर देर शाम तक मतदान होने की संभावना है वहां रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था की जाये। साथ ही मतदान दलों के प्रस्थान और वापसी स्थल पर भी उनकी सुविधाओं का यथासंभव ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले सुरक्षा बलों के सदस्यों को ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था की जाये। मॉक पोल हर हालत में होना चाहिए और इस संबंध में लिखित प्रमाण पत्र आयोग को भेजा जाये। यदि किसी ईव्हीएम को किसी कारण बदला जाता है तो उस पर पुन: मॉक पोल किया जाये। ईव्हीएम के नंबरों सहित उनकी अन्य आवश्यक जानकारी उम्मीदवारों तथा उनके मतदान एजेण्टों को दी जाये। पीठासीन अधिकारी की गलती के कारण पुनर्मतदान की नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों से उम्मीदवारों तथा राजनैतिक दलों के साथ शिष्टता से व्यवहार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी दल के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रेक्षकों को निर्देश दिये कि वे राजनैतिक दलों, प्रेस के लोगों तथा अन्य लोगों को सुगमता से उपलब्ध हों और उनकी बात पर पूरा ध्यान दें। प्रेक्षकों के ठहरने के स्थान तथा फोन नंबरों की जानकारी ठीक से प्रसारित की जाए।

चुनाव आयुक्त ने जिलावार सभी कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, संबंधित संभाग के आयुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों के साथ उनके क्षेत्र में चुनाव तैयारियों के विषय में विस्तार से चर्चा की और उन्हें मार्गदर्शन दिया। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर ने भी मार्गदर्शन दिया।

 

दिनेश मालवीय#प्रलय श्रीवास्तव