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प्रत्येक मतगणना केन्द्र पर एक मीडिया सेन्टर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए पर्याप्त आकार का एक पृथक कक्ष रहेगा, जहाँ टेलीफोन, फैक्स, डेटा कम्युनिकेशन नेटवर्क आदि की उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा एक वरिष्ठ अधिकारी को इस केन्द्र का प्रभारी बनाया जाएगा। वह या तो कोई सहायक रिटर्निंग अधिकारी होगा या जनसम्पर्क विभाग का अधिकारी। कोई ऐसा अधिकारी भी सेन्टर का प्रभारी हो सकता है, तो रिटर्निंग अधिकारी की ओर से यह कार्य करने में सक्षम हो।
मतगणना के प्रभारी द्वारा नियुक्त अधिकारी द्वारा सीमित ऑडियो-विजुअल समूहों को मतदान केन्द्र के भीतर कुछ समय संक्षिप्त कव्हरेज के लिए ले जाने की अनुमति होगी। प्रत्येक मतगणना केन्द्र पर मीडिया सेन्टर के प्रभारी अधिकारी को सहयोग के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारी और कर्मचारी रहेंगे, जिससे कि वे सीमित संख्या में मीडियाकर्मियों को मतगणना केन्द्र में लाने-ले जाने में मदद कर सकें। वहाँ वे बहुत कम समय के लिए जाएंगे।
मीडिया सेन्टर मुख्य मतगणना कक्ष से थोड़ी ही दूरी पर होगा। यदि किसी लोकसभा क्षेत्र की मतगणना एकाधिक गणना केन्द्रों पर हो रही हो, तो मीडिया पास मतगणना केन्द्रवार जारी किये जाएंगे, मतगणना कक्षवार नहीं।
मतगणना प्रक्रिया को कवर करते समय प्राधिकार-पत्रधारी को, ऐसा चाहने पर, मतगणना के दौरान गणना केन्द्र से बाहर जाने दिया जाएगा। वे उसी प्राधिकार-पत्र के आधार पर पुन: मतगणना केन्द्र में जा सकेंगे। बहरहाल, हर समय प्रवेश इस तरह से होगा कि कानून-व्यवस्था, समुचित अनुशासन तथा शांतिपूर्ण मतगणना पर कोई असर नहीं पड़े।

किसी भी मतगणना कक्ष में मीडिया के स्थिर या वीडियो कैमरे को ले जाने की इजाजत नहीं होगी। उनके कैमरा स्टेण्ड भी भीतर नहीं ले जाए जा सकेंगे। मतगणना प्रक्रिया के हाथ में या कंधे पर कैमरा रखकर संक्षिप्त ऑडियो-विजुअल कव्हरेज के समय किसी भी स्थिति में ऐसा फोटो नहीं लिया जा सकेगा, जिसमें किसी मतपत्र विशेष को दिखाया जाए। इसके लिए रिटर्निंग अधिकारी स्टिल और वीडियो कैमरा ले जाए जाने की लाइन खींचकर या डोरी बांधकर सीमा निर्धारित कर देंगे, जिससे मार्गदर्शन मिल सके।

दिनेश मालवीय#प्रलय श्रीवास्तव