Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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20 अप्रैल तक जारी रहेगा

मध्यप्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में 13 संसदीय क्षेत्रों में मतदान के लिये इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईव्हीएम) के द्वितीय रेण्डमाइजेशन का काम आज शुरू हो गया, जो 20 अप्रैल तक चलेगा। साथ ही मशीनों की सीलिंग (तैयार करने का काम) भी शुरू हो गई है। रेण्डमाइजेशन के काम में मशीनों को इस तरह मिश्रित किया जाता है कि कोई भी मशीन कहीं भी जा सकती है। इससे किसी भी मशीन के किसी पूर्व निर्धारित स्थान पर जाने की संभावना खत्म हो जाती है। इन 13 संसदीय क्षेत्रों में 23 अप्रैल को मतदान होगा।

वहां मशीनों की तैयारी#सीलिंग का कार्य प्रेक्षकों, उम्मीदवारों#चुनाव एजेन्टों अथवा उम्मीदवारों द्वारा प्राधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में रिटर्निंग अफसरों और सहायक रिटर्निंग अफसरों द्वारा किया जा रहा है। जिन 16 संसदीय क्षेत्रों में 30 अप्रैल को मतदान होना हैं वहां यह कार्य 22 से 27 अप्रैल तक होगा।

सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के नम्बरों की सूची (आरक्षित सहित) उम्मीदवारों को अनिवार्यत: उपलब्ध कराई जानी है। इस संबंध में सभी रिटर्निंग अफसरों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिये जा चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि 15 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें रिजर्व में रखी जाती हैं। सभी रिटर्निंग अफसरों को निर्देश दिये गये हैं कि जिले में उपलब्ध सभी वोटिंग मशीनों की कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट की जांच अच्छी तरह कराकर उन्हें चुनाव में उपयोग के लिये तैयार कर लें। जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा वोटिंग मशीनों की सीलिंग के बाद उन्हें स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जायेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान दिवस के पूर्व वितरण केन्द्र से वोटिंग मशीनें पीठासीन अधिकारी को प्रदाय की जायेंगी। वोटिंग मशीनों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के भी निर्देश दिये गये हैं।

मतदान के दिन मतदान के लिये निर्धारित समय से आधा घण्टा पहले मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी द्वारा उम्मीदवारों के चुनाव एजेन्ट के समक्ष वोटिंग मशीन पर मॉक पोल का प्रदर्शन किया जायेगा जिससे सुनिश्चित हो सके कि मशीन की कंट्रोल यूनिट में कोई मत अंकित नहीं है।

मध्यप्रदेश में मतदाताओं को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिये इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर मतदान कैसे करें इसके विषय में जानकारी देने के लिये अभियान चलाया जा चुका है। हाट-बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का प्रदर्शन कर आम लोगों को यह बताया गया कि मशीन के जरिये मतदान कैसे किया जाये। उन्हें इसके लिये क्या करना चाहिये और क्या नहीं करना चाहिये, इसकी भी जानकारी दी गई।

दिनेश मालवीय /प्रलय श्रीवास्तव