Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
ाहले चरण के मतदान के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती अंतिम चरण में
हालात पर रहेगी सतत नजर, सुरक्षा के चाकचौबंद इंतजाम

मध्यप्रदेश में लोकसभा निर्वाचन के पहले चरण के तहत 13 संसदीय क्षेत्रों में होने वाले मतदान को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती अब अंतिम चरण में है। मतदान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त के साथ ही चाकचौबंद व्यवस्था की जा रही है। चुनाव आयोग प्रदेश के इन क्षेत्रों में होने वाले चुनाव के दौरान हर स्थिति पर अपनी नजर रखेगा। निरंतर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है कि लोग भय, दबाव अथवा असुरक्षा की भावना से रहित होकर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

सुरक्षा के लिए किये जा रहे पुख्ता इंतजामों के तहत सुरक्षा बल इन संसदीय क्षेत्रों के सभी जिलों में पहुँचा दिये गये है। सभी जिलों में जिला पुलिस बल का मूवमेंट भी तेजी से शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में चुनाव सम्पन्न होने के बाद वहां से केन्द्रीय सुरक्षा बल का आना प्रारम्भ हो गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में केन्द्रीय सुरक्षा बल पहुंच चुका है। आगामी 20 अप्रैल तक केन्द्रीय सुरक्षा बल की सभी कंपनियाँ अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर तैनात हो जायेंगी।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रदेश में लोकसभा निर्वाचन के मद्देनज़र बेहतर कानून व्यवस्था और आवश्यकता के पर्याप्त उपाय किये जा रहे हैं। जिला स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती की कार्ययोजना तैयार कर उस पर अमल किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों और इन्हें संवेदनशील बनाने वाले लोगों की गंभीरता से पहचान की गई है। ऐसे सभी संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हांकित करके अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। केन्द्रीय सुरक्षा बलों के साथ मध्यप्रदेश राज्य के विशेष सुरक्षा बल तथा जिला पुलिस बल की क्लबिंग इस प्रकार की जा रही है कि जिससे निर्वाचन प्रक्रिया में कोई विघ्न पैदा न हो सके। साथ ही मोबाईल पेट्रोलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मतदान क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने के लिए तय समय से 48 घंटे पूर्व से ही किसी भी होटल, भोजनालय, कलारी अथवा किसी भी अन्य जगह शराब की बिक्री नहीं होगी। निर्धारित अवधि में 'ड्राय डे' घोषित किया जाएगा। इसी तरह, मतगणना के दिन भी 'ड्राय डे' होगा।

ट्रकों तथा अन्य व्यापारिक वाहनों की अंतर-राज्यीय और अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जाएगी, ताकि उनके द्वारा असामाजिक तत्व हथियार और गोलाबारूद आदि की तस्करी न कर सकें। मतदान के तीन दिन पहले से ही लारियों, हलके वाहनों सहित सभी वाहनों की पूरी जाँच की जाएगी। यह जाँच मतगणना पूरी होने तथा परिणामों की घोषणा तक जारी रहेगी।

संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्ती दल लगातार गश्त करेंगे ओर कंट्रोल रूम को जानकारी देते रहेंगे। जहाँ जरूरत होगी, वहाँ पुलिस टुकड़ी भी तैनात की जाएगी। मतदान में बाधा डाले जाने अथवा किसी को डराने-धमकाने की सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा तत्काल जाँच कर कार्यवाही की जाएगी।

दिनेश मालवीय /प्रलय श्रीवास्तव