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पीठासीन एवं मतदान अधिकारियों से शिकायत
प्राप्त करने के लिये अलग काउंटर
रिटर्निंग अफसरों को खास बातें विशेष रूप से अभिलेखित करने के निर्देश

लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान कराने वाले पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों से शिकायतें प्राप्त करने के लिये विशेष काउंटर बनाये जा रहे हैं। मतदान के दूसरे दिन (फार्म 17 ए) रजिस्टर आर वोटर्स तथा अन्य अभिलेखों की जांच की जाएगी। जिन 13 संसदीय क्षेत्रों में मतदान 23 अप्रेल को है, वहां यह संवीक्षा 24 अप्रेल को तथा जहां मतदान 30 अप्रेल को है, वहां यह एक मई को होगी। पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों द्वारा प्राप्त होने वाली शिकायतें लेने के लिए विशेष काउंटर बनाने के निर्देश दिये गये हैं।

चुनाव आयोग ने निर्देश दिये हैं कि मतदान के बाद जिन मतदान केन्द्रों के लिए जांच का आदेश दिया जाना है, उनके चयन के लिए वे मतदान होने के बाद प्रत्येक मतदान केन्द्र की ईव्हीएम तथा अन्य दस्तावेज प्राप्त करते समय कुछ बातों को विशेष रूप से ध्यान में रखकर अभिलेखित की जाए।

रिटर्निंग अफसर प्रत्येक मतदान केन्द्र में होने वाले मतदान प्रतिशत, महिलाओं तथा पुरूषों द्वारा की गयी वोटिंग, मतदाता परिचय पत्र के मार्फत वोट करने वाले मतदाताओं के प्रतिशत, अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिये मतदान करने वाले मतदाताओं के प्रतिशत, 'शिफ्टेड वोटर्स' के प्रतिशत आदि पर विशेष ध्यान देंगे।

वे ऐसे मतदान केन्द्रों के नाम और क्रमांक को देखेंगे, जहां 17ए के अंतिम कालम में, मतदाता द्वारा दिखाये गये दस्तावेज का विवरण नहीं भरा गया हो। ऐसा न किये जाने पर इसे मतदान अधिकारी तथा पीठासीन अधिकारी की गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

आयोग ने निर्णय लिया है कि उपरोक्त प्रकार से संगृहीत जानकारी, पीठासीन अधिकारियों की डायरियों, मतदाता विवरण पंजी तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जाँच की जाएगी। यह जाँच ऑब्जर्वर ओर रिटर्निंग अफसर द्वारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों अथवा उनके चुनाव एजेन्टों के समक्ष की जाएगी।

इस प्रकार की जाँच उन सभी मतदान केन्द्रों में की जाएगी, जहां ऑब्जर्वर, जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा रिटर्निंग अफसर को मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत की जानकारी मिली हो। उन मतदान केन्द्रों में भी यह जांच की जाएगी, जहां मॉक पोल मतदान एजेन्टों की अनुपस्थिति में अथवा सिर्फ एक उम्मीदवार के एजेन्ट के समक्ष की गयी हो। ऐसे मतदान केन्द्र भी यह जाँच के दायरे में होंगे, जहां मतदाता परिचय पत्र के बजाय अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों से मतदान करने वाले लोगों की संख्या उस मतदान केन्द्र के कुल मतदाताओं की संख्या के 25 प्रतिशत से अधिक है। उन मतदान केन्द्रों में भी जाँच की जाएगी जहां 10 प्रतिशत से अधिक ऐसे मतदाताओं ने वोट डाला हो, जिनकी पहचान 'शिफ्टेड एलेक्टर' के रूप में की गयी थी।

इसके अलावा, ऐसे मतदान केन्द्रों की भी जाँच होगी जहाँ उस विधानसभा चुनाव क्षेत्र की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक या कम औसत वोटिंग हुयी है। जिन मतदान केन्द्रों से टिप्पणी वाले कॉलम में मतदाता परिचय पत्र अथवा वैकल्पिक दस्तावेज का क्रमांक नहीं दिखाया गया हो, वहाँ भी यह जाँच की जाएगी।

ऑब्जर्वर यह कार्य बहुत सजगता से करके इसकी विशेष रिपोर्ट अनिवार्य रूप से पेश करेंगे। यह जाँच मतदान के दूसरे दिन पूर्वान्ह 11 बजे से होगी। सभी उम्मीदवारों को समुचित रूप से नोटिस भेजकर इस प्रक्रिया में अगर वे उपस्थित रहना चाहते हैं अवगत कराया जायेगा।

दिनेश मालवीय /प्रलय श्रीवास्तव