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चुनाव आयोग द्वारा म.प्र. में दूसरे चरण की तैयारियों का जायजा
चुनाव आयुक्त डॉ. एस.व्हाय. कुरैशी ने कहा है कि निर्वाचन कार्य में निष्पक्षता, पारदर्शिता की कमी और लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाशत नहीं किया जायगा। निर्वाचन कार्य में संलग्न अमले को यह ठीक-ठीक पता होना चाहिए कि क्या करना है और क्या नहीं। हमें हर हाल में लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है।
डॉ. कुरैशी आज यहां प्रशासन अकादमी में मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। चुनाव आयुक्त श्री व्ही.एस. सम्पत और आयोग के कानूनी सलाहकार श्री मेहंदीरत्ता भी उनके साथ थे। बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय दुबे तथा संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव झा ने भी भाग लिया।
बैठक में इन्दौर, उज्जैन, संभाग के कमिश्नर व पुलिस महानिरीक्षक, चंबल जोन के पुलिस महानिरीक्षक, इन्दौर, सागर, अशोकनगर, राजगढ़, गुना, उज्जैन व शिवपुरी के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तथा प्रेक्षकों ने चुनाव संबंधी तैयारियों से चुनाव आयुक्तद्वय को अवगत कराया।
डॉ. कुरैशी ने कहा कि किसी भी राजनैतिक दल को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि चुनाव में निष्पक्षता की कमी है। विभिन्न अधिनियमों तथा आदर्श आचार संहिता का क्रियान्वयन करते समय किसी भी व्यक्ति, पक्ष या दल के साथ भेदभाव नहीं बरता जाना चाहिए, चाहे उसकी हैसियत कुछ भी हो। अधिकारियों को न केवल निष्पक्ष रहना चाहिए, बल्कि निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील तथा अति संवेदनशील क्षेत्रों को पुनर्परिभाषित किया जाना ज़रूरी है। छद्म मतदान तथा मतदाताओं को डराने-धमकाने की प्रवृत्ति को कड़ाई से रोका जाए। इसके लिए गांव-गांव जाकर वल्नेरेवल मैपिंग जरूरी है।
आचार संहिता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका कड़ाई से पालन कराया जाए। आचार संहिता के प्रावधानों की जानकारी निचले से निचले स्तर तक पहुँचाई जाए। धार्मिक स्थलों का निर्वाचन संबंधी कार्य में कतई उपयोग नहीं हो। 'डमी' उम्मीदवारों पर कड़ी नज़र रखकर यथोचित कार्यवाही की जाए। पोलिंग एजेन्टों को मतदान केन्द्रों में जाने से न रोका जाए। मतदान के बाद ईवीएम रखकर स्ट्राँग रूम्स को ठीक से सील कर दिया जाए।
चुनाव आयुक्त श्री सम्पत ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रथम चरण का मतदान सफलता और शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी। इसी निष्पक्षता और कार्यकुशलता को आगे भी बनाये रखा जाए। रिटर्निंग अफसर निष्पक्षता से काम करते हुए निष्पक्ष दिखें भी। पुनर्मतदान की नौबत कम से कम आनी चाहिए। माइक्रो ऑब्जर्वर्स का श्रेष्ठतम उपयोग किया जाए।
आयोग के कानूनी सलाहकार श्री मेहंदीरत्ता ने कहा कि अमले और ईवीएम का निर्देशानुसार रेण्डमाइजेशन किया जाना चाहिए। मतदान कार्ड अथवा निर्धारित 14 दस्तावेजों में से कोई एक होने पर ही किसी को मतदान करने दिया जाए। प्रत्येक मतदान केन्द्र में मॉक पोल होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि किसी लापरवाही के कारण पुनर्मतदान होने पर संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा। आयोग ने पुलिस महानिरीक्षकों, संभागीय आयुक्तों, जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, तथा केन्द्रीय प्रेक्षकों से बात की ओर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान कर उनका मार्गदर्शन भी किया।
मुख्य सचिव के साथ बैठक
बैठक के बाद चुनाव आयुक्तद्वय ने मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, अपर मुख्य सचिव, गृह श्री विनोद चौधरी और पुलिस महानिदेशक श्री एस.के. राऊत के साथ एक बैठक में दूसरे चरण की तैयारियों की जानकारी ली। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर भी उपस्थित थे। बाद में चुनाव आयुक्तद्वय वायुयान से रवाना हो गये।
 

दिनेश मालवीय / प्रलय श्रीवास्तव