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लोकसभा निर्वाचन के दौरान नगर निगम के मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला परिषद के अध्यक्ष, पंचायत यूनियन के अध्यक्ष भी चुनाव, मतदान अथवा मतगणना एजेण्ट नहीं बन सकेंगे। चुनाव आयोग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
पूर्व में सिर्फ वर्तमान मंत्रियों, सांसदों, विधायकों तथा ऐसे अन्य सभी लोगों को चुनाव, मतदान और मतगणना एजेण्ट बनाये जाने पर प्रतिबंध का जिन्हें सुरक्षा कवर प्राप्त है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय निकायों के बड़ी संख्या में कर्मचारी चुनाव डयूटी में लगाये जाते हैं। लिहाजा मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष आदि को चुनाव एजेण्ट बनाना निष्पक्षता की दूष्टि से उचित नहीं होगा।
 

दिनेश मालवीय / प्रलय श्रीवास्तव