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चुनाव खर्च के मामले में झाँसेबाजी रोकने के लिए चुनाव आयोग ने ''डमी'' उम्मीदवारों पर कड़ी नज़र रखे जाने की हिदायत दी है। आयोग ने यह कदम इस फीडबैक के आधार पर उठाया है कि चुनाव खर्च सीमा के मामले में झाँसा देने तथा अपने उम्मीदवार के हित साधन के लिए विभिन्न राजनैतिक दल ''डमी'' उम्मीदवार खड़े कर देते हैं।


आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कानून में 'डमी उम्मीदवार' का कोई उल्लेख नहीं है। जिस भी उम्मीदवार का वैध नामांकन होता है और वह मैदान में डटा रहता है, तो वह उम्मीदवार है। ''संजीदा उम्मीदवार'' और ''डमी उम्मीदवार'' जैसा कोई भेद नहीं है।


आमतौर पर राजनैतिक दल ''डमी'' उम्मीदवार अनेक कारणों से खड़े करते हैं। डमी उम्मीदवार के नाम से प्राप्त वाहन अनुमति का उपयोग वास्तव में किसी अन्य उम्मीदवार के प्रचार के लिए किया जाता है, ताकि खर्च सीमा के मामले में झांसा दिया जा सके।


मतदान के दिन, डमी उम्मीदवार तथा उसके चुनाव एजेन्ट एवं अन्य लोगों के लिए जिन वाहनों की अनुमति दी जाती है, उनका उपयोग वास्तव में किसी अन्य उम्मीदवार के लिए किया जाता है।
डमी उम्मीदवार के पोलिंग एजेन्ट और काउंटिंग एजेन्ट वास्तव में किसी अन्य उम्मीदवार के लिए काम करते हैं। यह सब चुनाव कानून के विधिक प्रावधानों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
इसे रोकने के लिए चुनाव आयोग ने निर्देश दिये हैं कि ''डमी'' उम्मीदवार की जानकारी मिलते ही प्रशासन द्वारा सभी मैदानी कर्मचारियों को सतर्क कर दिया जाए और डमी उम्मीदवार के प्रचार कार्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए। इसके बाद उम्मीदवार को नोटिस जारी किया जाए। साथ ही डमी उम्मीदवार को प्रचार के लिए दी गयी वाहन की अनुमति और उसके वास्तविक उपयोग की समीक्षा की जाए। इस प्रक्रिया में प्रेक्षक की प्रभावी भूमिका होगी। वाहन का दुरूपयोग सिध्द हो जाने पर रिटर्निंग अफसर द्वारा की गयी समीक्षा के आधार पर वाहन अनुमति वापस ली जा सकती है।
कानूनन किसी उम्मीदवार का एक पोलिंग एजेन्ट और दो रिलीविंग एजेन्ट हो सकते हैं। डमी उम्मीदवारों द्वारा पोलिंग एजेन्टों की नियुक्ति पर भी कड़ी नज़र रखी जाएगी। संबंधित मतदान केन्द्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति की जायेगी और वीडियो कैमरा लगाकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।


इसके अलावा, डमी उम्मीदवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 171 एच के तहत तत्काल मामला भी दर्ज किया जायेगा। उम्मीदवार द्वारा प्रधिकृत किये बिना किसी भी तरह से खर्च बढ़ाना इस धारा के तहत अपराध है।


रिटर्निंग अफसर#प्रेक्षक द्वारा उस उम्मीदवार को नोटिस दिया जाएगा, जिसके पक्ष में डमी उम्मीदवार को काम करते पाया जाता है। उम्मीदवार से कहा जाएगा कि डमी उम्मीदवार द्वारा किये गये खर्च को वह अपने चुनावी खर्च में शामिल करें।

दिनेश मालवीय#प्रलय श्रीवास्तव