Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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एक लाख से अधिक कर्मचारी करायेंगे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान
सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्र रहेंगे कड़ी निगरानी में

लोकसभा चुनाव का दूसरा चरण

  • 16 संसदीय क्षेत्रों में चुनाव
  • 231 उम्मीदवार मैदान में
  • 9 महिला उम्मीदवार लड़ेगी चुनाव
  • 2,08,89,797 मतदाता
  • 1,10,98,780 पुरूष मतदाता
  • 97,91,017 महिला मतदाता
  • सुरक्षा के सख्त इंतजाम
  • सुरक्षा बलों की हुई तैनाती
  • संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी कड़ी नज़र
  • 1,06,673 कर्मचारियों तैनाती
  • 39,882 बैलेट यूनिट (ईवीएम)
  • 25,986 मतदान केन्द्र
  • सबसे अधिक 24 उम्मीदवार मुरैना में
  • सबसे कम 9-9 उम्मीदवार राजगढ़-उज्जैन में
  • 58 आब्जर्वर की तैनाती
  • माइक्रो आब्जर्वर भी रखेंगे नज़र
  • मतदान के दिन ड्राय डे
  • बाहुबलियों पर रहेगी निगाह
  • सुचारू संचालन के लिये कम्युनिकेशन प्लान

मतदान के आधे घण्टे पहले होगा मॉक पोल

 

मध्यप्रदेश के 16 संसदीय क्षेत्रों में 30 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिये पुख्ता और व्यापक इंतजाम किये गये हैं। इन संसदीय क्षेत्रों में 2 करोड़ 8 लाख 89 हजार 797 मतदाता 231 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इन उम्मीदवारों में 9 महिलाएं शामिल हैं। सबसे अधिक 24 उम्मीदवार मुरैना संसदीय क्षेत्र में चुनाव मैदान में उतरे हैं। सबसे कम 9-9 उम्मीदवार राजगढ़ और उज्जैन संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे अधिक 4 महिला उम्मीदवार मुरैना संसदीय क्षेत्र में अपना भाग्य आजमायेगी। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। निर्वाचन वाले संसदीय क्षेत्रों में 94.5 प्रतिशत मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र वितरित किये जा चुके हैं।

दूसरे चरण में भाग्य आजमाने वाले उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी और इण्डियन नेशनल कांग्रेस के 16-16, बसपा के 15, समाजवादी पार्टी के 7, लोक जनशक्ति पार्टी के 9, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के 4, गोंडवाना मुक्ति सेना के 3, अन्य दलों के 42 तथा 119 निर्दलीय शामिल हैं। इस चरण में 39 हजार 882 बैलेट यूनिट (ईवीएम) इस्तेमाल होंगी। 16 संसदीय क्षेत्रों के चुनाव के लिये निर्वाचन आयोग द्वारा 58 आब्जर्वर तथा एक लाख 6 हजार 673 कर्मचारी इन क्षेत्रों में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान करायेंगे।

उम्मीदवार

भाजपा

16

इंडियन नेशनल कांग्रेस

16

बहुजन समाज पार्टी

15

समाजवादी पार्टी

7

लोकजनशक्ति पार्टी

9

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी

4

गोंडवाना मुक्ति सेना

3

अन्य दल

42

निर्दलीय

119

कुल

231

दूसरे चरण के मतदान के लिये सभी 16 संसदीय क्षेत्रों में शांति और कानून व्यवस्था कायम रखने की दिशा में ठोस पहल की गई है। जिलावार कार्ययोजना के तहत सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। मोबाईल पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। केन्द्रीय सुरक्षा बल सहित अन्य कम्पनियां भी इन क्षेत्रों में हर हालत में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखेंगी। मतदान वाले क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक तय समय से 48 घंटे पहले से ही होटलों, भोजनालयों, कलारी, शराब की दुकानों अथवा किसी भी अन्य स्थानों से शराब की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। ड्राय डे के दौरान शराब का परिवहन भी पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। आपराधिक रिकार्ड वाले उम्मीदवारों की हर गतिविधि को वीडियोग्राफी के जरिये कैमरे में कैद किया जायेगा। मतदान के दिन भी उन पर विशेष निगरानी रहेगी। चुनाव आयोग के कंट्रोल रूम के अलावा राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर भी मतदान वाले क्षेत्रों के सतत सम्पर्क में रहेंगे।

कहां कितने उम्मीदवार

संसदीय क्षेत्र

अभ्यर्थी

पुरूष

महिला

कुल

मुरैना

20

4

24

भिण्ड

13

0

13

ग्वालियर

21

2

23

गुना

18

0

18

सागर

12

0

12

टीकमगढ़

17

0

17

दमोह

20

1

21

राजगढ़

9

0

9

देवास

10

0

10

उज्जैन

9

0

9

मंदसौर

12

0

12

रतलाम

10

0

10

धार

11

0

11

इन्दौर

16

2

18

खरगौन

11

0

11

खण्डवा

13

0

13

कुल 231

मतदान वाले सभी 24 जिलों में ऐसे सख्त इंतजाम किये गये हैं कि कोई भी व्यक्ति मतदान प्रक्रिया में न तो बाधा डाल सके और न ही किसी को डरा धमका सके। यदि ऐसी सूचना मिलती है तो प्रशासन द्वारा तुरन्त सख्त कार्यवाही की जायेगी। मतदान के पूर्व से ही प्रदेश में ट्रकों तथा अन्य व्यापारिक वाहनों की अंतर्राज्यीय आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि उनके द्वारा असामाजिक तत्व हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी न कर सके। क्रिटीकल मतदान केन्द्रों और वल्नरेबिलिटी मेपिंग के संबंध में मध्यप्रदेश ने चुनाव आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया है।

पहले चरण की तरह ही दूसरे चरण में भी सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक पैमाने पर उपयोग किया जायेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा तैयार विस्तृत कम्युनिकेशन प्लान के जरिये 16 संसदीय क्षेत्रों के प्रत्येक मतदान केन्द्र से सीधा सम्पर्क रखा जायेगा, ताकि वहां चुनाव शांतिपूर्वक और बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, आशंका अथवा अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर उसकी सूचना तत्काल उच्च स्तर तक पहुंचेगी और उसका तत्काल ही समाधान किया जायेगा। पहले चरण की भांति मतदान से आधा घंटे पहले मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी द्वारा उम्मीदवारों के चुनाव एजेण्टों के समक्ष वोटिंग मशीन पर मॉक पोल किया जायेगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मशीन की कंट्रोल यूनिट में कोई मत अंकित नहीं है। मतदान केन्द्र पर ईवीएम के नंबर भी प्रदर्शित किये जायेंगे तथा उन्हें राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और पोलिंग एजेण्टों को भी बताया जायेगा।

दिनेश मालवीय#प्रलय श्रीवास्तव