| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | संपर्क करें | साईट मेप
You Tube
चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र और डाक मतपत्र के विषय

मतदान तथा चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों तथा अधिकारियों को डाक मतपत्र के माध्यम से अपने मताधिकार का उपयोग करने की सुविधा तथा चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र देने के संबंध में चुनाव आयोग ने विस्तृत निर्देश जारी किये हैं।

यदि किसी कर्मचारी की ऐसे मतदान केन्द्र पर डयूटी लगी हो, जो उसी संसदीय क्षेत्र का मतदाता हो तो उसे चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र दिया जाएगा ताकि इसके आधार पर वह व्यक्तिगत रूप से उसी मतदान केन्द्र पर अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।

इसी तरह, यदि किसी कर्मचारी को ऐसे संसदीय क्षेत्र में जोनल मजिस्ट्रेट अथवा सेक्टर अधिकारी के रूप में तैनात किया गया हो, जहाँ का वह मतदाता है, तो उसे भी चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र दिया जाएगा, ताकि उसके जोन# सेक्टर के किसी भी मतदान केन्द्र में वह अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। इसके लिए, निर्वाचन क्षेत्र का रिटर्निंग अफसर निर्णय करेगा कि वह सेक्टर ऑफिसर#जोनल आफिसर किस मतदान केन्द्र में वोट डाले। वह तद्नुसार उसे चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र जारी करेगा।

चुनाव डयूटी में लगा अथवा आरक्षित रखा गया कोई कर्मचारी चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र सुविधा का उपयोग करेगा या डाक मतपत्र का, इसका निर्णय पहले रेण्डमाइजेशन के तत्काल बाद लिया जाएगा, क्योंकि तब संसदीय क्षेत्र के बाहर तैनात होने वाले कर्मचारियों की संख्या पता लगा जाएगी।

संसदीय क्षेत्र के बाहर तैनात किये जाने वाले मतदान अमले और चुनाव डयूटी वाले व्यक्तियों को डाक मतपत्र सुविधा दी जायेगी। उनके डाक मतपत्र सुविधा केन्द्र के संबंध में समन्वय का कार्य उस जिले का जिला निर्वाचन अधिकारी करेगा, जहाँ वह कर्मचारी मतदाता के रूप में पंजीकृत है। तीसरे रेण्डमाइजेशन के तुरंत बाद मतदानकर्मियों को वितरण के लिए चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र तैयार किये जाएंगे।

जिन कर्मचारियों को माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में भी तैनात किया जाता है, उन्हें भी चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र उसी संसदीय क्षेत्र में दिये जाएंगे जहाँ के वे मतदाता हैं। उन्हें ये प्रमाण पत्र मतदान केन्द्र आवंटन के तुरंत बाद दे दिये जाएंगे।

यदि किसी कर्मचारी को ऐसे संसदीय क्षेत्र के बाहर स्थित मतदान केन्द्र अथवा क्षेत्र में तैनात किया जाता है, जहाँ वह मतदाता के रूप में दर्ज हो, तो उसे डाक मतपत्र सुविधा दी जाएगी। उसे फार्म-12 जारी करने तथा मताधिकार की सुविधा के लिए केन्द्र निर्धारित करने का दायित्व उस संसदीय क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर का होगा, जिसमें संबंधित कर्मचारी मतदाता के रूप में दर्ज है।

रिजर्व के रूप में रखे गये मतदानकर्मियों के मामले में, रिटर्निंग अफसर निर्णय करेगा कि वे अपने चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र का उपयोग करते हुए किन मतदान केन्द्रों पर अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि उन्हें पहले से कोई मतदान केन्द्र आवंटित नहीं किया जाता है।

मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी पोलिंग एजेन्टों को यह बताएंगे कि चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र के आधार पर कितने कर्मियों को उस मतदान केन्द्र पर मत डालने की सुविधा प्रदान की गयी है।

 

दिनेश मालवीय#प्रलय