| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | संपर्क करें | साईट मेप
You Tube
'जय माता दी' के जयकारे से सिरोंज का सारा माहौल गूंज उठा

प्रसिध्द देवी भजन गायक भजन सम्राट श्री नरेन्द्र चंचल ने बुधवार को विदिशा जिले के सिरोंज में विशाल भगवती जागरण में अपने लोकप्रिय भजनों से धर्मप्रमी बंधुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर जनसंपर्क, संस्कृति एवं खनिज साधन मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा भी मौजूद थे।

जनसंपर्क मंत्री श्री शर्मा ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रसिध्द भजन गायक श्री नरेन्द्र चंचल का नवरात्रि के पावन मौके पर सिरोंज आना एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि श्री महामाई मंदिर (डांगवाली) इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण उपासना स्थल है। जनसामान्य में माँ के मंदिर की गहरी आस्था है। पिछले वर्षों में धर्मप्रेमी बन्धुओं की सुविधा के लिये अनेक बुनियादी सुविधाओं के कार्य कराये गये हैं तथा आगे भी इस क्षेत्र के विकास के लिये प्राथमिकता के साथ कार्य कराये जायेंगे। संस्कृति मंत्री श्री शर्मा ने इस मौके पर सिरोंज क्षेत्र के लोगों की तरफ से भजन गायक नरेन्द्र चंचल का अभिनंदन किया। उन्होंने सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह भेंट किये। इस मौके पर जनप्रतिनिधि श्री उमाकांत शर्मा, सिरोंज नगर पालिका अध्यक्ष श्री सुमनलता चौरे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रघुवीर सिंह रघुवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री रमेश यादव एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

भजन गायक श्री नरेन्द्र चंचल ने माँ दुर्गा का आव्हान करते हुए अपने भजनों की शुरूआत 'माँ के गले में मोतियों की माला' से की। इसके बाद उन्होंने 'नमो-नमो-नमो है झण्डे वाली', 'मैया जी तेरे चरणों में अमृत की धारा', 'सावन की बरसे बदरिया, माँ की भींगे चुनरिया' आदि भजन सुनाकर श्रृध्दालुओं को भक्तिसागर में डूबने के लिए मजबूर कर दिया। श्री नरेन्द्र चंचल ने जब अपना लोकप्रिय देवी भजन 'चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है' गाया तो चारों तरफ जयमाता दी के जयकारे से सारा माहौल गूंज उठा। श्री नरेन्द्र चंचल ने संगीत सभा के समापन का देशभक्ति गीत 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' के साथ किया।

उल्लेखनीय है कि भगवती जागरण का आयोजन परम्परानुसार प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्रि उत्सव के मौके पर सिरोंज के श्री महामाई मंदिर (डांगवाली) के जागृत दरबार में किया जाता है। विन्ध्याचल पर्वतमाला में स्थित यह प्राचीन मंदिर महामाई का जागृत दरबार है तथा यहाँ आने वाले भक्तगणों की मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होती है। श्री महामाई मंदिर (डांगवाली) में इस वर्ष भी 7 अप्रैल से 15 अप्रैल तक श्री विद्या शतचंडी दुर्गा महायज्ञ एवं मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रतिदिन देवी पूजन, अखण्ड रामायण पाठ एवं महाआरती के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। श्री महामाई माता के जागृत दरबार में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रासलीला एवं रात्रि 9 बजे से रामलीला का भी आयोजन किया जा रहा है।