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12 हजार मतदाता होंगे बहाल लंबित मामलों का निराकरण भी जल्द
गल्ती के लिए जिम्मेदारी तय होगी

प्रदेश में ऐसे 12 हजार दो मतदाता जिनका नाम फोटो मतदाता सूचियों के प्रारूप में है लेकिन अंतिम रूप से प्रकाशित सूचियों में छूट गया है उन्हें बहाल किया जाएगा। आयोग का रूख इस गल्ती को लेकर सख्त है और उसने संबंधित अफसरों पर जिम्मेदारी तय करने की हिदायत दी है। आयोग ने यह भी कहा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़े जाने संबंधी फार्म-6 के अन्य 25 हजार 708 लंबित मामलों का तत्काल निपटारा किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर ने संबंधित अफसरों को इस सिलसिले में फौरन कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
आयोग के ध्यान में इस बारे में पूरी बात लाकर उसका अनुमोदन माँगा गया था। आयोग ने इस तथ्य पर गंभीरता से गौर किया कि फोटो मतदाता सूची में दर्शाए गए नाम अंतिम प्रकाशित सूची में कैसे छूट गए जबकि रिटर्निंग अफसर और सहायक रिटर्निंग अफसरों ने इन नामों को हटाए जाने का कोई आदेश भी पारित नहीं किया। आयोग ने उसे संविधान के आर्टिकल 324 के तहत और अन्य प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह निर्देश दिया है कि इन छूट गए मतदाताओं के नामों की प्रविष्टियाँ बहाल की जाएं। इन्हें निरंतर ताजा स्थिति की नाम जोड़ने वाली दूसरी पूरक सूची का हिस्सा बनाया जाएगा।
आयोग ने यह निर्देश भी दिया है कि इलेक्शन रिटर्निंग अफसर बगैर चूके इस कार्रवाई के विस्तृत ब्यौरे का रिकार्ड तैयार करेंगे। वे बहाल किए जाने वाले मतदाताओं की एक पृथक हिस्से वाली सूची भी तैयार करके रखेंगे। इसमें प्रकाशित सूची के प्रारूप में मूल प्रविष्टि और दूसरी पूरक सूची में बहाल प्रविष्टि का सीरिअल नंबर विशेष तौर पर दर्शाया जाएगा। इसकी एक प्रति नियत रूप से प्रेक्षकों के सुपुर्द की जाएगी ताकि वे रेंडम फील्ड वेरिफिकेशन कर सकेंगे। संबंधित निर्वाचन अधिकारी इस आशय का एक प्रमाण पत्र भी जारी करेंगे कि गल्ती से छूट गए नाम बहाल कर दिए गए हैं। वे प्रारूप सूची का सावधानी से मिलान करके यह प्रमाण पत्र देंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी इन प्रमाण पत्रों के आधार पर पुष्टिकरण का पत्र आयोग को भेजेंगे।
आयोग ने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि गल्ती से छूट गए नामों का जरूरी खंडवार विश्लेषण कर इस गंभीर चूक के लिए संबंधितों पर जिम्मेदारी तय की जाए और इस पर आयोग की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उसे भेजी जाए। आयोग ने यह भी कहा है कि फार्म-6 एवं अन्य फार्मों के 25 हजार 708 मामले भी तत्काल निपटा दिए जाएं। इन्हें निरंतर किए जा रहे संशोधन में जरूरी कार्रवाई के तहत दूसरी अनुपूरक सूची में दर्शाया जाए।

योगेश शर्मा