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वाहनों के पास जारी होंगे

विधानसभा चुनाव के सिलसिले में प्रचार के लिए आने वाले राजनैतिक दलों के स्टॉर प्रचारकों का ब्यौरा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर ने बुलाया है। यह जानकारी मिलने के बाद ही इनकी आवाजाही का खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में नहीं जुड़ेगा। इसके अलावा इन नेताओं को वाहन पास भी यहीं से उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस बारे में आज मान्यता प्राप्त आठ राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजनैतिक दलों को चिट्ठी लिखकर स्टॉर प्रचारकों के नाम की सूचियाँ बुलाई गई हैं। यह जानकारी उम्मीदवारों द्वारा अपनी नामजदगी के पर्चे दाखिल करने की आखिरी तारीख सात नवंबर तक भेजी जाना जरूरी है। पत्र में साफ किया गया है कि इसके बाद भेजे जाने वाले नामों पर विचार नहीं किया जाएगा। असल में इन स्टॉर प्रचारकों के नाम मिलने के बाद ही उनकी प्रचार के लिए आवाजाही के खर्च को उम्मीदवार के चुनावी खर्च के हिसाब में नहीं जोड़ा जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि सात मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों में बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई), कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी (सीपीआईएम), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल हैं। इसी तरह मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दल में समाजवादी पार्टी का नाम है। जहाँ तक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों के नेताओं की संख्या का सवाल है तो उनके स्टॉर प्रचारकों की अधिकतम संख्या 40 और पंजीकृत राजनैतिक दलों के ऐसे नेताओं की अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की गई है।
एक और अहम बात यह है कि इन स्टॉर प्रचारकों को गाड़ियों के पास भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय जारी करेगा। ये पास सूची में भेजे जाने वाले नामों से ही दिये जाएंगे और इन पासों को उपरोक्त नेताओं की गाड़ियों में सामने के शीशे पर लगाया जाना जरूरी होगा। राजनैतिक दलों को यह याद दिलाया गया है कि स्टॉर प्रचारकों के नामों की सूची लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत चुनाव अधिसूचना जारी होने के सात दिनों के भीतर भेजने का प्रावधान है।
योगेश शर्मा