Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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प्रेक्षकों के पास होगा वीडियो कैमरा जरूरी घटना खुद भी करेंगे रिकार्ड

आचार संहिता पर अमल को लेकर चुनाव आयोग का रूख सख्त है। इस वजह से उसने फैसला किया है कि आयोग द्वारा तैनात किए जा रहे प्रेक्षकों को भी वीडियो कैमरा और वीडियोग्राफर उपलब्ध कराए जाएंगे। ये चुनाव के दौरान अपनी नज़र से जरूरी और महत्वपूर्ण घटनाओं को खुद भी रिकार्ड करवाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस बारे में इंतजाम के निर्देश दे दिए गए हैं और प्रेक्षकों के अपने क्षेत्र में पहुंचते ही यह काम शुरू हो जाएगा।
आयोग का मानना है कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण घटनाओं की वीडियो रिकार्डिंग के बावजूद कई ऐसे मौकों की वीडियोग्राफी सही तरीके से नहीं हो पाती है और फिर आचार संहिता के उल्लंघन की किसी शिकायत पर पर्याप्त दस्तावेजीकरण के अभाव में फैसला लेना मुश्किल हो जाता है। इसलिए रिटर्निंग अफसरों द्वारा कराई जाने वाली वीडियोग्राफी के साथ ही अब प्रेक्षकों के पास भी यह सुविधा जुटाने का फैसला किया गया है।
वीडियो क्लिप, कैसेट्स में काटछाँट नहीं
चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक सभी निर्वाचन क्षेत्रों में रिटर्निंग अफसर महत्वपूर्ण घटनाओं को वीडियो और डिजिटल कैमरे में कैद करवा रहे हैं। इस वीडियोग्राफी के कैसेट्स, सीडी, क्लिप्स के परीक्षण का जिम्मा केन्द्रीय प्रेक्षकों को सौंपा गया है। आयोग ने अपने निर्देश में साफ किया है कि चुनाव के दौरान की जाने वाली इस वीडियोग्राफी को बगैर काटछाँट या सुधारे आयोग के प्रेक्षक को सुपुर्द की जाना है। आयोग ने यह भी कहा है कि घटना के दिन शाम को ही या अगली सुबह तक ये वीडियो प्रेक्षक के पास पहुँचना जरूरी हैं। इसके साथ तयशुदा प्रारूप में एक सर्टिफिकेट भी प्रेक्षक के सुपुर्द करना होगा।
वीडियो रिकार्डिंग की प्रोग्रामिंग
आयोग के निर्देश पर रिटर्निंग अफसरों द्वारा संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव से जुड़ी सारी जरूरी गतिविधियों की वीडियो रिकार्डिंग की जा रही है। इस वीडियो रिकार्डिंग में प्रोग्रामिंग करने के भी उन्हें निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत दर्ज होने वाले विवरण में वीडियो टीमें, मतदाताओं की संख्या, निर्वाचन क्षेत्र का आकार, संवेदनशील मतदान केन्द्रों की संख्या, बूथ पर कब्जा या अन्य अनियमितताओं का पिछला इतिहास, सामान्य कानून-व्यवस्था की स्थिति, भ्रष्ट आचरण के संभावित क्रियाकलाप, चुनाव संबंधी अपराध और अन्य जरूरी पहलू शामिल किए जाएंगे। आयोग ने साफ किया है कि रिटर्निंग अफसर इन सारे तथ्यों की रोशनी में अपने आंकलन के आधार पर इस काम में लगाई जाने वाली कैमरा टीमों की तादाद भी खुद तय करेंगे।

योगेश शर्मा