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बेतरतीब (रेंडमली) होगा कर्मचारियों का चयन
डीईओ और प्रेक्षक तय करेंगे डयूटी
पाँच बजे पहुँचेंगे तयशुदा जगह
कर्मचारी सुबह छह बजे जाएंगे

मध्यप्रदेश विधानसभा के मौजूदा चुनाव के अंतिम पड़ाव यानी मतगणना का वक्त अब करीब आ चुका है। चुनाव आयोग अपनी निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी नीति के तहत इस मुकाम पर भी सारी कार्रवाई अंजाम देना चाहता है। प्रशासकीय तंत्र से कोई चूक न हो और न ही उसके काम को लेकर कोई उंगली उठे, इसके जरूरी इंतजाम आयोग ने सुनिश्चित कर लिए हैं।
वोट गिने जाने के काम में जिस अमले को तैनात किया जा रहा है उसकी निष्पक्षता सुनिश्चित करने की गरज से इन कर्मचारियों का बेतरतीब (रेंडमली) चयन किया जाएगा। इस तरीके (रेडमाइजेशन) के चलते किसी कर्मचारी को आखिरी लम्हों तक यह मालूम नहीं हो सकेगा कि उसकी डयूटी किस मेज पर लगेगी। इस बेतरतीब चयन का आधार या तो मैन्यूअल होगा या फिर कम्प्यूटर। इसके जरिए काम अंजाम देने का जिम्मा सिर्फ प्रेक्षक और कलेक्टर को उठाना है। यही वजह है कि इन दोनों को रेंडमाइजेशन की तयशुदा जगह पर सुबह 5 बजे पहुँचने को कहा गया है। जहाँ तक मतगणना कर्मचारियों का सवाल है तो उन्हें मतगणना केन्द्र पर सुबह 6 बजे पहुँचना होगा।
इस काम को करने के लिए ट्रैनिंग हासिल कर चुके कर्मचारियों की लिस्ट भी कलेक्टर को ही प्रेक्षक को उपलब्ध कराना है। ये दो सूचियाँ जैसा कि पहले तय हो चुका है, गणना पर्यवेक्षकों और गणना सहायकों की होगी। रेंडमाइजेशन के जरिए इनमें से प्रत्येक को एक यूनिक सीरिअल या कोड नंबर दिया जाएगा जो कि उन्हें मिली श्रेणी का सूचक होगा। मैन्यूल की प्रक्रिया अपनाने पर कर्मचारियों के लॉट्स का ड्रॉ निकाला जाएगा। कम्प्यूटर से यह काम करने पर उसकी निर्धारित तकनीक अपनानी होगी।
आयोग का साफ कहना है कि रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया की भी पूरी तरह वीडियोग्राफी कराई जाए। इसी तरह मतगणना के दौरान प्रेक्षकों को मशीन के कंट्रोल यूनिट की रेंडम क्रॉस चेकिंग करनी होगी। इसके बारे में सभी संबंधित अफसरों, उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को इत्तेला कर दी जाएगी। इस काम में किसी लापरवाही को आयोग गंभीरता से लेगा और उसने यह भी कह दिया है कि इसके लिए जिम्मेदार अफसरों को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के बतौर उनके खिलाफ अभियोग चलाया जाना भी भुगतना पड़ सकता है।
प्रेक्षकों को गणना के दौरान पूरे वक्त गणना हाल में अपनी मौजूदगी बनाए रखनी होगी। पारदर्शिता और तरीके से चलने वाले काम का उन्हें बार-बार मुआयना करने को कहा गया है। आखिरकार उन्हें यह रिपोर्ट खासतौर पर आयोग को पेश करनी होगी कि उन्होंने कर्मचारियों का रेंडमाइजेशन और मशीन के कंट्रोल यूनिट की रेंडम क्रास चैकिंग की थी।
मतगणना के लिए रिजर्व अमले का भी इंतजाम किया गया है और उन्हें मतगणना केन्द्र के परिसर में अलग जगह बैठाया जाएगा। इनके बारे में कलेक्टरों ने यह पहले से पुख्ता कर दिया है कि इन्हें भी गणना की ट्रैनिंग बाकायदा दे दी गई है। कलेक्टर और प्रेक्षक यह भी सुनिश्चित करेंगे कि मतगणना करने वाले कोई भी कर्मचारी को किसी भी सूरत में पहले से टेबिल या निर्वाचन क्षेत्र इस काम के लिए आवंटित नहीं करना है।

योगेश शर्मा