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विभिन्न स्तरों पर सूचना संप्रेषण की योजना

प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के दिन 27 नवंबर को संचार व्यवस्था में कसावट को लेकर पुख्ता तंत्र विकसित किया जा रहा है। बगैर अवरोध के मैदानी स्तर से चुनाव आयोग तक विभिन्न स्तरों पर सूचना संप्रेषण का जाल बिछाया जा रहा है। इस सिलसिले में सारे जिला कलेक्टरों को इत्तेला करके तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
इस बार के चुनाव में मजबूत प्रशासकीय प्रबंधन के साथ सारे काम हाथ में लिए जा रहे हैं। सूचनाओं के आदान-प्रदान का ऐसा ढांचा तैयार किया जा रहा है जिसके तहत कोई भी जानकारी विभिन्न स्तरों से गुजर कर आयोग के पास तत्काल पहुंच जाए। इस संचार व्यवस्था का माध्यम लैंड लाईन फोन, मोबाइल फोन, फैक्स और वायरलेस बनेंगे। मतदान केन्द्र के करीबी थाने या चौकी से लेकर संबंधित जोनल अफसर, सेक्टर मजिस्ट्रेट, मतदान केन्द्र के करीब रहने वाले भरोसेमंद व्यक्ति आदि अन्य तथा जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और आयोग तक के तार आपस में जुड़ जाएंगे।
मतदान के दिन खासतौर पर इस संचार योजना पर अमल होगा। सबसे पहला काम यह होगा कि मॉक पोल का सर्टिफिकेट सुबह साढ़े आठ बजे तैयार करके भारत निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद निर्धारित अंतराल पर मतदान की विस्तृत रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचन आयोग तक पहुँचाई जाएगी। इसके अलावा भेजी जाने वाली सूचनाओं में वो तात्कालिक स्थितियां और आवश्यकताएं भी शामिल होंगी जिनका विभिन्न स्तरों पर आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होगा। संचार तंत्र जुड़ाव की इस योजना का इस्तेमाल मतदान केन्द्रों, रूट चार्टों और चुनाव की अन्य तैयारियों में भी होगा।
प्रशासकीय तौर पर विभिन्न स्तरों पर प्रत्येक दो घंटे के अंतराल से कुल मतदान प्रतिशत, महिला और पुरूष मतदाताओं की संख्या का ब्यौरा इस संचार योजना का हिस्सा होगा। रिटर्निंग अफसरों द्वारा आयोग को भेजी जाने वाली तयशुदा वैधानिक रिपोर्ट मतदान के दिन दोपहर एक बजे और शाम पाँच बजे और दूसरे दिन सुबह सात बजे फैक्स के जरिए भेजी जाएगी। इसकी एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को अनिवार्य तौर पर दी जाएगी। मतदान समाप्त होने के बाद कुल मतदान प्रतिशत एवं संख्या, किसी घटना या दुर्घटना, मतदान में खलल, हिंसा, मतदान प्रक्रिया बिगाड़ने की जानकारी भी इन संचार माध्यमों से तत्काल दी जाएगी। इसके अलावा वह सूचना भी दी जाएगी जिसे वरिष्ठ स्तर पर बताई जाना जरूरी है।
योजना का दूसरा हिस्सा वरिष्ठ स्तरों से आने वाले ऐसे निर्देशों और आदेशों का होगा जिन पर मैदानी अफसरों को तत्काल अमल करना है। पूरे काम को चुस्ती और मुस्तैदी से करने के लिए विभिन्न स्तरों पर टीमें गठित की गई हैं। रिटर्निंग अफसर की कम्यूनिकेशन टीम तयशुदा वक्त में अपना काम पूरा कर जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की टीम को इसकी सूचना देगी जिसे फिर भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।
कम्यूनिकेशन प्लान से जुड़ने वाले सभी संपर्क नंबरों, व्यक्तियों, स्थानों की चेकिंग कर एक बार पूर्वाभ्यास 10 से 17 नवंबर के बीच और फिर दूसरी बार 18 से 25 नवंबर के बीच होगा। इसके लिए संपर्क नंबर संकलित करने का बाकायदा प्रारूप जिलों को भेजा गया है।

योगेश शर्मा