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वापसी के बाद फिर उम्मीदवारी नहीं पिछले चुनाव में 326 ने की थी वापसी

मध्यप्रदेश में सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए होने जा रहे चुनाव के सिलसिले में नामांकन पत्रों की 8 नवंबर को जाँच के बाद नाम वापसी का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। रविवार 9 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश होने की वजह से यह कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन 10 नवंबर को इसकी आखिरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक इच्छुक उम्मीदवारों को यह सूचना संबंधित रिटर्निंग अफसर को देनी होगी। नाम वापसी की विधिवत सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई अंजाम ले लेगी और फिर इसे रद्द नहीं किया जाएगा। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को उम्मीदवार बने रहने की इजाजत नहीं होगी। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में कुल 326 उम्मीदवारों ने नाम वापिस लिए थे।
नाम वापसी के लिए उम्मीदवार को अपने दस्तखत के साथ रिटर्निंग अफसर को बाकायदा लिखित में सूचना देनी होगी। यह सूचना उम्मीदवार खुद, उसके कोई प्रस्तावक या चुनाव एजेंट में से किसी एक के द्वारा दी जा सकेगी। प्रस्तावक या एजेंट के मामले में उम्मीदवार को उन्हें लिखित में इसके लिए अधिकृत करना होगा। जहाँ तक पंजीकृत किन्तु गैर मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का सवाल है तो उनके 10 प्रस्तावकों में से किसी एक अधिकृत प्रस्तावक की सूचना को भी मान लिया जाएगा।
नामांकन वापसी की सूचना यूँ तो जाँच की तारीख को इस कार्रवाई के पूरा होने के बाद दी जाना शुरू हो जाता है। लेकिन इस दिन के बाद सार्वजनिक अवकाश का दिन होने की सूरत में उसके अगले दिन यह कार्रवाई होती है। इस बार 9 नवंबर को रविवार होने के चलते नाम वापसी की अंतिम तारीख 10 नवंबर सोमवार को है। रिटर्निंग अफसरों द्वारा नाम वापसी की सूचना मिलने के बाद बाकायदा संबंधित उम्मीदवार को उसी वक्त इसकी रसीद दी जाएगी।
नाम वापस लेने वालों की सूचना रिटर्निंग अफसर अपने दफ्तर के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करेंगे। फिर तयशुदा वक्त 3 बजे के बाद चुनाव लड़ने वाले शेष उम्मीदवारों की सूची भी नोटिस बोर्ड पर दिखाई जाएगी। इसमें उम्मीदवारों का नाम, उनकी दल से संबध्दता और आवंटित प्रतीक चिन्ह का उल्लेख होगा। इसकी एक प्रति संबंधित उम्मीदवार या उसके एजेंट को दी जाएगी और इसी तरह एक प्रति संबंधित मतदान केन्द्र के बाहर लगाई जाएगी। एक अन्य प्रति तत्काल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दफ्तर को भेजी जाएगी ताकि मतपत्र छपाई के काम में देरी न हो। एक और प्रति चुनाव आयोग को अंग्रेजी अनुवाद के साथ भेजी जाएगी।
अंतिम रूप से चुनावी मैदान में रहने वाले उम्मीदवारों की सूची राज्य निर्वाचन पदाधिकारी के माध्यम से सरकारी गजट में प्रकाशित कराई जाएगी। जहाँ तक निर्विरोध उम्मीदवारों की बात है तो इनकी सूची सरकारी गजट में प्रकाशित करना जरूरी नहीं होगा। नाम वापसी की सूचना संबंधी कागजात जिला निर्वाचन अधिकारी की सुरक्षित अभिरक्षा में जमा किए जाएंगे।
पहचान पत्र
चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को पहचान पत्र दिए जाएंगे और इसमें उनके दल का उल्लेख भी होगा। लेकिन गैर मान्यता प्राप्त दल के मामले में यह नहीं लिखा जाएगा।

योगेश शर्मा