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कलेक्टरों को इत्तेला

चुनाव आयोग ने संपत्ति के विरूपण को लेकर आज ताज़ा सफाई दी है। इस सिलसिले में दिए गए निर्देश को समझने में कुछ स्थानों पर भ्रमपूर्ण स्थिति की जानकारी आयोग को मिली थी। विरूपण के लिए संपत्ति के स्वामी की इज़ाजत को जरूरी बताया गया है। जिला कलेक्टरों को आज निर्देश जारी कर दिए गये हैं।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिन राज्यों में निजी संपत्ति के स्वरूप को बिगाड़ने (विरूपण) पर यदि किसी तरह का कानूनी प्रतिबंध है तो इसके प्रावधान ही लागू रहेंगे। इसलिए वहां संपत्ति का बिगाड़ चुनाव प्रचार के लिए नहीं हो सकेगा भले ही संपत्ति के स्वामी इसके लिए सहमति दे दें।
इसके अलावा जिन राज्यों में संपत्ति के विरूपण की स्वतंत्रता है या जहाँ निजी संपत्ति के विरूपण की अनुमति शर्त या बगैर शर्त के मिली हुई है, वहाँ चुनाव आयोग के निर्देश लागू होंगे। इसके मुताबिक इन जगहों पर संपत्ति के मालिक या उस पर आधिपत्य रखने वाले की लिखित अनुमति जरूरी होगी। यह अनुमति राजनैतिक दल, उम्मीदवार या संबंधित व्यक्ति को लेनी होगी।
तीसरी दशा में आयोग ने उन राज्यों के बारे में स्थिति स्पष्ट की है जहाँ संपत्ति के विरूपण पर कानून नहीं है। इसके तहत कहा गया है कि आयोग के निर्देश के मुताबिक अस्थाई या आसानी से हटाई जाने वाली प्रचार सामग्री जैसे झण्डे, बैनर्स आदि के निजी संपत्ति पर इस्तेमाल के लिए उसके मालिक या आधिपत्य रखने वाले की लिखित अनुमति जरूरी होगी। यह अनुमति स्वैच्छिक होगी और इसकी एक लिखित प्रति संबंधित रिटर्निंग अफसर को सौंपनी होगी।

योगेश शर्मा