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112 को नहीं मिला मौका 49 ने खुद झाड़े पल्ले

मध्यप्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी की हसरत संजोये आगे आईं 112 महिलाओं को इस जंग से इसलिए पीछे हटना पड़ा कि विभिन्न खामियों के चलते उनकी नामजदगी के पर्चे खारिज हो गए। दूसरी ओर लेकिन, 49 महिलाएं ऐसी भी थीं जिन्होंने आखिर में उम्मीदवारी से खुद पल्ले झाड़ लिए और अपना नाम वापस ले लिया। इसके बावजूद चुनावी मैदान उनकी मौजूदगी से महरूम नहीं है जबकि अपनी 220 की तादाद में वे अब भी मोर्चे पर कायम हैं।
प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव में नुमाइंदगी के लिए किस्मत आजमाने का फैसला कुल 381 महिलाओं ने किया था। इनमें से 161 महिलाओं की हसरत पूरी नहीं हो सकी। कुछ के आगे हालत आड़े आए जबकि उन्होंने नामांकन पर्चा भरने में कहीं चूक कर दी। कुछ और ने पर्चे तो भरे लेकिन आखिरी लम्हों में न जाने क्यूँ इसके आगे बढ़ने से खुद को रोक लिया।
चुनावी फिज़ा अब भी महिला उम्मीदवारी से जुदा नहीं हुई है। अपने किलों को फतह करने की ख्वाहिश और मजबूत इरादे के साथ 220 महिलाएं मोर्चे पर डटी हैं। इनमें श्योपुर जिला दो महिला उम्मीदवारों, मुरैना चार, भिण्ड दो, ग्वालियर चार, दतिया दो, शिवपुरी नौ, गुना तीन, अशोक नगर एक, सागर सात, टीकमगढ़ आठ, छतरपुर आठ, दमोह दो, पन्ना तीन, सतना 10, रीवा 14, सिंगरौली पाँच, शहडोल तीन, अनूपपुर दो, उमरिया पाँच, कटनी पाँच, जबलपुर सात, डिण्डोरी चार, मंडला तीन, बालाघाट नौ, सिवनी नौ, नरसिंहपुर तीन, छिंदवाड़ा आठ, बैतूल छह, हरदा तीन, होशंगाबाद एक, रायसेन तीन, विदिशा छह, भोपाल पाँच, सीहोर तीन, राजगढ़ एक, शाजापुर एक, देवास छह, खण्डवा एक, बुरहानपुर दो, खरगौन छह, बड़वानी तीन, अलीराजपुर दो, झाबुआ तीन, धार आठ, इंदौर आठ, उज्जैन चार, रतलाम चार, मंदसौर एक और नीमच जिला एक महिला उम्मीदवार की मौजूदगी से अब भी रोशन है। सीधी अकेला जिला है जहाँ एक भी महिला उम्मीदवार चुनावी मोर्चे पर नहीं है। सबसे ज्यादा 14 महिला उम्मीदवार रीवा जिले में मौजूद हैं।

योगेश शर्मा