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कार्रवाई पर रहेगी आयोग की नज़र
निरंतर होगा संवाद

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रदेश में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का काम गति पकड़ने जा रहा है। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर सतत नज़र रहेगी। इस सिलसिले में निरंतर संवाद के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की रेंडम जाँच और पर्यवेक्षण के लिए वह अपने प्रेक्षक भी तैनात कर सकेगा। लिहाजा हर वक्त पूरे रिकार्ड को अद्यतन तैयार रखने को कहा गया है। यह भी साफ किया गया है कि मैदानी स्तर पर जहाँ यह काम किया जाएगा उन जगहों की सूची और कार्य प्रगति की रिपोर्ट संबंधित अफसरों के पास उपलब्ध रहना जरूरी होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारियों को राजनैतिक दलों की बैठक बुलाकर उन्हें पुनरीक्षण कार्यक्रम से अवगत कराने और उनके अपेक्षित सहयोग की जानकारी देने को कहा गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजनैतिक दलों के साथ बूथ स्तरीय एजेंट की पहचान का काम भी अंजाम देंगे। इन बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को बूथ स्तरीय अफसरों (बीएलओ) के तत्वावधान में 17 और 18 जनवरी को मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया के लिए विशेष अभियान भी चलाना है। इन तारीखों में बीएलओ को मान्यता प्राप्त दलों के इन बीएलए के साथ मतदाता सूचियों का अवलोकन कर संशोधनों की पड़ताल भी करनी होगी।
आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की मानीटरिंग के सिलसिले में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2009 संबंधी विभिन्न रिपोर्टों, अभिस्वीकृतियों और स्पष्टीकरणों के संबंध में सीधे तौर पर आयोग के जोनल सचिव से पत्रव्यवहार करने को कहा है। यह जोनल सचिव ही आयोग में मतदाता सूची प्रभाग से आवश्यक आदेश लेकर उनसे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराएंगे। इसके चलते त्वरित और सटीक कार्रवाई के संबंध में ई-मेल सुविधा का सघनता से उपयोग करने को कहा गया है।

योगेश शर्मा