Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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लोकसभा चुनाव की संभालेंगे कमान
21 कलेक्टर सहायक रिटर्निंग अफसर होंगे

प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के संचालन का जिम्मा परंपरानुसार रिटर्निंग अफसर के बतौर कलेक्टर ही संभालने जा रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने इस सिलसिले में मध्यप्रदेश की कुल 29 संसदीय सीटों से संबंधित जिला कलेक्टरों को रिटर्निंग अफसर नियुक्त कर दिया है। इन सीटों से जुड़ने वाले 21 शेष जिलों के कलेक्टरों को सहायक रिटर्निंग अफसर बनाया गया है। आयोग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुए प्रदेश के विधानसभा चुनाव के संचालन की जिम्मेदारी दूसरी पंक्ति के प्रशासनिक अफसरों ने उठाई थी।
अधिसूचना के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनाव संचालन का दारोमदार जिला कलेक्टर उठाएंगे। ये उन जिलों के कलेक्टर होंगे जो मध्यप्रदेश की 29 संसदीय सीटों के नाम वाले जिले हैं। इनमें छह सीटें अनुसूचित जनजाति और चार सीटें अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं। अनुसूचित जनजाति सीटों में शहडोल, मण्डला, रतलाम, धार, खरगौन और बैतूल शामिल है। इसी तरह अनुसूचित जाति के लिए देवास, उज्जैन, भिण्ड और टीकमगढ़ संसदीय सीटें सुरक्षित की गई हैं।
प्रदेश की शेष 19 संसदीय सीटों में मुरैना, ग्वालियर, गुना, सागर, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, विदिशा, भोपाल, राजगढ़, मंदसौर, इंदौर और खंडवा शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 के पूर्व अविभाजित मध्यप्रदेश में लोकसभा सीटों की कुल तादाद 40 थी। इसमें से 11 सीटें प्रदेश के विभाजन के बाद छत्तीसगढ़ के खाते में चली गईं।
प्रदेश की कुल 29 संसदीय सीटों के अलावा 21 जिले भी इनसे संसदीय निर्वाचन क्षेत्रवार संबध्द रहेंगे। लिहाजा इन 21 जिलों के कलेक्टर सहायक रिटर्निंग अफसरों के रूप में लोकसभा चुनाव संचालन में कलेक्टरों (रिटर्निंग अफसरों) का हाथ बंटाएंगे। इन 21 जिलों में श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोक नगर, छतरपुर, पन्ना, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, डिण्डोरी, सिवनी, नरसिंहपुर, हरदा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ और नीमच शामिल रहेंगे।

योगेश शर्मा