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दो कतारों में होगा इस बार मतदान

मध्यप्रदेश में सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे चुनाव के मद्देनज़र मतदान के दिन 27 नवंबर को हर मतदान केन्द्र पर इस बार वह मतदाता जिनके पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र (ऐपिक) होगा उन्हें मतदान में प्राथमिकता मिलेगी। इस बार इस उद्देश्य से मतदाताओं की दो कतारें लगाई जायेंगी। भारत निर्वाचन आयोग ने यह फैसला मतदान फोटो परिचय पत्रधारी और ऐसे मतदाता जिन्हें यह नहीं जारी हुआ है, उन्हें अलग कतारों में लगाकर मताधिकार की सुविधा देने के मकसद से किया है। इसके चलते वे मतदाता जिनके नाम संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज हैं और उनके पास ऐपिक (मतदाता फोटो परिचय पत्र) नहीं है, आयोग द्वारा तय किए गए 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के जरिए अपनी पहचान साबित कर वोट डाल सकेंगे।
आयोग ने यह तथ्य स्पष्टत: रेखांकित कर दिया है कि जिन्हें मतदाता फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) मिल चुके हैं उन सभी को वोट डालते वक्त इसे अपने साथ लाना है। यदि वे इसे साथ लाने में किसी वजह से असफल रहते हैं तो मतदाता सूची में लगे उनके फोटो से मतदाता के चेहरे की पहचान की जाएगी। अब इसके बाद यदि मतदाता सूची में लगे उसके फोटो के साफ नहीं नज़र आने या अस्पष्ट होने के चलते पहचान नहीं हो पा रही हो तो फिर इस मकसद को पूरा करने के लिए ऐसे मतदाता को 13 तयशुदा वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक पेश करना होगा।
अजा, अजजा प्रमाण पत्रों के बारे में सफाई
आयोग ने अनुसूचित जाति, जनजाति, और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्रों को भी मतदाता पहचान के लिए अपने तयशुदा 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में शामिल किया है। इस बारे में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे प्रमाण पत्रों में संबंधित मतदाता का फोटो नहीं होने की दशा में उनकी पहचान उसी मतदान क्षेत्र के ऐपिक वाले (मतदाता फोटो परिचय पत्रधारी) मतदाता द्वारा भी कराई जाएगी। इन प्रमाण पत्रों का 30 सितंबर 2008 या इसके पहले जारी किया जाना जरूरी होगा। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के जॉब कार्ड के बारे में भी यही बात लागू होगी।
परिवार मुखिया द्वारा पहचान
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके द्वारा तयशुदा मतदाता पहचान के 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से और भारत निर्वाचन आयोग के ऐपिक (मतदाता फोटो परिचय पत्र) यदि सिर्फ परिवार के मुखिया को जारी किए गए हैं तो इन्हें उस परिवार के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए मान्य करने की इजाजत होगी। लेकिन इसमें यह भी शर्त होगी कि परिवार के ये सदस्य एकसाथ आएं और मुखिया द्वारा प्रिजाइडिंग अफसर की संतुष्टि के लिए उनकी पहचान की जाए।
चुनाव आयोग उन लोगों को जिन्हें मतदाता फोटो परिचय पत्र नहीं जारी हुए हैं उन्हें भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने देने का पक्षधर है। लेकिन उसकी नज़रें इस बात पर भी चौकस हैं कि ऐसे मतदाताओं की आड़ में कोई फर्जी मतदान करने न जा पहुँचे। इस तथ्य की रोशनी में ही उसने ऐपिक कार्डधारी और बगैर कार्ड वाले मतदाताओं की अलग पहचान के लिए मतदान केन्द्रों पर दो कतारें लगाने का फैसला किया है।
हाथ में रखना होगा मतदाता परिचय पत्र
चूँकि दो कतारे मतदान केन्द्र पर होंगी इसलिए मतदाता फोटो परिचय पत्र वालों को मतदान के पहले इस कार्ड को अपने हाथ में रखना होगा। इन्हें इस आधार पर एक कतार में खड़ा किया जाएगा। इसी तरह दूसरी कतार में वो मतदाता खड़े होंगे जिनके पास मतदाता फोटो परिचय पत्र नहीं है। इन्हें 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक अपने साथ लाना होगा।
95 प्रतिशत लोगों को मिल चुके हैं कार्ड
प्रदेश में 95 प्रतिशत मतदाताओं को उनके फोटो परिचय पत्र जारी किए जा चुके हैं। असल में इसी वजह से शेष मतदाताओं के लिए फोटो परिचय पत्र के अलावा भी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आसान व्यवस्था की जा रही है। आयोग ने अपने प्रेक्षकों से कहा है कि वे बगैर फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) वाले मतदाताओं की कतार में खड़े लोगों द्वारा लाए गए इन दस्तावेजों की जाँच करेंगे। उन्हें यह पता लगाना होगा कि ऐसे मतदाताओं के पास आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक है या नहीं।
दस्तावेजों की जाँच का काम सेक्टर अफसरों से भी कराने के लिए कहा गया है। आयोग ने कहा है कि दोनों कतारों को लेकर कोई भ्रमपूर्ण स्थिति न बने इसके लिए मतदान केन्द्रों पर पहुँचने वाले स्थान पर संकेतकों के जरिए फोटो परिचय पत्र वाले (ऐपिक) मतदाताओं और बगैर फोटो परिचय पत्र वालों की कतार की जगह उन्हें आसानी से मालूम पड़ जाए। इसके लिए जरूरी प्रिंट आउट निकाल कर प्रिजाइडिंग अफसरों को मतदान केन्द्र पर इस्तेमाल के लिए दिए जाएंगे।
दस्तावेज के आधार पर मतदाता का लेखाजोखा
मतदान के दौरान प्रिजाइडिंग अफसर निर्धारित दस्तावेज के आधार पर वोट डालने वालों का पूरा लेखाजोखा तैयार करेंगे। इसमें यह ब्यौरा भी होगा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ऐपिक के अलावा इन दस्तावेजों के आधार पर कितने मतदाताओं ने वोट डाले हैं जिन मतदान केन्द्रों पर बगैर ऐपिक वाले मतदाता अधिक होंगे उनकी सूक्ष्म जांच की जाएगी। मतदान के बाद उन्हें यह हिसाब दिखाना होगा कि बगैर मतदाता फोटो परिचय पत्र वालों की कतार में लगकर इन दस्तावेजों के आधार पर कितने लोगों ने वोट डाले हैं। प्रेक्षक अपनी पूरी रिपोर्ट में चुनाव के बाद ऐसे मतदाताओं की तादाद को दर्शाएंगे।
फोटो परिचय पत्र वाले मतदाता को प्राथमिकता
आयोग का कहना है कि मतदाता फोटो परिचय पत्र वालों की बड़ी तादाद के चलते उनकी कतार ज्यादा लंबी होगी, लिहाजा प्रिजाइडिंग अफसर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस कतार में लगे मतदाताओं को प्राथमिकता पर मतदान केन्द्र में प्रवेश और अपना वोट डालने दिया जाए। फिर भी प्रिजाइडिंग अफसरों को यह भी ध्यान रखना होगा कि बगैर मतदाता फोटो परिचय पत्र वाली कतार के मतदाताओं को भी एक नियमित अंतराल यानि अमूमन आधे घंटे में एक बार अपना वोट डालने की इज़ाजत दी जाए। प्रिजाइडिंग अफसर इन दोनों ही पंक्तियों को इस तरह नियंत्रित करेंगे कि मतदाता फोटो परिचय पत्र वाले (ऐपिक) मतदाताओं को प्राथमिकता मिले।
आयोग ने इस निर्देश से प्रेक्षकों को भी अवगत कराया है। इसी तरह प्रिजाइडिंग अफसर, मतदान दलों और सेक्टर अफसरों को उनकी ट्रेनिंग के दौरान यह बताया जा रहा है।

योगेश शर्मा