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विचार के लिए सीइओ समिति

चुनाव आयोग ने टीवी चैनलों और केबल नेटवर्क की तर्ज पर रेडियो पर राजनैतिक स्वरूप के विज्ञापन प्रसारण को हरी झंडी दे दी है। अलबत्ता, इस सिलसिले में होने वाले प्रसारण का प्रमाणीकरण किया जाएगा और इस पर विचार का जिम्मा आयोग के अधीन राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दफ्तर द्वारा गठित समिति संभालेगी। रेडियो पर विज्ञापन प्रसारण में आल इंडिया रेडियो के साथ ही निजी एफएम चैनल भी सम्मिलित रहेंगे।
चुनाव आयोग ने इस आशय के निर्देश ऑल इंडिया रेडियो पर वाणिज्यिक विज्ञापन संबंधी विधि संहिता में हुए संशोधन के परिप्रेक्ष्य में दिए हैं। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उसे 20 नवंबर को यह सूचना दी है। इस संशोधन के तहत यह प्रावधान किया गया है कि राजनैतिक दलों, उम्मीदवारों या अन्य व्यक्तियों के स्पॉटस और जिंगल्स के रूप में विज्ञापन निर्धारित शुल्क का भुगतान करने पर स्वीकार किए जा सकेंगे। ये विज्ञापन लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के आम चुनाव के संबंध में सिर्फ आचार संहिता लागू रहने की अवधि में प्रसारित होंगे। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के संबंध में प्रसारण के प्रमाणीकरण की कार्रवाई चुनाव आयोग या इसकी राज्य इकाई द्वारा तथा स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा की जाएगी।
चुनाव आयोग ने इस परिप्रेक्ष्य में कहा है कि उसके द्वारा टीवी चैनलों और केबल नेटवर्क पर राजनैतिक स्वरूप के विज्ञापन के लिए दिए गए निर्देश ही रेडियो पर इनके प्रसारण के लिए भी लागू होंगे। इसके मुताबिक इन विज्ञापनों के रेडियो पर प्रसारण के प्रमाणीकरण के आवेदन राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर के तहत गठित समिति को प्रस्तुत किए जाएंगे। यह समिति प्रसारण पूर्व इनका परीक्षण करेगी। आवेदन का प्रारूप निर्धारित किया गया है। आवेदन के साथ टेप या सीडी और प्रस्तावित विज्ञापन की अभिप्रमाणित प्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।
योगेश शर्मा