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उड़नदस्ते तैनात होंगे ऐसे मतदाता का फोटो भी खींचेगा

भारत निर्वाचन आयोग ने उसके द्वारा जारी मतदाता फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) के बगैर मतदान करने वाले मतदाताओं पर पैनी निगाह रखने के निर्देश भी दिए हैं। यह काम उड़नदस्तों के जिम्मे किया जा रहा है। आयोग का साफ कहना है कि मतदाता पहचान के वैकल्पिक दस्तावेजों की आड़ में किसी को फर्जी मतदान नहीं करने देना है। इसीके मद्देनज़र ऐपिक के बगैर मतदान करने वाले हर मतदाता का फोटो खींचे जाने का फैसला भी किया गया है। ऐपिक और बगैर ऐपिक वाले मतदाताओं के लिए मतदान के दिन मतदान केन्द्र पर दो अलग-अलग कतारें लगाई जा रही हैं। आयोग का साफ कहना यह भी है कि जिन मतदाताओं के पास ऐपिक है और वे इसे मतदान के वक्त अपने साथ नहीं ला पाते हैं तो उन्हें भी बगैर ऐपिक वाले मतदाताओं की कतार में खड़ा होना होगा।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग ने जिन मतदाताओं को मतदाता फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) नहीं जारी हुए हैं उन्हें पहचान के 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर मतदान देने की सुविधा मुहैया कराने का फैसला किया है। लेकिन आयोग इसको लेकर भी चौकस है कि इन दस्तावेजों की आड़ में कोई फर्जी मतदान करने न जा पहुँचे। एक और तथ्य यह है कि मध्यप्रदेश में अब तक 95 प्रतिशत मतदाताओं को ऐपिक जारी किए जा चुके हैं। आयोग शेष रहे मतदाताओं को भी उनके मताधिकार की सुविधा देने का पक्षधर है। अलबत्ता, उसने यह भी साफ कर दिया है कि जिनके पास ऐपिक है उन्हें तो मतदान के लिए आते वक्त इसे साथ लाना ही है।
आयोग ने जिला कलेक्टरों को कहा है कि वे ऐसे मतदान केन्द्रों को अलग छाँट लें जहाँ बगैर ऐपिक मतदान करने वालों की तादाद ज्यादा होना है। इन पर चौकसी के खास प्रबंध और पर्याप्त संसाधन जुटाए जाएंगे। निर्देशों के मुताबिक बगैर ऐपिक (मतदाता फोटो परिचय पत्र) मतदान करने वाले हर मतदाता का फोटो खींचा जाएगा। इसी तरह तयशुदा प्रारूप 17 क में इनके दस्तखत करवाने के साथ ही उनके अंगूठे का निशान भी लिया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर इसकी फोरेन्सिक जाँच करवाई जा सके।
ऐसे मतदान केन्द्रों पर माईक्रो आब्जर्वरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उड़नदस्ते इन जगहों की खास निगरानी के लिए तैनात किए जा रहे हैं। इन मतदान केन्द्रों की संचार व्यवस्था ज्यादा पुख्ता और लगातार जारी रखना सुनिश्चित किया जाएगा। इसी तरह सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल अफसरों की इन जगहों पर सघन उपलब्धता रहेगी।
अफसरों से कहा गया है कि वे मतदान के दौरान यह सुनिश्चित करें कि किसी भी तरह का फर्जी मतदान न हो और न ही कोई किसी का रूप धर कर मतदान करने जा पहुँचे। इसके लिए बगैर ऐपिक वाले, ऐसे अनुपस्थित मतदाता जिनके परिवार मिल रहे हों अथवा नहीं मिल रहे हों, मतदाता सूची में बगैर फोटो वाले, आर.आई.एस. में शामिल मतदाता तथा किसी क्षेत्र को वल्नरेबल बनाने वाले पहले से पहचान लिए गए लोगों पर खास नज़र रखी जाएगी। इस दौरान अफसर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी मतदाता के वैध मताधिकार पर कोई ऑंच न आए।
योगेश शर्मा