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चाकचौबंद इंतजाम हालात पर रहेगी सतत नज़र

चुनाव उपायुक्त श्री आर. बालाकृष्णन ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर किए गए पुख्ता बंदोबस्त पर संतोष जताया है। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रदेश में मतदान के दिन सुरक्षा के चुस्त इंतजाम के मद्देनज़र केन्द्र और राज्यों की कुलजमा 262 कंपनियाँ तैनात की जा रही हैं और ये सब मोर्चा संभाल चुकी है। इस सबके बावजूद हालात की हर हलचल पर चुनाव आयोग की सतत नज़र रहेगी।
चुनाव उपायुक्त श्री आर. बालाकृष्णन ने कहा कि प्रदेश में चुनाव संबंधी प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए पिछले 15 दिनों में उन्होंने सघन दौरा कर 40 जिला कलेक्टरों से सीधा संवाद किया। इस मौके पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर के साथ किए गए इन दौरों में जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अफसरों और आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों से संवाद कर उन्हें आयोग द्वारा तय की गई गाइड लाइन, निर्देशों और आदेशों से अवगत करा कर उनकी दिक्कतें भी जानी गई। विभिन्न दिक्कतों का मौके पर निदान कर मैदानी अफसरों को मुस्तैदी से अपनेर् कत्तव्य निर्वहन की हिदायत दी गई है। उन्होंने प्रदेश में चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया।
चुनाव उपायुक्त श्री बालाकृष्णन ने कहा कि इस बार ऐपिक (आयोग द्वारा दिया गया मतदाता फोटो परिचय पत्र) के साथ और इसके बगैर मतदान करने वालों के लिए दो पृथक लाईनें लगाई जाएंगी। ऐपिक वाले मतदाताओं को मतदान में प्राथमिकता दी जाएगी। बगैर ऐपिक वाले मतदाता आयोग द्वारा तय 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर मतदान कर सकेंगे। इन 13 दस्तावेजों में से भी 12 दस्तावेज छायाचित्र प्रधान हैं इसलिए पहचान को लेकर दिक्कत नहीं आएगी। शेष एक दस्तावेज (बगैर फोटो वाला) का इस्तेमाल करने वालों की पहचान उसी निर्वाचन क्षेत्र के ऐपिक रखने वाले अन्य मतदाता से तस्दीक कराके की जाएगी।
चुनाव उपायुक्त ने साफ कहा कि आयोग किसी भी वास्तविक मतदाता के मतदान अधिकार को सुनिश्चित करने का पक्षधर है और इसीलिए उसने 13 वैकल्पिक दस्तावेज भी तय किए हैं। लेकिन बगैर ऐपिक वाले मतदाता की आड़ लेकर किसी को भी फर्जी मतदान हरगिज नहीं करने दिया जाएगा। इसी नज़र से क्रिटिकल और वल्नरेबल इलाकों की पहचान भी कराई गई है और अन्य अनेक बिन्दुओं पर व्यापक छानबीन की जा चुकी है। किसी भी अप्रिय स्थिति पर नज़र रखने और इसके मुताबिक तत्काल कार्रवाई अंजाम देने के लिए सुदृढ़ कम्यूनिकेशन प्लान तैयार किया गया है।
मॉक पोल की अनिवार्यता तय की गई है जिससे कई तरह के हालात पर नज़र और कार्रवाई सुनिनिश्चित की जाएगी। डमी प्रत्याशियों पर कड़ी निकरानी रखी जा रही है और प्रदेश में आधा दर्जन से ज्यादा मामले अब तक इनके खिलाफ पंजीबध्द किए जा चुके हैं। उन्होंने साफ कहा कि ऐपिक रखने वाले मतदाताओं को प्राथमिकता पर मतदान करने दिया जाएगा और शेष को निर्धारित अंतराल के साथ बारी-बारी से मतदान की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने प्रदेश में मतदाता फोटो परिचय पत्र वितरण में भी 95 प्रतिशत से ज्यादा कार्रवाई पूरी होने और 98 प्रतिशत मतदाताओं के मतदाता सूची में फोटो उपलब्ध होने पर कहा कि यह प्रगति अभी कई अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा है लिहाजा प्रदेश ने अच्छी कार्रवाई की है।
चुनाव उपायुक्त श्री बालाकृष्णन ने कहा कि चुनाव डयूटी में तैनात सरकारी अमले से साफ कह दिया गया है कि उनका आचरण निष्पक्ष होना चाहिए और इसके खिलाफ जाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भोपाल जिले की समीक्षा
उप निर्वाचन उपायुक्त श्री आर. बालाकृष्णन ने अपने तीन दिनी सघन दौरे के अंतिम पड़ाव पर भोपाल जिले के अफसरों से चुनावी तैयारियों को लेकर बातचीत की। उन्होंने अफसरों द्वारा उठाए गए विभिन्न सवालों का इस मौके पर समाधान किया और उन्हें जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। इस मौके पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर, संभाग आयुक्त श्री पुखराज मारू, पुलिस महानिरीक्षक श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अशोक अवस्थी, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री आशीष श्रीवास्तव, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा, जिला कलेक्टर श्री मनीष रस्तोगी और पुलिस अधीक्षक श्री जयदीप प्रसाद सहित अन्य संबधित अफसर भी मौजूद थे।

योगेश शर्मा