| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | संपर्क करें | साईट मेप
You Tube
तीन महीने तक का करावास जुर्माना अलग

मध्यप्रदेश में 27 नवंबर को विधानसभा चुनाव के सिलसिले में होने जा रहे मतदान को लेकर विभिन्न राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों तथा निर्दलीयों को मतदान केन्द्र पर बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति पूरी सजगता रखनी होगी। उन्हें अपने चुनावी एजेंटों और कार्यकर्ताओं को भी इस बारे में पहले से समझाइश दे देना रहेगा।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत मतदान केन्द्र और उसके आसपास के 100 मीटर के दायरे में मर्यादित आचरण करना जरूरी होगा और इसके लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेंगे। इसके मुताबिक इन जगहों पर कोई भी किसी उम्मीदवार के हक में प्रचार नहीं कर सकेगा। इसी तरह किसी भी मतदाता से उसका वोट लेने की याचना नहीं की जाएगी। कोई किसी मतदाता को उम्मीदवार विशेष को मत नहीं देने के लिए भी मनाएगा नहीं। इसी तरह चुनाव के संबंध में कोई सूचना या संकेत का प्रदर्शन भी प्रतिबंधित रहेगा अलबत्ता इसमें सरकारी सूचना शामिल नहीं होगी।
अगर कोई व्यक्ति इन कानूनी दायरों को लाँघने का दु:साहस करेगा तो उसे जुर्माना तो 250 रूपए तक का अदा करना पड़ेगा लेकिन यह दंडनीय अपराध संज्ञेय भी रहेगा।
मतदान केन्द्रों पर चिल्लमपों नहीं
मतदान के दिन कोई भी व्यक्ति मतदान केन्द्र या उसके 100 मीटर के दायरे में चिल्लाचोंट या इससे संबंधित उपकरण लाउड स्पीकर आदि का प्रयोग नहीं करेगा। यह बंदिश मतदान केन्द्र के भीतर, प्रवेश द्वार पर या इसके पड़ोस के किसी सार्वजनिक या निजी स्थान पर भी लागू रहेगी। इन स्थानों पर कोई न तो चिल्लाएगा और न ही ऐसा उद्दंडतापूर्ण आचरण करेगा जिससे किसी को क्षोभ हो या मतदान केन्द्र पर तैनात किसी मतदान कर्मचारी के काम में खलल हो। ऐसी हिमाकत करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानूनन तीन महीने तक के कारावास और जुर्माने की सजा से दो-चार होना पड़ेगा।

योगेश शर्मा