Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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प्रदेश में तेरहवीं विधानसभा के लिए आम चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस प्रक्रिया की दूसरी और सर्वाधिक अहम कड़ी के बतौर मतदान की रस्म आज 27 नवंबर को सभी 230 निर्वाचन क्षेत्रों में पूरी की जाएगी। इस बार चुनावी मैदान में निर्दलीयों समेत विभिन्न दलों के कुल तीन हजार 179 उम्मीदवार मोर्चे पर हैं, इनकी किस्मत का फैसला करने का हक तीन करोड़ 63 लाख चार हजार 152 मतदाताओं को हासिल है।
इस बार का विधानसभा चुनाव अन्य जरूरी तौर-तरीकों के साथ ही दो खास अंदाज में भी हो रहा है। पहला अंदाज इस प्रक्रिया के प्रशासनिक प्रबंधन का है जिसके तहत हर जिला अपनी अलग-अलग योजना तैयार कर उसे अंजाम दे रहा है। यह प्रयोग इस नज़र से महत्वपूर्ण है कि हर जिले की अपनी अलग जरूरत और परिस्थिति है, लक्ष्य को पूरा करने के लिए इनके मुताबिक जिलों ने अपना काम किया है। आयोग ने इसी तर्ज पर जिलों से अपना काम करवाया है, यानि मंजिल एक है और उस तक पहुँचने के रास्ते अपने तरीके से तय किए जा रहे हैं। मौजूदा दौर में हर क्षेत्र में पुख्ता सुधारों को लेकर प्रबंधन की दरकार है और इस मायने में चुनाव प्रक्रिया में प्रशासनिक प्रबंधन की शुरूआत भी सुधारों को लेकर शुभलक्षण है।
दूसरा नया अंदाज (प्रयोग) इस चुनाव में धन और बाहुबल की खास पड़ताल का है। यह माना गया है कि ये दो ताकतें भारत में स्वच्छ, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा हैं। बहरहाल, इसके लिए वल्नरेबल मैपिंग के नाम से प्रदेश में बाकायदा एक सघन मुहिम चलाकर ऐसे इलाकों और लोगों की पहचान की गई है। अब ये ठिकाने और लोग प्रशासन द्वारा खास तौर पर तैयार किए चिट्ठे का हिस्सा बन चुके हैं। स्वाभाविक ही इस बार ये मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक बेखौफ पहुँचने और अपनी मर्जी के उम्मीदवार को चुनने में रोड़ा नहीं बनेंगे। इन इलाकों में भरपूर सुरक्षा व्यवस्था कायम की गई है।
चुनाव की निष्पक्ष और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासनिक सुधार की एक और बानगी मॉक पोल (कृत्रिम मतदान) है। इस बार मॉक पोल की अनिवार्यता के साथ ही इस पर खास जोर आयोग ने दिया है। पहले यह मतदान के आधे घंटे पहले होता था, अब इसे मतदान के एक घंटे पहले रखा जा रहा है। सभी उम्मीदवारों के एजेंटों की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की प्रामाणिकता और बेहतर स्थिति की बाकायदा पड़ताल इस प्रक्रिया में हो जाती है और उनकी संतुष्टि के बाद ही वास्तविक मतदान की रस्म शुरू होती है।
निष्पक्षता को लेकर ही हर मतदान केन्द्र पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए गए हैं जो केन्द्र सरकार के विभागों में राजपत्रित अधिकारी स्तर के हैं। सारी व्यवस्थाओं के संयोजन के लिए चुनाव आयोग के प्रेक्षक विभिन्न राज्यों के आला प्रशासनिक अफसर हैं जो सभी निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात हैं। इस बार के चुनाव का एक और प्रमुख आकर्षण जो एक प्रभावी सुधार का हिस्सा है उसे संचार व्यवस्था के तहत अंजाम दिया जा रहा है जिसके तार मतदान केन्द्र से लेकर चुनाव आयोग तक सीधे जोड़ दिए गए हैं। अब किसी भी घटना, दुर्घटना, अनियमितता, शरारत, गुस्ताखी या हिमाकत की खबर तत्काल आयोग तक पहुँच जाएगी। फौरन आयोग हालात के मुताबिक फैसला अंजाम दे देगा।

विधानसभा चुनाव संबंधी बुनियादी जानकारी :-

1-

कुल मतदाता 

3,63,04,152

पुरूष मतदाता

1,91,37,900

 

1,71,66,252

कुल सामान्य मतदाता

3,62,80,313

कुल सर्विस वोटर

23,839

2-

कुल उम्मीदवार

3179

बहुजन समाज पार्टी

228

भारतीय जनता पार्टी

228

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया

21

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम)

13

इंडियन नेशनल कांग्रेस

228

नेशनल काँग्रेस पार्टी

2

राष्ट्रीय जनता दल

4

समाजवादी पार्टी

187

भारतीय जनशक्ति पार्टी

197

लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी

119

शिवसेना

28

अन्य

553

निर्दलीय

1371

कुल पुरूष उम्मीदवार

2,958

कुल महिला उम्मीदवार

221

3-

कुल मतदान केन्द्र

47,214

संवेदनशील मतदान केन्द्र

12,582

4-

मतदानकर्मी

 

पीठासीन अधिकारी

51,930

मतदान अधिकारी

1,55,790
+
(1200 से ज्यादा मतदाता पर
एक अतिरिक्त)

जोनल अधिकारी

4189

सेक्टर मजिस्ट्रेट

1113

5-

नामांकन

 

कुल प्राप्त

4576

निरस्त

824

वापस

573

चुनाव मैदान में शेष

3179

6-

सबसे ज्यादा और कम उम्मीदवार

 

पिछोर सबसे ज्यादा

33

सुसनेर सबसे कम

4

7-

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन

 

कुल बैलट यूनिट

71,045

कुल कंट्रोल यूनिट
(16 उम्मीदवार तक एक ईवीएम, 16 से ज्यादा पर दो ईवीएम 32 से ज्यादा 3 ईवीएम 32 से ऊपर सिर्फ एक जगह है।)

56,845

योगेश शर्मा