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पहले देनी होगी पुलिस को इत्तेला अवांछित तत्वों से भी रहना होगा सतर्क

चुनाव आयोग का साफ कहना है कि चुनाव के दौरान होने वाले जुलूस और आमसभाओं के आयोजन विध्नपूर्ण न होकर मर्यादित तौर-तरीकों वाले हों। इस सिलसिले में राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों को बाकायदा सलाह दी गई है।
आयोग ने कहा है कि प्रस्तावित आमसभा और जुलूसों के समय और स्थान के बारे में स्थानीय पुलिस को पहले से इत्तेला देनी चाहिए। इससे यातायात और शांति व्यवस्था बनाये रखने के इंतजाम हो सकेंगे। प्रस्तावित आयोजन स्थल पर कोई प्रतिबंधात्मक आदेश लागू तो नहीं, यह भी उन्हें पहले से पक्का करना होगा। ऐसा है तो उस पर कड़ाई से पालन करना होगा। जहाँ तक प्रतिबंधात्मक आदेश में किसी छूट की बात है तो उसके लिए भी समय पर आवेदन करना जरुरी होगा। सभास्थल पर लाउडस्पीकर या अन्य सुविधा के इस्तेमाल के लिए यदि कोई इजाजत या लायसेंस लिया जाना है तो उसके लिए भी संबंधित अफसर के पास काफी पहले आवेदन देना होगा। उम्मीदवारों और राजनैतिक दलों का यह अनिवार्य फर्ज भी होगा कि वे सभा में विध्न डालने या गड़बड़ी फैलाने वालों के प्रति सतर्क रहें और इनसे निपटने के लिए डयूटी पर तैनात पुलिस की मदद लें। उन्हें खुद इनके खिलाफ कुछ नहीं करना है।
जुलूस के समय और इसके शुरु होने तथा गुजरने वाले मार्गों और समापन के स्थान के बारे में पहले ही तय कर लिया जाए और फिर इसमें फेरबदल न हो। इसके लिए पुलिस को भी पहले से बताना होगा। जुलूस के रास्तों पर यदि कोई प्रतिबंधात्मक आदेश हो तो छूट लेना जरुरी होगा वरना नियम नहीं तोड़ा जाएगा। यातायात और अन्य कायदों का पालन भी जरुरी होगा। जुलूस लंबा है तो इसे उपयुक्त लंबाई वाले हिस्सों में निकालना होगा। जहाँ तक संभव हो जुलूस सड़क के दायीं ओर निकाला जाए और वहाँ तैनात पुलिस वालों के निर्देश का कड़ाई से पालन करना होगा। यदि भिन्न दलों द्वारा एक ही समय में एक ही रास्ता जुलूस के लिए अपनाया जाना है तो इसके लिए पहले से आयोजकों को आपस में संपर्क करना होगा ताकि टकराव के हालात न बनें। पुलिस को भी यह बताना जरुरी होगा।

योगेश शर्मा