Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
सीईओ उठाएंगे जिम्मा

चुनाव आयोग ने निर्वाचन के काम में जुड़ने वाले अमले की ट्रेनिंग को इस क्षेत्र के प्रशासनिक प्रबंधन का अहम मुद्दा माना है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी राज्यों में इस डयूटी में लगाए जाने वाले स्टॉफ को इस कामकाज की अभी से आला दर्जे की ट्रेनिंग दिए जाने का इंतजाम करने को कहा गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को यह जिम्मा सौंपा गया है।
विभिन्न राज्यों में चुनाव के दौरान ऐसे कई ताजा मामले आयोग की जानकारी में आए हैं जबकि अधिकाशं जगहों पर मतदान अमले में समझ की कमी और इसके चलते हुई गल्तियों की वजह से पुनर्मतदान की नौबत आई। यहाँ तक कि रिटर्निंग अफसरों से इस तरह के अनाड़ीपन की गल्तियाँ हुईं। आयोग ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। चुनाव के प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर उभरे इस मुद्दे पर उसका रूख कड़ा हो गया है। आयोग ने इस सिलसिले में ट्रेनिंग के स्तर में इजाफा करने और सीख की जरूरी सामग्री का बंदोबस्त किए जाने की जरूरत बताई है। इस पर बहुत ज्यादा ध्यान दिए जाने के उसने निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग निर्वाचन के काम में पूरी तरह दक्षता, चुस्ती ओर कसावट चाहता है। उसने कहा है कि ट्रेनिंग का सिलसिला अभी से जल्द शुरू हो जाना चाहिए। इस बारे में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि रिटर्निंग अफसरों, सहायक रिटर्निंग अफसरों और मतदान कर्मियों को यह काम अच्छे से समझा दिया जाए। इस बारे में ताजा अनुभवों के मुताबिक यह भी पुख्ता किया जाएगा कि जो गल्तियाँ होने से टाली जा सकती हैं उन्हें रिटर्निंग अफसर खासकर नामजदगी के पर्चों की जाँच, चुनाव चिन्हों के आवंटन आदि मौके पर हरगिज न कर सकें। ईवीएम से लेकर पूरी चुनावी प्रक्रिया के ठोस प्रशिक्षण को भी जरूरी बताया गया है।
चुनाव आयोग ने इस सिलसिले में खुद अपनी तरफ से चुनावी कामकाज में कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और सीखाए जाने वाले तौर-तरीके इजाद किए हैं। इसमें खास कामकाज संबंधी साहित्य सामग्री भी शामिल है। सभी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे अनिवार्य तौर पर खुद भी अपने स्तर पर स्थानीय भाषा में ट्रेनिंग संबंधी जरूरी इंतजाम करें।

योगेश शर्मा