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खंडन भी होगा उजागर मिल सकेगी नकल

प्रदेश में विधानसभा चुनाव की जंग में उतरने जा रहे उम्मीदवारों को आपराधिक रिकार्ड और चल-अचल संपत्ति के दो शपथ पत्र नामजदगी के पर्चे दाखिल करते वक्त पेश करना है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक इन शपथ पत्रों की नकल को रिटर्निंग अफसर के दफ्तर में लगे नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा। अगर कोई शपथ-पत्र के जरिए उम्मीदवार के कथन का खंडन करे तो इसे भी प्रदर्शित किया जाएगा। किसी को भी मांगने पर उम्मीदवार के शपथ पत्र की नकल दी जाएगी।
चुनाव आयोग निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव के लिए कटिबध्द है। उसकी मंशा और हिदायत है कि उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल करते वक्त दिए जाने वाले दोनों शपथ पत्र सार्वजनिक होना चाहिए। सूचना के अधिकार की भी यही दरकार है। इसी वहज से रिटर्निंग अफसर इन्हें अपने दफ्तर के नोटिस बोर्ड पर आम लोगों की जानकारी के लिए तो लगाएंगे ही, कोई यदि इनकी नकल चाहे तो उसे यह मुहैया करांएगें। निर्देश दिए गए हैं कि यह काम उम्मीदवार द्वारा दाखिल पर्चे की तारीख के दिन ही हो जाए।
बात यहीं तक नहीं है, यदि कोई व्यक्ति संबंधित उम्मीदवार के शपथ-पत्र में दिए गए कथन का विरोध करते हुए बाकायदा अपने शपथ पत्र में इस बारे में कुछ बताए तो उसकी प्रतिलिपि को भी नोटिस बोर्ड पर दिखाया जाएगा। इसी तरह कोई यदि उम्मीदवार के शपथ पत्र की कॉपी माँगे तो उसे यह नाम मात्र शुल्क पर मुहैया कराई जाएगी। ये नकलें मीडिया के भी सुपुर्द की जा सकेंगी ताकि शपथ पत्र में दी गई जानकारी का व्यापक प्रचार हो सके। रिटर्निंग अफसर अपने जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रत्येक शपथ पत्र की नकल जल्द से जल्द देंगे ताकि वे इन्हें इकट्ठा करके किसी इच्छुक के मांगने पर फोटो कॉपी के नाम मात्र शुल्क पर उसे दे दें।

योगेश शर्मा