Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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सभी 51 जिला मुख्यालय पर सुबह 8 बजे शुरू होगी मतगणना
324 हॉल में 3255 टेबिल पर होगी काउंटिंग
मतगणना में जुटेंगे 20 हजार अधिकारी-कर्मचारी
भोपाल : 07 दिसम्बर, 2013
 

मध्यप्रदेश में चौदहवीं विधानसभा के लिए चुनाव मैदान में उतरे सभी 2583 उम्मीदवार के फैसले की घड़ी अब आ चुकी है। रविवार 8 दिसम्बर को सुबह 8 बजे प्रदेश के सभी 51 जिला मुख्यालय पर ईवीएम द्वारा डाले गए वोट तथा डाक मत पत्रों की गिनती का काम शुरू होगा। सभी जिलों में मतगणना स्थल पर प्रशासनिक व्यवस्था के साथ ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आठ दिसम्बर को वोटों की गिनती का काम पूरा कर नतीजों का एलान कर दिया जाएगा।

उम्मीदवार

कुल उम्मीदवार

2583

पुरुष उम्मीदवार

2383

महिला उम्मीदवार

200

सबसे अधिक मेहगाँव (भिण्ड) में 32,

सबसे कम पानसेमल (बड़वानी) में 2

प्रदेश की 230 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना 324 हॉल (कक्ष) में होगी। एक हॉल में जिन निर्वाचन क्षेत्रों की गणना होगी उनकी संख्या 138 है। दो हॉल वाले निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 90 तथा दो विधानसभा क्षेत्रों की गणना तीन हॉल में संपन्न होगी। ईवीएम की मतगणना के लिए 3255 टेबिल का इस्तेमाल किया जाएगा। डाक मतपत्र की गणना के लिए 500 टेबिल का उपयोग होगा। सभी 51 मतगणना केन्द्र पर लगभग 20 हजार अधिकारी-कर्मचारी जुटेंगे। इनमें 230 आरओ, ईवीएम के लिए 460 एआरओ, डाक मतपत्र की गणना के लिए 500 एआरओ, 4175-4175 माइक्रो आब्जर्वर, गणना सहायक और गणना पर्यवेक्षक, 324 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, 230 आईटी कर्मचारी (150 आरक्षित) तथा 5 हजार अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहेंगे।

मतदान प्रतिशत

मतदान प्रतिशत

72.66%

ईवीएम द्वारा

72.13%

पुरूष

73.13%

महिला

70.11%

डाक मत पत्र

0.53%

तीन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र ऐसे चिन्हित किए गए हैं जहाँ मतगणना के सर्वाधिक 23 चक्र होंगे। इनमें 103-शहपुरा, 117-लखनादौन, 133-भैंसदेही सम्मिलित है। वोटों की गिनती के सबसे कम 12 राउंड 86-कोतमा विधानसभा क्षेत्र के लिए होंगे। सीईओ कार्यालय में राज्य-स्तरीय कंट्रोल रूम के अलावा प्रत्येक मतगणना स्थल पर कंट्रोल रूम और मीडिया सेन्टर स्थापित किया गया है।

राजनैतिक दल

राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त

6

राज्य-स्तरीय दल

9

अन्य दल

51

कुल

66

(विधानसभा चुनाव 2008 में 91 राजनैतिक दल थे)

मध्यप्रदेश में एक नवम्बर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र भरे जाने का सिलसिला शुरू हुआ था, जो 8 नवंबर तक चला। नामांकन पत्रों की 9 नवंबर को जाँच की गई तथा नाम वापसी की आखरी तारीख 11 नवंबर रखी गई। इस तिथि के बाद 230 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए 2583 उम्मीदवार चुनाव मैदान में शेष बचे। इनमें से भारतीय जनता पार्टी - 230, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 229, बहुजन समाज पार्टी 227, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 72, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया 23, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) 8, समाजवादी पार्टी 164, बहुजन संघर्ष दल 64, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी 63, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी 52, अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी 31, लोक जनशक्ति पार्टी के 28, शिवसेना 26, राष्ट्रीय समानता दल 24, जनता दल (यूनाइटेड) 22, अपना दल 21, समता समाधान पार्टी 17, राष्ट्रीय परिवर्तन दल 14, नेशनल पीपुल्स पार्टी 13, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) 11, आर्थिक समानता पार्टी 10, प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी, हिन्दुस्तान जनता पार्टी, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक, नेशनल पीपुल्स पार्टी और महान दल के 9-9, जन न्याय दल और राष्ट्रीय अपना दल के 8-8, गोंडवाना मुक्ति सेना के 7, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के 6, समता पार्टी और भारतीय बहुजन पार्टी के 5-5, समाजवादी जन परिषद, रिपब्लिकन पार्टी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) और जनता दल (सेक्युलर) के 4-4, नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया, माइनॉरटीज डेमोक्रेटिक पार्टी, सवर्ण समाज पार्टी के 3-3, किसान मजदूर पार्टी, प्रगतिशील मानव समाज पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और मध्यप्रदेश नव निर्माण सेना के 2-2 तथा राष्ट्रीय किसान विकास पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिन) (लिब्रेशन), भारतीय माइनॉरटीज सुरक्षा महासंघ, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (खोबरागड़े) इंडियन जस्टिस पार्टी, सर्वे भवन्तु सुखीन: पार्टी, महानवादी पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर दल, रिवाल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम), राष्ट्रीय बहुजन कांग्रेस पार्टी, इंकलाब विकास दल, बुंदेलखण्ड कांग्रेस, जय मानवता पार्टी, अम्बेडकर समाज पार्टी, अखिल भारत हिन्दू महासभा, बहुजन संघर्ष पार्टी (कांशीराम), सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी, रिवाल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, रहबर पार्टी, नारायनी सेना एवं पीपुल्स रिपब्लिकन पार्टी के एक-एक तथा निर्दलीय 1092 उम्मीदवार थे।

चुनाव कार्यक्रम

  • भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 4 अक्टूबर को चुनाव की घोषणा

  • एक नवंबर को अधिसूचना जारी

  • एक नवंबर से आठ नवंबर तक 4882 नामांकन पत्र दाखिल

  • 9 नवंबर को स्क्रूटनी में 608 नामांकन खारिज

  • 11 नवंबर को 487 उम्मीदवार ने नामांकन वापिस लिए

  • अंत में 2583 उम्मीदवार चुनाव मैदान में

जिला मुख्यालयों पर मतगणना की सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। जिन निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना दो भाग में होगी वहाँ 7-7 तथा जहाँ एक ही हाल अथवा कक्ष में मतगणना होगी वहाँ 14 टेबिल लगाई जाएंगी। सुबह 8 बजे सबसे पहले डाक मत पत्र गिने जायेंगे। पाँच चक्र में इनकी गिनती प्रात: 8.30 बजे तक पूरी कर ली जाएगी। इससे अधिक समय लगने पर फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतों की गिनती के साथ इन्हें समांतर रूप से गिना जा सकेगा। ईवीएम वोट की गणना का अंतिम राउंड तब तक नहीं शुरू होगा, जब तक डाक मत पत्र की गणना पूरी नहीं होगी। वोटो की गिनती शुरू होने से पहले रिटर्निंग ऑफिसर मतगणना की गोपनीयता संबंधी नियम उद्.धृत करेंगे। मतगणना के दौरान जिला मुख्यालयों पर भी सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त रहेंगे।

राज्य की सभी 230 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की एक साथ होने वाली मतगणना के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने पारदर्शी, निष्पक्ष और स्वतंत्र नीति तैयार की है। यह भी तय किया गया है कि प्रशासकीय तंत्र से कोई चूक न हो तथा उसके काम को लेकर कोई ऊंगली न उठे, इसके लिए सभी जिलों में बेहतर और पुख्ता इंतजाम सुरक्षित किए गये हैं। वोट गिनने में जिस अमले को तैनात किया जाएगा उसकी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों का बेतरतीब (रेंडमली) चयन किया जाएगा। इस तरीके (रेंडमाइजेशन) के चलते किसी कर्मचारी को आखिरी समय तक यह मालूम नहीं होगा कि उसकी डयूटी किस टेबिल पर लगेगी।

मतगणना में तैनात अमला

आर.ओ.

230

.आर.ओ. (ईवीएम)

460

.आर.ओ. (डाक मत पत्र)

500

माइक्रो आब्जर्वर

4175

काउंटिंग सुपरवाइजर 

4175

काउंटिंग असिस्टेंट

4175

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट

324

आई.टी. टीम

230

' 'आरक्षित

150

अन्य कर्मचारी

5000

मतगणना शुरू होने के 24 घण्टे पहले प्रेक्षकों की उपस्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारी विधानसभा क्षेत्रवार रेंडमाईजेशन किया गया। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारियों को संबंधित चुनाव क्षेत्र के नियुक्ति पत्र जारी किए गए। मतगणना वाले दिन सुबह संबंधित रिटर्निंग आफिसर द्वारा सुबह पाँच बजे प्रेक्षक की उपस्थिति में मतगणना हाल में टेबलों के लिए रेंडमाईजेशन मतगणना सुपरवाईजर/मतगणना सहायक और माइक्रो आब्जर्वर के लिए किया जाएगा।

डाक मत पत्र

मतगणना में डाक मत पत्रों की भी गिनती की जाएगी। डाक मत पत्र निर्वाचन क्षेत्र रिटर्निंग अधिकारियों को 8 दिसम्बर की सुबह 8 बजे तक निश्चित रूप से प्राप्त हो जाना चाहिए। मतगणना की सम्पूर्ण प्रक्रिया की वीडियाग्राफी करवाई जायेगी। मतगणना हाल में कार्यालयीन रिकार्डिंग के अलावा पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी और प्रकार का केमरा या वीडियो वर्जित रहेगा। पत्रकार या मीडिया द्वारा किसी प्रकार का केमरा स्टेंड मतगणना हाल में लगाने की अनुमति नहीं होगी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत पास जिन्हें दिया गया है, केवल वही व्यक्ति हाथ का केमरा रख सकेंगे। इसके अलावा वीडियो लेते समय किसी भी स्थिति में ईवीएम में वास्तविक मतों की फोटो कंधे या हाथ में लिए कैमरे द्वारा लेना वर्जित रहेगा।

डाक मत पत्रों की गणना संबंधी कार्य में एआरओ तथा दो-दो मतगणना पर्यवेक्षक एवं मतगणना सहायक भी सहयोग करेंगे। आरओ की मदद के लिए तैनात ये सभी मतगणना कर्मी डाक मत पत्र की मत पेटी खोलने एवं उसे कवर करने के कार्य के लिए मतगणना स्थल पर बैठेंगे। मतगणना के लिए तैनात किए गए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारियों को मत की गोपनीयता बनाये रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कहां कितने राऊंड

विधानसभा क्षेत्र

राऊंड

3

23

22

19

28

15

2

22

40

18

17

14

9

21

47

17

5

13

15

20

41

16

1

12

चुनाव संबंधी कानून के मुताबिक डाक मत पत्रों की गिनती सबसे पहले की जाएगी। डाक मत पत्रों की गणना प्रारंभ होने के 30 मिनिट के अंतराल के बाद ईवीएम में रिकार्ड किए गए वोटों की गिनती की शुरूआत की जायेगी। आधे घंटे बाद दोनों प्रकार के मतों की गिनती समानांतर रूप में की जायेगी। केवल उन्हीं डाक मत पत्रों की गिनती करवाई जायेगी जो मतगणना शुरू होने से पहले हो चुके हों। मतगणना प्रारंभ होने के नियत समय बाद डाक मत पत्र का कोई लिफाफा नहीं खोला जाएगा। उन्हें अस्वीकार कर अलग लिफाफे में रखकर मुहरबंद कर दिया जाएगा तथा उस पर समुचित विवरण भी लिख दिया जाएगा।

मतगणना के दौरान बड़ी संख्या में डाक मत पत्र की गणना के कारण परिणाम घोषित करने में होने वाली देरी को देखते हुए अतिरिक्त टेबिल भी लगाई जा सकेगी। इस व्यवस्था के लिए रिटर्निंग ऑफिसर प्रेक्षक के साथ विचार-विमर्श कर आवश्यकता के अनुसार डाक मत पत्रों की गणना के लिए अतिरिक्त टेबिल की व्यवस्था कर सकेंगे।

डाक मत पत्रों की गणना के कार्य को सम्हालने की जिम्मेदारी एक सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) को सौंपी जाएगी। रिटर्निंग ऑफिसर के मुख्यालय के लिए नियुक्त प्रेक्षक और रिटर्निंग ऑफिसर दोनों मिलकर डाक मत पत्र एवं ईवीएम के वोट की एक साथ हो रही गणना का ध्यानपूर्वक निरीक्षण करेंगे। मतगणना प्रक्रिया की समाप्ति के बाद परिणाम घोषित होने पर पर्यवेक्षक अपनी अंतिम रिपोर्ट में डाक मत पत्रों की गणना प्रक्रिया को विशेष रूप से लिखेंगे।

डाक मत पत्रों की गणना के लिए मतगणना हाल में उपलब्ध स्थान के हिसाब से दो तथा आवश्यक होने पर तीन टेबिल लगाई जाएंगी। डाक मत पत्रों की गणना के लिए प्रत्येक टेबिल पर एक एआरओ होगा। डाक मत पत्रों की गणना 500 टेबिल पर होंगी। इतनी ही संख्या में एआरओ तैनात रहेंगे। प्रत्येक मतगणना टेबिल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक तथा दो मतगणना सहायक तैनात होंगे, जो राजपत्रित होंगे।

किसको मिलेगा प्रवेश

मतगणना हाल के अंदर केवल अधिकृत व्यक्ति को ही प्रवेश दिया जाएगा। इनमें गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक, निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत व्यक्ति, निर्वाचन के संबंध में कर्त्तव्यारूढ़ लोकसेवक एवं उम्मीदवार तथा उनके निर्वाचन और गणना अभिकर्ता शामिल रहेंगे। मतगणना प्रारंभ होने के पूर्व अधिकृत व्यक्तियों के अलावा अन्य कोई व्यक्ति हाल में उपस्थित न हो सकेगा। 'निर्वाचन के संबंध में कर्त्तव्यारूढ़ लोकसेवक' के अंतर्गत सामान्य रूप से पुलिस अधिकारी नहीं आते हैं, ऐसे अधिकारियों को चाहे वे वर्दी में हों या सादे वस्त्रों में। सामान्य नियमानुसार काउंटिंग हॉल के अंदर आने की अनुमति नहीं दी जायेगी जब तक कि उन्हें कानून और व्यवस्था बनाए रखने या किसी भी प्रकार के अन्य प्रयोजन से अंदर बुलाने का निर्णय न लिया जाए। इसी तरह केन्द्र और राज्यों के मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री भी इस श्रेणी में नहीं आते। वे काउंटिंग हॉल में केवल अभ्यर्थी के रूप में ही जा सकेंगे। आयोग के नये निर्देशों के अनुसार उनकी नियुक्ति निर्वाचन या गणना अभिकर्त्ताओं के रूप में नहीं की जा सकेगी, क्योंकि वे गनमेन की सुरक्षा में होते हैं। इसलिए उन्हें काउंटिंग हॉल में प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा।

माइक्रो आब्जर्वर

गणना व्यवस्था

मतगणना स्थल

51

काउंटिंग हॉल

324

ईवीएम के लिए टेबिल

3255

डाक मतपत्र की टेबिल

500

मतगणना के दौरान पर्यवेक्षक मतों की गणना के संकलन की स्पष्ट स्थिति के बारे में स्वयं को आश्वस्त करेंगे तथा समांतर सत्यापन के लिए प्रत्येक राउंड (चक्र) के अंत में रेण्डम आधार पर 2 ईवीएम का चयन करेंगे। प्रत्येक गणना टेबिल पर वोट की गिनती के उद्देश्य से भारत सरकार का एक अधिकारी 'काउंटिंग' माइक्रो आब्जर्वर के रूप में तैनात होगा। माइक्रो आब्जर्वर जाँच कर यह सुनिश्चित करेगा कि गणना की प्रक्रिया में शुचिता रखी गई है तथा प्रत्येक टेबिल पर परिणामों की सही ढंग से सारणी बना ली गई है। प्रत्येक गणना हाल के लिए पर्यवेक्षक एक अतिरिक्त माइक्रो आब्जर्वर तैनात कर सकेगा। उक्त माइक्रो आब्जर्वर गणना के प्रत्येक राउंड में किन्हीं दो ईवीएम की रेंडम चेकिंग कर पर्यवेक्षक को रिपोर्ट करेगा।

टेबिल पर कैमरा

मतगणना की रिकार्डिंग ईवीएम के प्रदर्शन पटल पर आरंभ से अंत तक लगातार इस प्रकार प्रदर्शित होगी, जिससे रिकार्डिंग आसानी से पढ़ी जा सके। इस वीडियो रिकार्डिंग की सीडी जिला निर्वाचन अधिकारी के पास सुरक्षित रखी जायेगी। प्रत्येक मतगणना टेबिल पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले स्क्रीन (टेलीविजन मॉनीटर) इस तरह स्थापित की जाएगी, जिससे मतगणना अभिकर्ता को स्पष्ट रूप से देखने की सुविधा मिल सके। जब वीडियो केमरा प्रक्रिया की रिकार्डिंग ईवीएम पर प्रदर्शित कर रहा होगा, उसी के साथ-साथ टेलीविजन स्क्रीन पर भी यह कार्यवाही प्रदर्शित हो रही होगी, जिसे मतगणना अभिकर्ता देखकर नोट कर सकेगा।

उम्मीदवारों की उम्र

25-30

321

31-40

833

41-50

770

51-60

178

71 से ज्यादा

24

गणना टेबलों पर अभ्यर्थियों के अभिकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था के प्राथमिकता क्रम में प्रवर्ग में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों के अभ्यर्थी, दूसरे में मान्यता प्राप्त राज्यीय राजनैतिक दलों के अभ्यर्थी, तीसरे में अन्य राज्यों के मान्यता प्राप्त राज्यीय दलों के अभ्यर्थी जिन्हें उस निर्वाचन क्षेत्र में उसके आरक्षित चिन्ह के उपयोग की अनुमति दी गई है। इसके बाद के प्रवर्ग में राष्ट्रीयकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अभ्यर्थी तथा स्वतंत्र अभ्यर्थियों के गणना अभिकर्ता उन मेजों के पास ही बैठेंगे जो उन्हें आवंटित की गई है। उन्हें हॉल में इधर-उधर घूमने की मनाही होगी। अतिरिक्त मतगणना अभिकर्ता बैठकर सारी कार्यवाही देख सकेंगे, लेकिन ऐसा वे टेबिल पर बैठे-बैठे करेंगे। भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए एक व्यक्ति या प्रत्याशी स्वयं अथवा उसका अभिकर्ता वहाँ उपस्थित रहेगा। प्रत्याशी एवं उसके अभिकर्ता को हॉल में घूमने की अनुमति होगी। मतगणना स्थल पर मतगणना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के रख-रखाव के लिए 102 इंजीनियर को तैनात किया गया है। प्रत्येक मतगणना स्थल पर 2-2 इंजीनियर मौजूद रहेंगे।

प्रलय श्रीवास्तव 
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