Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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पत्रकार कल्याण कोष

उद्देश्य- श्रमजीवी पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता सुलभ कराना।

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- पत्रकार कल्याण सहायता राशि से एक वर्ष में परिवार के सदस्य को एक बार ही सहायता दी जा सकेगी। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त प्रमाण और व्यय राशि अथवा संभावित व्यय का समाधान कारक ब्यौरा प्रस्तुत करने पर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम रु. 20,000#- तक सहायता राशि उपलब्ध करायी जा सकेगी। किन्तु एक वित्तीय वर्ष में एक परिवार के सदस्यों को अधिकतम रु. 20,000#- मात्र को ही सहायता राशि स्वीकृति हो सकेगी।

पात्र हितग्राही- मध्यप्रदेश के ऐसे संचार प्रतिनिधि, जिन्हें समिति सहायता के लिए पात्र समझती है और उन पर आश्रित परिवार के सदस्य इस निधि से सहायता पाने के पात्र होगें।

कोई पत्रकार, संवाददाता, फोटोग्राफर, कैमरामैन जो किसी अशासकीय समाचार एजेन्सी, ब्राडकास्ंटिग कंपनी, टेलीविजन चैनल, नेट मीडिया, समाचार पोर्टल आदि का प्रतिनिधित्व करता हो, या उस पर आश्रित सदस्यों को दीर्घ या गंभीर बीमारी या दुर्घटना में आहत होने पर किसी दैवी विपत्तियों से पीड़ित होने पर, सहायता दी जाती है। संचालन प्रतिनिधि के रूप में मध्यप्रदेश में कम से कम तीस वर्ष की सेवा और 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद निराश्रित होने पर वृध्दावस्था में विपन्नता के कारण या प्रतिनिधि की मृत्यु हो जाने पर यदि उस पर आश्रित परिवार के सदस्यों की आजीविका का कोई साधन न हो तो सहायता दी जाती है।

हितग्राही चयन प्रक्रिया- मध्यप्रदेश संचार प्रतिनिधि कल्याण समिति द्वारा पात्र हितग्राही का चयन किया जाता है। समिति में 16 संचार प्रतिनिधि, संचालक जनसंपर्क सदस्य एवं संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता प्रभाग के प्रभारी अपर संचालक, जनसंपर्क सदस्य सचिव होगें।

योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया- सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर संबंधित प्रतिनिधि, अथवा उस पर आश्रित परिवार के सदस्य को आवेदन करना होगा अशक्त होने के कारण सहायता प्राप्त करने के इच्छुक प्रतिनिधि अथवा आश्रितों को निकट से जानने वाले दो पत्रकार उनकी ओर से आवेदन कर सकेंगे। इस आवेदन पत्र पर क्रियाशील समिति के दो सदस्यों की अनुशंसा आवश्यक होगी। प्राप्त आवेदन पत्रों पर समिति द्वारा स्वीकृति की अनुशंसा अंतिम होगी और इसे बाद का विषय नहीं बनाया जा सकेगा।

संपर्क- जिला स्तर पर कलेक्टर, राज्य स्तर पर आयुक्त#संचालक जनंसपर्क।