Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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राष्ट्रीय बायोगैस विकास कार्यक्रम

उद्देश्य- गोबर गैस पर आधारित बायोगैस संयंत्र की स्थापना

योजना का स्वरूप एवं कार्य क्षेत्र- गोबर गैस संयंत्र की स्थापना उन हितग्राही के यहां आसानी से की जा सकती है जिनके पास पर्याप्त मात्रा में पशुधन#गोबर उपलब्ध हो। इस योजना के अंतर्गत संयंत्र की क्षमता के आधार पर रु. 2100 से रु. 3500#- तक का अनुदान हितग्राही को दिया जाता है। हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

पात्र हितग्राही- चयनित विकाखण्डों के सभी हितग्राही। अनुसूचित जाति जन जाति के हितग्राहियों को ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

संपर्क- ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, कृषि विभाग के अधिकारी अथवा ऊर्जा विकास निगम के जिला स्तरीय परियोजना अधिकारी।

गौ-संवर्धन से स्वावलंबन परियोजना

उद्देश्य- गौशालाओं में बायोगैस संयंत्र की स्थापना कर, विद्युत उत्पादन, कुकिंग गैस एवं जैविक खाद की उपलब्धता से गौशालाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में मदद करना।

योजना का स्वरूप एवं कार्य क्षेत्र- गौ संवर्धन बोर्ड में पंजीकृत गौशालाओं में 25,35,45,60 वा 85 घन मीटर क्षमता के बायोगैस संयंत्र की स्थापना की जाती है।

  • गौ संवर्धन बोर्ड में पंजीकृत गौशाला में संयंत्र क्षमता के अनुरूप पशुधन की उपलब्धता तथा पानी व स्वयं की जमीन पर्याप्त मात्रा में होने पर परियोजना की स्थापना हेतु लागत का 90 प्रतिशत मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा तथा 10 प्रतिशत हितग्राही गौशाला द्वारा दिये जाने के उपरांत ही संयंत्र स्थापना की कार्यवाही की जाती है।

संपर्क- मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम भोपाल अथवा गौ-संवर्धन बोर्ड भोपाल।

नि:शुल्क विद्युत प्रदाय

योजना का स्वरूप- इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति व जनजाति के एकलबत्ती उपभोक्ताओं को 25 यूनिट प्रतिमाह तथा एक हेक्टेयर तक की जमीन वाले पाँच हार्सपावर तक के अनुसूचित जाति व जनजाति के कृषि उपभोक्ता लाभान्वित होगें।

हितग्राही चयन प्रक्रिया- हितग्राहियों को उपरोक्त सुविधा सादे कागज पर आवेदन करने व गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने संबंधी सूची में उल्लेखित क्रमांक व अनुसूचित जाति व जनजाति के सदस्य होने का प्रमाण प्रस्तुत करने पर उपलब्ध कराई जाती है।

संपर्क- जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी।