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नि:शक्त छात्रवृत्ति

उद्देश्य- प्रदेश के नि:शक्त छात्रों को शिक्षण प्रशिक्षण के क्षेत्र में आर्थिक रूप से मदद देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना।

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- प्रदेश के सभी वर्ग के नि:शक्त छात्र-छात्राएं जो पूर्व प्राथमिक शाला से स्नातकोत्तर#व्यावसायिक स्नातक परीक्षा में नियमित रूप से शिक्षण प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है उन्हें इस योजना में निम्नानुसार नि:शक्त छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाती है। छात्राओं को प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक स्तर तक रुपये 10#- अतिरिक्त स्वीकृत किया जाता है।

1. राज्य छात्रवृत्ति

प्राथमिक स्तर

रुपये 25 प्रतिमाह

रुपये 30 प्रतिमाह

 

उच्चतर माध्यमिक स्तर

 

रुपये 35 प्रतिमाह

 

-

 

दैनिक

 

छात्रावासी

 

कक्षा 9 से 10,12 और

 

रुपये 85

 

रुपये 140

 

आई.टी.आई.

 

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-

 

बी.ए.,बी.काम., बी.एससी.

 

रुपये 125

 

रुपये 180

 

स्नातकोत्तर और व्यावसायिक

 

रुपये 170

 

रुपये 240

 

स्नातक परीक्षा

 

-

 

-

 

पात्र हितग्राही- 6 से 21 वर्ष आयु के ऐसे नि:शक्तजन जो पूर्व प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक, आई.टी.आई., बी.ए., बी.काम, बी.एससी. स्नातकोत्तर और व्यावसायिक स्नातक परीक्षाएं प्रतिवर्ष लगातार उत्तीर्ण कर रहे हो।

नि:शक्तजन के माता-पिता#अभिभावक की मासिक आय रुपये 2000 से अधिक न हो।

हितग्राही चयन प्रक्रिया- नि:शक्त छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित आवेदक अपनी नि:शक्तता दर्शाते हुए फोटोग्राफ के साथ नि:शक्तता और निवास प्रमाण पत्र तथा आय व निवास प्रमाण पत्र सहित शैक्षणिक संस्था के प्रमुख के माध्यम से। शहरी क्षेत्र के आवेदन पत्र विभागीय जिला अधिकारी पंचायत एवं सामाजिक न्याय को तथा ग्रामीण क्षेत्र के आवेदन पत्र मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को प्रेषित किये जाये। सक्षम अधिकारी द्वारा परीक्षण के बाद छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाती है।

संपर्क- शैक्षणिक संस्था प्रमुख, विकास खण्ड स्तर पर पंचायत एवं समाज शिक्षा संगठक, जिला स्तर पर संयुक्त संचालक#उप संचालक, पंचायत एवं सामाजिक न्याय, राज्य स्तर पर आयुक्त, पंचायत एवं सामाजिक न्याय, म.प्र.।

नि:शक्त व्यक्तियों को विशेष साधन#उपकरण देना

उद्देश्य- अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित नि:शक्त व्यक्तियों को शारीरिक दोष दूर करने के लिए विशेष साधन#उपकरण प्रदाय करना।

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- इस योजना में प्रदेश के अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, नि:शक्त व्यक्तियों को नि:शक्तता के आधार पर और विशेषज्ञ की सलाह से कैलीपर्स, आर्थोपैडिक जूते, बैसाखी, ट्रायसिकल, व्हील चेअर, छड़ी, और श्रवण यंत्र आदि उपकरण#साधन उपलब्ध कराये जाते है।

पात्र हितग्राही-

1. ऐसे हितग्राही छात्र-छात्राएं जो पहली कक्षा से स्नातक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हो और जिनकी आयु 6 से 25 वर्ष के बीच हो।
2. जिनके माता#पिता#अभिभावक की मासिक आय रुपये 2000 से अधिक न हो।
3. 16 वर्ष से 55 वर्ष की उम्र के बीच के नि:शक्त व्यक्ति जिन्हें अपना काम पूरा करने के लिए विशेष साधन#उपकरण की आवश्यकता हो और वे स्वयं इसको खरीदने में समर्थ न हो, उनको ही विशेष साधन उपलब्ध कराये जाते है।

हितग्राही चयन प्रक्रिया- जिलास्तर या तहसील स्तर पर या अन्य शिविरों के माध्यम से विशेषज्ञ द्वारा परीक्षण कराकर उनके लिए सुझाए गये कृत्रिम अंग#उपकरण उपलब्ध कराये जाते है।
संपर्क- जिला कार्यालय, पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना
(राष्ट्रीय वृध्दावस्था पेंशन समाहित)

उद्देश्य- निराश्रित व्यक्तियों को जीविकोपार्जन के लिए आर्थिक सहायता पहुंचाना।

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के निवासी निम्नांकित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है-

1. 60 वर्ष एवं अधिक आयु के निराश्रित वृध्द व्यक्ति।
2. 18 वर्ष एवं अधिक आयु की निराश्रित विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं।
3. 6 से 14 वर्ष आयु के स्कूल जाने वाले नि:शक्त बच्चे। यह बच्चे गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के अथवा निराश्रित होना चाहिए।
4. 14 वर्ष एवं अधिक आयु के निराश्रित नि:शक्त व्यक्ति।

यह योजना संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू है। इस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 65 वर्ष से कम उम्र के हितग्राहियों को रु. 150#- प्रतिमाह पेंशन देने का प्रावधान है। 65 वर्ष से अधिक आयु के हितग्राहियों को रु. 275- की मासिक दर से पेंशन का भुगतान किया जाता है।

पेंशन राशि एवं भुगतान की प्रक्रिया- पेंशन राशि का भुगतान बैंक#पोस्ट आफिस में हितग्राहियों के नाम से खोले गये खातों के माध्यम से किया जाता है। इसके अतिरिक्त मनीऑर्डर से हितग्राही के निवास स्थान पर पेंशन भेजने की व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राहियों द्वारा नगद पेंशन राशि का विकल्प देने पर ग्राम पंचायत#ग्राम सभा के माध्यम से नगद पेंशन राशि भुगतान करने की भी व्यवस्था है।

संपर्क- ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, स्थानीय नगरीय निकाय, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला उप संचालक, पंचायत एवं सामाजिक न्याय।

राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना

उद्देश्य- इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के ऐसे सदस्य जिसकी आयु 18 से अधिक तथा 65 वर्ष से कम हो तथा जिसकी कमाई से ही परिवार का अधिकांश गुजारा चलता है, की मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान करना। सहायता राशि रु. 10,000 एकमुश्त।

हितग्राही चयन प्रक्रिया- व्यक्ति जो पात्रता संबंधी अर्हताओं की पूर्ति करता है। निर्धारित प्रारूप में आवश्यक प्रमाण पत्रों सहित आवेदन भरकर ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर पालिका#नगर निगम#नगर पंचायत में जमा करेंगे। हितग्राही का चयन ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम सभा तथा शहरी क्षेत्र में नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा।

संपर्क- ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, स्थानीय नगरीय निकाय, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला उप संचालक, पंचायत एवं सामाजिक न्याय।

दीनदयाल अन्तोदय मिशन
(मुख्यमंत्री कन्यादान योजना)

उद्देश्य- मध्यप्रदेश शासन द्वारा गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित#निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या#विधवा#परित्यक्ता के सामूहिक विवाह, के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना।

योजना का विस्तार- इस योजना का विस्तार संपूर्ण मध्यप्रदेश में होगा।

पात्रता की शर्तें

1. मध्यप्रदेश का निवासी हो तथा परिवार मध्यप्रदेश में निवासरत हो।
2. निराश्रित एवं निर्धन परिवार की कन्या#विधवा#परित्यक्ता ने विवाह के लिए निर्धारित आयु पूर्ण कर ली हो।

सहायता राशि- प्रति आवेदक के मान से रुपये 5,000#- केवल कन्या की गृहस्थी की व्यवस्था#स्थापना हेतु तथा इसके अतिरिक्त प्रति आवेदक रुपये 1000#- सामूहिक विवाह आयोजन के खर्चों की प्रतिपूर्ति के लिए प्रायोजक को राशि उपलब्ध कराई जायेगी।

चयन समिति- जिला स्तर पर दीनदयाल अन्त्योदय मिशन की एक कार्यकारिणी समिति होगी जिसके द्वारा आवेदकों का चयन किया जायेगा।

संपर्क- जिला कार्यालय पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग।

विवेकानंद समूह बीमा योजना

उद्देश्य- गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों में प्राकृतिक आपदा#दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु अथवा शारीरिक अशक्तता से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- राज्य से सभी गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों का प्राकृतिक आपदा#दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु अथवा शारीरिक अशक्तता का बीमा करवाया गया है। योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों के 18 से 65 वर्ष आयु समूह के व्यक्ति की प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटना के कारण मृत्यु होती है अथवा नि:शक्तता होने पर बीमा कंपनी द्वारा बीमित राशि देय है। दुर्घटना में मृत्यु होने#स्थाई विकलांगता #दो अंगों की क्षति पर रु. 50000#- एक अंक की क्षति पर रु. 25000#- की राशि दी जाती है। योजना कार्यक्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश है।

संपर्क- सरपंच , ग्राम पंचायत , मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत , परियोजना अधिकारी , शहरी विकास अभिकरण , आयुक्त नगर निगम # मुख्य नगर पालिका अधिकारी # नगर पालिका # नगर पंचायत।