Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
 

बालाघाट जिले के किरनापुर विकासखंड के ग्राम डूडवा (कान्द्रीकला) के किसान श्यामराज भाजीपाले अपनी खेती की जमीन 5 एकड़ में परम्परागत रूप से धान खेती करते आ रहे हैं। जब उन्हें लगा कि केले की फसल में ज्यादा मुनाफा है तो उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों से सलाह लेकर उन्नत प्रजाति के केले की फसल लेना प्रारंभ किया।

जिला कलेक्टर ने कुछ दिन पहले किरनापुर क्षेत्र के भ्रमण के दौरान श्यामराज के खेत में केले की फसल को देखा। उन्होंने श्यामराज से कहा कि वे दूसरे किसानों को भी केले की फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। श्यामराज को केले की फसल से इस वर्ष 2 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। श्यामराज ने बताया कि उसकी दो एकड़ की खेती में खरीफ के सीजन में 40 क्विंटल और रबी के सीजन में 60 क्विंटल धान की फसल प्राप्त हो जाती है।

उद्यानिकी विभाग द्वारा बालाघाट जिले में केले की फसल के लिए बैनगंगा, बाघ एवं बावनथड़ी नदी के किनारे के ग्रामों को केले की खेती को उपयुक्त बताया गया है। विभाग द्वारा जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम बापड़ी, मोहझरी और खैरलांजी विकासखंड के ग्राम मोवाड़ में किसानों को केले की फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए रोपण करवाया गया है।

वीरेन्द्र सिंह गौर