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बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विशेष पैकेज के अंतर्गत डेयरी गतिविधियों को संचालित किये जाने से दूध उत्पादकों में पशुपालन के प्रति रूचि बढ़ती जा रही है। पशुपालक दूध व्यवसाय के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। दूध उत्पादकों द्वारा हालांकि दूध उत्पादन पूर्व से किया जा रहा था किंतु दूध का मूल्य 15-17 रुपये प्रति लीटर ही प्राप्त होता था। अब बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज के कारण तस्वीर तेजी से बदल रही है।

सागर जिले में बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज अंतर्गत दुग्ध सहकारी समितियों के गठन का कार्यक्रम प्रारंभ होने तथा नरयावली में दुग्ध समिति गठित होने से दूध उत्पादकों द्वारा रूचि दिखाई जा रही है। नरयावली के अनिल सोनी एवं भागीरथ सोनी पूर्व में मात्र 3 दुधारू पशु रखते थे, जिनसे 5 लीटर दूध प्रतिदिन होता था। वर्तमान में इनके पास 13 दुधारू पशु हैं एवं 20 लीटर प्रतिदिन दूध प्राप्त हो रहा है। पहले दूध निजी व्यापारी द्वारा 18 रुपये लीटर प्रतिदिन क्रय किया जाता था, वर्तमान में इन्हें दुग्ध समिति से 24 रुपये प्रति लीटर दूध का मूल्य प्राप्त हो रहा है। इस प्रकार उन्हें दूध उत्पादन से प्रतिदिन 310 रुपये की आय प्राप्त हो रही है।

अनिल और भागीरथ ने बताया कि वे समिति के गठन से ही उससे जुड़े हुए हैं। उनके द्वारा एक लाख 96 हजार 800 रुपये का दूध विक्रय किया जा चुका है। दूध विक्रय से इन्हें पशुपालन में रूचि जागृत हुई है। अब उन्हें अन्य आकस्मिक व्ययों की पूर्ति के लिए सहायता भी प्राप्त हो रही है। अनिल सोनी और अधिक पशुपालन के इच्छुक है। वे अन्य ग्रामीणों को भी पशुपालन की सलाह देते हैं।

प्रलय श्रीवास्तव