Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

श्री उमाशंकर गुप्ता

जीवन परिचय

श्री उमाशंकर गुप्ता का जन्म 24 जून 1952 को सागर में हुआ। स्व. श्री गोपीकिशन गुप्ता के पुत्र श्री उमाशंकर गुप्ता एम.कॉम तक शिक्षा प्राप्त हैं। श्री गुप्ता का संबंध व्यापार-व्यवसाय है। अध्ययन और भ्रमण में उनकी विशेष रूचि है।

श्री गुप्ता ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य के रूप में की। उन्होंने बाद में स्टेण्डर्ड पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालय की स्थापना भोपाल में की। किशोरावस्था से ही श्री गुप्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गये। वे भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री (भोपाल) रहे। वे भारतीय जनता पार्टी नगरीय विकास प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक भी रहे। श्री गुप्ता 1991 में म.प्र. नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष बने। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने अन्नदूत योजना और घर पहुँच सेवा आदि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

श्री गुप्ता 1995 से 1999 तक भोपाल के महापौर रहे। उन्होंने भोपाल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने नगर के प्रत्येक वार्ड एवं धार्मिक स्थल के आसपास निरंतर सफाई एवं पानी की व्यवस्था करवाई तथा नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से जोन एवं वार्ड कार्यालय स्थापित करवाकर नगर निगम की जटिल कार्यप्रणाली को सरल बनाया। उन्होंने भोपाल में नर्मदा जल लाने के कारगर प्रयास किये। श्री गुप्ता 1998 में ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स, नई दिल्ली के अध्यक्ष बने। उनकी पहचान हमेशा एक जुझारू कार्यकर्ता के रूप में रही।

श्री उमाशंकर गुप्ता 2003 में पहली बार भोपाल दक्षिण से विधायक निर्वाचित हुये। वे अगस्त 2004 से नवम्बर 2005 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर के मंत्रिमण्डल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), परिवहन, उच्च शिक्षा एवं गेस त्रासदी रहे। वे दिसंबर 2008 में पुनः विधायक निर्वाचित हुये।

श्री गुप्ता ने कनाडा, जर्मनी, जापान, श्रीलंका और नेपाल की अध्ययन यात्राएँ की।

श्री गुप्ता को 28 अक्टूबर 2009 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमण्डल में केबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया।

श्री उमाशंकर गुप्ता भोपाल दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से चतुर्दश विधानसभा के सदस्य चुने गये। उन्होंने 21 दिसम्बर, 2013 को केबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।