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माननीय सदस्यगण,

1. विधानसभा के इस सत्र में मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। अत्यंत हर्ष का विषय है कि मेरी सरकार ने गत वर्ष प्रदेश और प्रदेश से बाहर स्वर्ण जयंती कार्यक्रमों का आयोजन कर विगत 50 वर्षों की उपलब्धियों एवं कार्यकलापों को रेखांकित किया। यह भी प्रसन्नता का विषय है कि इस अवधि में महामहिम राष्ट्रपति जी ने भी विधान सभा सदस्यों को संबोधित किया। उनके द्वारा जिन बिंदुओं पर संकेत दिये गये, उन पर मेरी सरकार तेजी से अमल कर रही है। यह भी गौरव की बात है कि अधोसंरचना विकास में तीव्रगति से काम करने के लिए महामहिम राष्ट्रपति जी के हाथों प्रदेश पुरस्कृत हुआ है।

2. मेरी सरकार ने विगत वर्षों में सड़क निर्माण और सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पिछले तीन वर्षो में 22 हजार किलोमीटर लम्बी सड़कें बनायी गई हैं। वर्तमान में औसतन 19 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रतिदिन किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में 5000 से अधिक गांव पक्की सड़कों से जोड़े गए हैं। परिणामस्वरूप ग्रामीण उत्पादों को शहरों में लाने में सुविधा हुई है और सामाजिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

3. मेरी सरकार द्वारा प्रदेश में बिजली प्रदाय की गुणवत्ता और अवधि में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दिसंबर 2006 में 6109 मेगावाट की अधिकतम मांग की पूर्ति की गई, जो प्रदेश के इतिहास में अभी तक सर्वाधिक है। इस वित्तीय वर्ष में दिसंबर 2006 तक 24 हजार 132 मिलियन यूनिट बिजली प्रदाय की गई है। औद्योगिक उपभोक्ताओं को जहां 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, वहीं चालू रबी में कृषि क्षेत्रों को 3 फेज पर 10 घंटे तक विद्युत आपूर्ति की गई है। बाणसागर, टोंस एवं मड़ीखेड़ा जल विद्युत परियोजनाओं की दो-दो इकाईयों को क्रियाशील कर 60 मेगावाट उत्पादन क्षमता में वृद्धि की गई है। विगत तीन वर्षों में ट्रान्समिशन प्रणाली की क्षमता में 43 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस वर्ष गैरपारंपरिक ऊर्जा स्त्रोतों से विद्युत उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति भी घोषित की गई है।

4. मेरी सरकार ने सिंचाई की योजनाओं को तेजी से पूर्ण कर सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया है। सिंचाई प्रतिशत 39 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में कारगर उपाय किये जा रहे हैं। दसवीं पंचवर्षीय योजना अवधि में तीन लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य था जिसके परिप्रेक्ष्य में विभिन्न परियोजनाओं को पूर्ण कर योजना अवधि के अंतिम वर्ष तक 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। यह निर्धारित लक्ष्य से 17.6 प्रतिशत अधिक है।

5. नर्मदा घाटी में विकसित की जा रही सिंचाई योजनाएं इससे अतिरिक्त हैं। मेरी सरकार ने इनमें से अब तक पूर्ण की गई पांच परियोजनाओं से 3 लाख 73 हजार 5 सौ हेक्टेयर सिंचाई क्षमता के लिये बांध निर्माण पूर्ण किया है। इनके अतिरिक्त छ: निर्माणाधीन योजनाओं के अंतर्गत मार्च 2007 तक 1 लाख 73 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता निर्मित की जा रही है। अगले वर्ष मार्च 2008 तक यह क्षमता बढकर 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर हो जावेगी। मेरी सरकार ने नर्मदा घाटी के जल विद्युत संसाधन के दोहन की दिशा में इंदिरा सागर से 1000 मेगावाट की उत्पादन क्षमता लक्ष्य से एक वर्ष पूर्व निर्मित की है। मार्च 2006 तक कुल 1701 मेगावाट क्षमता निर्मित हो गई है, जिसमें सरदार सरोवर से 598 मेगावाट क्षमता की उपलब्धता भी शामिल हैं। मार्च 2007 तक नर्मदा घाटी में विद्युत उत्पादन क्षमता 1939 मेगावाट हो जायेगी। ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना निर्धारित समय से एक वर्ष पूर्व सितंबर 2007 में पूर्ण हो जावेगी, जिससे 520 मेगावाट क्षमता की वृद्धि होगी। इस प्रकार नर्मदा घाटी की अनुमानित 3244 मेगावाट क्षमता के विरूद्ध मार्च 2008 तक 2474 मेगावाट क्षमता निर्मित हो जावेगी।

6. मुझे सदन को अवगत कराते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि इस वर्ष 104.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की बोनी की गई जबकि प्रदेश में खरीफ फसलों का सामान्य क्षेत्र 102.27 लाख हेक्टेयर है। उसी प्रकार रबी फसलों का क्षेत्र 88.69 लाख हेक्टेयर है जिसके विरूद्ध 89.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बोनी की गई है। कृषि को विकसित करने तथा किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सिफारिशें प्राप्त करने के उद्देश्य से किसान आयोग का गठन किया गया है। मेरी सरकार की पहल पर प्रत्येक जिले में एक सप्ताह के लिए 'किसान रथ' का आयोजन कर कृषि क्षेत्र की नयी योजनाओं से किसानों को अवगत कराया गया है। कृषकों के लिये मेरी सरकार ने खेत तालाब योजना प्रारंभ की है। इस योजना के अंतर्गत कृषकों को 50 प्रतिशत और अधिकतम 16 हजार 350 रूपये अनुदान के रूप में दिये जाने का प्रावधान है। बलराम तालाब योजना के अंतर्गत कृषकों को बड़ा तालाब बनाने के लिए 50 हजार रूपये तक अनुदान दिया जायेगा। मेरी सरकार जल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। जल संवर्धन कार्यक्रम को जनता का कार्यक्रम बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 'जल अभिषेक अभियान' चलाया गया। इस अभियान में समयबद्ध कार्यान्वयन हेतु पांच लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के लिए 2900 करोड़ रूपये की योजना स्वीकृत की गई है। इस पर 1158 करोड़ रूपये के व्यय से 3 लाख कार्य पूरे हो गये हैं। इस कार्यक्रम में 117 करोड़ रूपये की जन भागीदारी योजना में जनता के विश्वास का प्रतीक है। मेरी सरकार ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं संतुलन बनाये रखने की दिशा में हरियाली महोत्सव का आयोजन भी किया है जिसके अंतर्गत जनसहयोग से प्रदेश भर में 7 करोड़ 14 लाख पौधे रोपे गए।

7. मेरी सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में सहकारी संस्थाओं से किसानों को दिए जाने वाले फसल ऋण की ब्याज दर घटाकर 7 प्रतिशत कर दी है। किसानों की सुविधा के लिये 10 लाख रूपये तक के कृषि ऋण पर स्टाम्प ड्यूटी समाप्त कर दी गई है। किसानों को नोड्यूज प्रमाणपत्र लेने में भी कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

8. मेरी सरकार की पहल पर किसानों द्वारा फलों एवं साग सब्जी के उत्पादन में वृद्धि को प्रोत्साहित किया गया है। बाड़ी कार्यक्रम के अंतर्गत अभी तक किसानों को 31 लाख से अधिक बीज पैकेट वितरित किये गये हैं। मसाला उत्पादन, पुष्प उत्पादन, औषधीय तथा सुगंधित फसलों के विकास, संकर मिर्च उत्पादन आदि कार्यक्रमों को हाथ में लिया गया है।

9. मेरी सरकार ने ग्रामोद्योगों को विकसित कर उनके विक्रय एवं निर्यात के भी विशेष प्रयास किये हैं। प्रदेश में हाथकरघा, हस्तशिल्प एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को और विकसित एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फैशन टेक्नालाजी, एपेरल ट्रेनिंग व डिजाइन सेंटर, भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय, नेशनल कांउसिल फार जूट डाईवर्सिफिकेशन से सहयोग लिया जा रहा है।

10 मेरी सरकार ने ग्रामीण विकास की योजनाओं को कार्यरूप में परिणत करने के लिए विशेष प्रयास किये जिसके फलस्वरूप ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में मध्यप्रदेश ने संपूर्ण देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान कायम की है। इस योजना के तहत 44 लाख 24 हजार परिवारों को जॉब कार्ड दिए गए तथा उनकी मांग के अनुसार 23 लाख 39 हजार वयस्कों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत 10 अत्यंत पिछड़े जिलों में कुल 9 हजार 95 कार्य पूर्ण किए गए हैं।

11. मेरी सरकार ने प्राथमिक शिक्षा के लोकव्यापीकरण और विद्यार्थियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने हेतु मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित किया है। विद्यार्थियों को अब 450 केलोरी तथा 15 ग्राम प्रोटीनयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में 94 हजार 905 शालाओं में दर्ज 88.92 लाख विद्यार्थी रूचिकर और पौष्टिक भोजन प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की शालाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन का नतीजा है। इस वर्ष कक्षा एक से आठ तक 1.12 करोड़ बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित की गई, जबकि 51.36 लाख बालिकाओं को नि:शुल्क यूनीफार्म वितरित की गई। इस वर्ष 70 हजार बालिकाओं को नि:शुल्क सायकिल वितरण भी किया गया। 35 हजार 62 संविदा शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। प्रदेश की सभी 81हजार 335 प्राथमिक शालाओं को भवन उपलब्ध करा दिये गये हैं। वर्ष 2006-07 में 2 हजार 284 शालाओं के लिये भवन स्वीकृत होने के पश्चात कोई भी शासकीय प्राथमिक शाला, भवन विहीन नहीं है। प्रदेश में कुल 24 हजार 293 माध्यमिक शालायें विद्यमान है । वर्ष 2006-07 में 8 हजार 17 भवन विहीन माध्यमिक शालाओं के लिये भवन स्वीकृत किये गये। इसके पश्चात 3 हजार 518 माध्यमिक शालायें, भवन विहीन शेष हैं जिनको वर्ष 2007-08 में भवन उपलब्ध करा दिये जायेंगे। मेरी सरकार शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में नैतिक शिक्षा पर और अधिक बल देगी। हिन्दी, सामाजिक अध्ययन एवं पर्यावरण अध्ययन की पाठ्य पुस्तकों में नैतिक मूल्यों के विकास के लिए पाठ्य सामग्री जोड़ने एवं शिक्षक गाईड विकसित करने की योजना है। इस क्रम से अभी तक कक्षा एक से आठवीं तक के पाठ्यक्रम का निर्माण पूर्ण हो गया है। कक्षा एक, तीन और छ: की पाठ्य पुस्तकों का निर्माण प्रगति पर है। इसी प्रकार नैतिक शिक्षा, आदिवासी संस्कृति एवं कृषि पर सामग्री का समावेश भी कक्षा एक से आठवीं की पुस्तकों में किया जा चुका है।

12. मेरी सरकार द्वारा ग्रामीण कौशल को रोजगार-उन्मुख और जनजीवन को बेहतर बनाने के कार्य भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, डी.पी.आई.पी. तथा मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका परियोजना में अब तक 3 लाख 7 हजार स्व-सहायता समूह गठित हो चुके हैं, जिनके द्वारा रूपये 98.51 करोड़ की राशि संचित की जा चुकी है। ग्रामीण गरीबों को आजीविका के लिए वित्तीय सहायता की दृष्टि से यह प्रयास अनूठा है।

13. मेरी सरकार ने प्रदेश की जैव विविधता संरक्षण के कार्यों के लिए प्रयास किए हैं। जैव विविधता संरक्षण में स्थानीय निकायों की भागीदारी प्राप्त करने के लिये सभी जिलों में जिला, जनपद पंचायत, नगर निगम तथा नगरपालिका स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है और उनके सुचारू कार्य संचालन के लिए धनराशि भी दी गई है।

14. मेरी सरकार द्वारा शासकीय सेवकों की वेतन विसंगतियों के समग्र रूप से निराकरण के लिए आदेश जारी कर दिये गये हैं। अनुकंपा नियुक्ति की नीति का सरलीकरण किया गया है। बेहतर शासन तथा प्रशासन देने के उद्देश्य से विचार-विमर्श हेतु राज्य स्तरीय कार्यशाला मंथन-2007 आयोजित की गई।

15. मेरी सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना शुरू की है जिसमें अभी तक दस हजार से अधिक विवाह सम्पन्न कराये गये हैं। गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को प्राकृतिक आपदा तथा दुर्घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए विवेकानंद समूह बीमा योजना लागू की है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में बाल कल्याण समिति के गठन की कार्रवाई शुरू की गई है। यह समिति किशोर न्याय अधिनियम 2000 के अंतर्गत विधि का उल्लंघन करने वाले किशारों की देखरेख करेगी। नि:शक्त व्यक्तियों के शारीरिक एवं मानसिक पुनर्वास हेतु उत्थान अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

16. मेरी सरकार द्वारा प्रदेश में प्रथम राज्य महिला हॉकी अकादमी तथा प्रथम नेशनल सेलिंग स्कूल की स्थापना की गयी है। मलखंभ को राज्य खेल का दर्जा दिया गया है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण दिलाने के लिए कम्प्यूटर एनीमेशन तथा ट्रेवल एंड टूरिज्म प्रशिक्षण शुरू किया गया है। आदिवासी क्षेत्रों में आदिवासी ग्रामीण युवा केन्द्र के सुदृढ़ीकरण की एक महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की गयी है। ग्रामीण युवकों में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना विकास के लिए विकास खंड स्तर पर ग्रामीण युवा केन्द्र की स्थापना की जा रही है। मेरी सरकार द्वारा शूटिंग, घुड़सवारी, मार्शल आर्ट, वाटर स्पोर्टस, पुरूष हॉकी अकादमी तथा खेल ग्राम स्थापित करने का निर्णय लिया है तथा इसके अतिरिक्त 4000 से 5000 तक की आबादी वाले गॉवों में खेल मैदान निर्माण एवं उन पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति का कार्य भी करेगी।

17. मेरी सरकार ने पशु संरक्षण और संवर्धन कार्यों में गति लाते हुए रीवा जिले में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की कार्रवाई पूर्ण की है। इसमें जुलाई 2007 से शिक्षण कार्य भी शुरू हो जाएगा। प्रदेश में डेयरी विकास गतिविधियों के अंतर्गत दुग्ध संघों के सम्मिलित संचालन लाभ में 235 प्रतिशत वृद्धि होने से संघों को पहली बार साढ़े चार करोड़ रूपए का लाभ हुआ है। दुग्ध उत्पादकों के लिए बीमारी सहायता योजना 'सांची आरोग्य' लागू की गई है।

18. सरकार ने 26 जनवरी 2001 के बाद पैदा होने वाली तीसरी संतान पर पंचायत पदाधिकारियों के अयोग्य होने संबंधी प्रावधान को समाप्त कर दिया है। पंचायत कर्मियों की मानदेय राशि और मासिक यात्रा भत्ता में वृद्धि की गई है।

19. मेरी सरकार ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के कार्य किये हैं। प्रदेश में आठ नवीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थायें शुरू की गई हैं। इसके अतिरिक्त इस वर्ष तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत निजी क्षेत्र में 17 इंजीनियरिंग महाविद्यालय, एक बी आर्क, तीन एम.बी.ए. संस्थाएं, एक एम.सी.ए. की नवीन संस्था, 14 फार्मेसी संस्थाएं और पूर्व से संचालित संस्थाओं में 18 एम.बी.ए. एवं 11 एम.सी.ए. संस्थाओं में नए पाठ्यक्रम शुरू हुए है। इस वर्ष 26 और आई.टी.आई. में रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना शुरू की गई है। प्रदेश के 7 महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी, नई दिल्ली के सहयोग से फैशन टेक्नॉलाजी में डिप्लोमा पाठ्यक्रम तथा 19 पॉलीटेक्निकों में कम्प्यूटर सांइस एवं इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए गए हैं। एकलव्य और डॉ. अम्बेडकर पॉलीटेक्नीक महाविद्यालय योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा प्रदान करने की दृष्टि से प्रदेश के चार विद्यमान पॉलीटेक्नीक महाविद्यालयों को उनके लिए आरक्षित कर दिया है। निर्माण उद्योग में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री डेवलेपमेंट कांउसिल (सी.आई.डी.सी.) का सहयोग 16 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में लिया जा रहा है।

20. मेरी सरकार ने गांव की बेटी योजना में 2 करोड़ से अधिक की राशि व्यय कर 2 हजार 684 छात्राओं को लाभान्वित किया है। शासकीय महाविद्यालयों की आधारभूत संरचना के अंतर्गत 17 शासकीय महाविद्यालयों के भवनों का निर्माण इस वर्ष पूर्ण किया गया है। इस प्रकार प्रदेश के 218 महाविद्यालयों के पास स्वयं के भवन हो गए हैं।

21. मेरी सरकार मछुआरों की जीवन सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण के लिए 2007-08 में जनश्री बीमा योजना लागू करेगी। प्रदेश की नदियों में जैव विविधता संरक्षण और मछुआरों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नदीय समृद्धि योजना भी शुरू की है।

22. मेरी सरकार ने आदिवासी विकास खंड़ों में सभी वर्गों के लिये वन्या ऑयोडीन युक्त नमक का एक रूपया प्रति किलो की दर से वितरण प्रारंभ कर दिया है।

23. मेरी सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों की 23 तहसीलों का ग्रामवार पुरातत्वीय सर्वेक्षण का कार्य किया है। प्रदेश में अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद जन्मशती वर्ष समारोह के अंतर्गत विविध आयोजनों के साथ ही उनकी जन्मस्थली भाबरा जिला झाबुआ में आजाद स्मृति मंदिर का निर्माण आरम्भ किया जा रहा है। इसके साथ ही इलाहाबाद से भाबरा तक आजाद संदेश यात्रा भी निकाली गई है। इसी क्रम में जंगल सत्याग्रह के 75 वर्ष और सन 1857 के मुक्ति संग्राम के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर समारोह पूर्वक आयोजन किए जाएंगे। अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के नाम पर डेढ़ लाख रूपए का पुरस्कार भी स्थापित किया गया है।

24. मेरी सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नई नीति अप्रेल 2006 में जारी कर निवेशकों को आकर्षित किया है। इस क्षेत्र की प्रख्यात कंपनियां भोपाल में आई.टी. केन्द्र स्थापित करने जा रही है। आई.टी. के माध्यम से जन सुविधाएं प्रदाय करने के लिए एमपीऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा चुका है। ई-टेंडरिंग की व्यवस्था प्रदेश में माह फरवरी से लागू की गई है। भोपाल में आयोजित नेशनल ई-गवर्नेंस कांफ्रेस में शासन के ट्रेजरी इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट को गोल्डन आइकॉन पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

25. भोपाल, इंदौर और जबलपुर शहरों के समग्र विकास के लिए जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन के अंतर्गत पेयजल प्रदाय योजना, सीवेज सिस्टम, शहरी यातायात, शहरी गरीबों के लिए आवास एवं अन्य अधोसंरचनात्मक विकास की 29 परियोजनाएं जिनकी लागत 1404 करोड़ रूपए है, स्वीकृत हुई है। इस योजना में प्रदेश के तीन मुख्य शहरों भोपाल, इंदौर और जबलपुर में 22741 आवासों के निर्माण की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। उज्जैन को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

26. मेरी सरकार द्वारा इस वर्ष तेन्दू पत्ता संग्रहण की दर रूपये 400/- प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर रूपये 450/- प्रति मानक बोरा निर्धारित की जा रही है । इसके साथ ही प्रदेश के कुल 927 वनग्रामों में से 827 आबाद वनग्रामों के विकास के लिये तीन चरणों में कुल 125 करोड़ रूपये व्यय किये जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा एक स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से कराए गए सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश की बाघ परियोजनाओं का स्थान क्रियान्वयन के हिसाब से देश की सभी परियोजनाओं में विशिष्ट रहा है।

27. मेरी सरकार ने बंदियों को शीघ्र न्याय दिलाने के उद्देश्य से चार केन्द्रीय जेलों भोपाल, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में न्यायालयों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग सुविधा उपलब्ध करायी है। शेष उज्जैन, सतना, सागर और जिला जेल इंदौर में वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश की जेलों में निरूद्ध बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण अभियान चला कर 82 हजार से अधिक बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।

28. मेरी सरकार ने राजस्व प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया है। प्राकृतिक प्रकोपों से हुई फसल क्षति जनहानि, पशु हानि एवं अन्य क्षतियों के लिये आर्थिक सहायता का दायरा बढ़ाया गया है। फसल बीमा के लिये पटवारी हल्के को इकाई बनाया गया है।

29. मेरी सरकार द्वारा आदिवासी छात्रावास और आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की वर्तमान शिष्यवृत्ति दर बढ़ाकर 500 और कन्याओं के लिये 525 रूपये प्रति माह करने का निर्णय लिया है। कक्षा 9 वीं और 10 वीं के अध्ययनरत विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति दो गुनी की जाएगी। कन्या साक्षरता प्रोत्साहन की राशि 2 हजार से बढ़ाकर तीन हजार रूपए की जाएगी। मेरी सरकार ने महिला रचनात्मकता और प्रशासकीय नेतृत्व के लिये दो लाख रूपये का रानी दुर्गावती पुरस्कार और आदिवासी कलासृजन के लिये शंकरशाह रघुनाथशाह पुरस्कार भी घोषित किया है। दो लाख रूपये का ही एक अन्य पुरस्कार आदिवासी समाज सेवा के लिये ठक्कर बापा के नाम से घोषित किया है जबकि एक लाख रूपये का टंट्या भील पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ आदिवासी खिलाड़ी को दिया जायेगा।

30. मेरी सरकार ने प्रदेश के सभी गैर आदिवासी विधान सभा क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के सामाजिक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 189 डॉ. अम्बेडकर मांगलिक भवन बनाने का निर्णय लिया है। अनुसूचित जाति के बालक-बालिकाओं की शिक्षा के लिए अनुसूचित जाति बहुल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 60 नवीन छात्रावास खोले जाएंगे। मेधावी छात्र-छात्राओं हेतु 07 संभागीय मुख्यालयों में संचालित आवासीय विद्यालयों के भवन निर्मित किये जा रहे हैं। प्रत्येक भवन की लागत 3 करोड़ 94 लाख रूपए है। 89 आदिवासी विकास खंड़ों में सामुदायिक भवन बनाएं जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक की लागत 24.50 लाख रूपये होगी। अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति की दरों में भी वृद्धि की जा रही है।

31. मेरी सरकार ने प्रदेश में विदेशी निवेश और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक सुविचारित कार्य योजना के तहत ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट 2007 डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश का आयोजन किया है। इसके तहत देश के महानगरों में और अन्य महत्वपूर्ण देशों के औद्योगिक नगरों में रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। इसी संदर्भ में उद्योग सलाहकार परिषद का गठन किया गया है जिसकी प्रथम बैठक खजुराहो में आयोजित की गई। श्रृंखला की अंतिम कड़ी के रूप में ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट अक्टूबर 2007 में प्रस्तावित है।

32. मेरी सरकार ने पवई जिला पन्ना, बिजावर जिला छतरपुर, अम्बाह और जौरा जिला मुरैना एवं बैढन जिला सीधी में अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश के न्यायालय स्थापित किए हैं। विधिक सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से 3 लाख 40 हजार 732 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है।

33. प्रदेश वक्फ बोर्ड के द्वारा मस्जिदों के रख रखाव एवं निर्धनों की सहायता के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मस्जिदों, चर्चों एवं दरगाहों की मरम्मत के लिए भी सहायता अनुदान स्वीकृत किया गया है।

34. मेरी सरकार सभी आदिवासी विकास खंड़ों में चलित औषधालय प्रारम्भ करेगी। राज्य औषधि नीति में कम मूल्य पर उच्च गुणवत्ता की औषधियां उपलब्ध हो, इसके प्रयास किये गये है। ग्वालियर में जिला चिकित्सालय की स्थापना की गई हैं। दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजना का विस्तार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सभी परिवारों के लिए किया गया है। इसी प्रकार विजयाराजे जननी बीमा कल्याण योजना के माध्यम से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को नगद प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

35. मेरी सरकार द्वारा बालिकाओं के जीवन स्तर में सुधार, उनके जन्म के प्रति सामान्य जनता में सकारात्मक सोच उत्पन्न करने, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने तथा उनके बेहतर भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारम्भ करने का निश्चय किया गया है। इस योजना के अंतर्गत एक निश्चित राशि बालिका के पक्ष में जमा करने का प्रावधान होगा। प्रदेश में 35 वर्ष बाद आंगन बाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार व्यवस्था के स्वरूप को परिवर्तित करने की पहल की गई है। खाद्य आहार को रूचिकर बनाने तथा उन्नीस नये प्रकार के व्यंजन देने से आंगनबाड़ी केन्द्रों के प्रति हितग्राहियों का आकर्षण बढ़ेगा और एकीकृत बाल विकास सेवाओं का अधिक से अधिक विस्तार होगा।

36. मेरी सरकार का उद्देश्य कानून का राज एवं भयमुक्त समाज स्थापित करना है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि संपूर्ण सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित किये बिना विकास के लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता। हमारा यह भी विश्वास है कि विकास संबंधी नीतियों और कार्यक्रमों के निर्धारण, क्रियान्वयन और अनुश्रवण के तीनों स्तरों पर प्रदेश की आम जनता के विचारों और तजुर्बों को तवज्जो दिये बिना विकास की मजबूत नींव कायम नहीं की जा सकती। आईये, हम सब मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थान दिलाने के लिए पूरी एक जुटता के साथ प्रयास करें।

37. माननीय सदस्यगण, मेरे अभिभाषण को आपने ध्यानपूर्वक सुना, इसके लिये मैं आभारी हूं।

जय हिन्द।