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भाइयो और बहनों,
1.आप सबको गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। गणतंत्र दिवस हमारे लिए बंधुत्व, स्वतंत्रता, न्याय और समता के उन मूल्यों में आस्था व्यक्त करने का दिन है जो भारतीय संस्कृति का आधार रहे हैं। संविधान में निहित इन मूल्यों से हमारी सांस्कृतिक परम्पराएं और जीवन दृष्टि परिभाषित होती रही है। हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसे समाज के निर्माण में संलग्न रहें जिसमेें संविधान में निहित शाश्वत मूल्य सर्वोपरि हों। आधुनिक समय की बढ़ती जटिलताओं और मूल्यों के क्षरण के इस दौर में, संविधान प्रदत्त हमारे पारम्परिक मूल्य ही हमारे समाज और देश को बचा सकते हैं।
2. गणतंत्र की वास्तविक भावनाओं के अनुरूप हम प्रदेश में एक ऐसी विकेन्द्रित प्रशासन व्यवस्था स्थापित करने जा रहे हैं जिसके केंद्र में आम नागरिक होगा। जिला सरकार के स्थान पर की जाने वाली वैकल्पिक व्यवस्था सत्ता में अधिक लोगों को भागीदार बनायेगी। इस प्रकार की विकेन्द्रित शासन व्यवस्था की सतत् निगरानी होगी और प्रकरण समय सीमा में निपटाये जाएंगे।
3. पंचायत राज को सुदृढ़ बनाना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है। हम एक ऐसे शक्तिसम्पन्न पंचायत राज को बहाल करना चाहते हैं जो वास्तविक ग्रामीण विकास संभव कर सके।
4. मध्यप्रदेश अपने तमाम प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं के बावजूद भी विकास में पिछड़ा है। हम ऐसा प्रदेश बनाना चाहते हैं जो अपनी सभी संभावनाओं को सच बना सकेगा। इस उद्देश्य के लिए पहली आवश्यकता एक स्वच्छ, पारदर्शी, अनुशासित और जवाबदेह प्रशासन की है। हम प्रदेश में ऐसे ही सुशासन के लिए कृतसंकल्पित हैं।
5. प्रदेश में अधोसंरचना के विकास को हमने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अधोसंरचना का विकास आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए अपरिहार्य है। गांवों से राजमार्गों तक सड़कों के विकास के लिए एक समन्वित कार्ययोजना के तहत खराब सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण का काम शुरू किया गया है। सड़कों के निर्माण कार्य के लिए धनराशि की व्यवस्था विभिन्न स्रोतों से की गई है। इस समयबध्द कार्यक्रम के क्रियान्वयन के परिणाम शीघ्र ही दिखने लगेंगे।
6. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्य को हमने गति दी है। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक प्रदेश के एक हजार से ज्यादा गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ दिया जायेगा। इस कार्य से प्रदेश के गांव विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे।
7. प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए और बच्चों को पढ़ने के लिए पर्याप्त बिजली मिलती रहे, ऐसी व्यवस्था लागू की गई है। एक ओर जहाँ अन्य राज्यों से नियमित बिजली खरीदी जा रही है वहीं दूसरी ओर पारेषण और वितरण व्यवस्था को सुधारने का कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। बड़ी संख्या में बिगड़े ट्रान्सफार्मरों को बदला गया है।
8. जहाँ सरकार व्यवस्था को सुधार कर आम नागरिक को बिजली उपलब्ध करा रही है, वहीं जन सामान्य से भी यह अपेक्षा है कि इसका सही उपयोग हो और वे वितरण की हानि रोकने में अपनी भूमिका निभायें।
9. सरकार ने व्यापार और उद्योग के विकास का सही वातावरण बनाने के लिए हाल ही में वाणिज्यिक कर कानून में संशोधन कर विसंगतियों को दूर किया है। अब प्रदेश के बाहर से माल आयात करने और बाहर भेजने पर जाँच चौकियों पर अनावश्यक रोक-टोक समाप्त की गई है। इन सुविधाओं का लाभ आम नागरिक तक पहुँचाने की जिम्मेदारी अब व्यापार जगत की है।
10. नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में एक कार्ययोजना लागू की जा रही है। इस कार्ययोजना के अंतर्गत स्वच्छता, अतिक्रमण की रोकथाम, पार्किंग स्थलों का विकास, सब्जी मण्डियों की स्थापना, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था, वाल्मिकी अम्बेडकर आवास योजना और आय बढ़ाने के एक व्यापक कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
11. प्रदेश में रोजगारमूलक और अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की शुरूआत की जा रही है। प्रदेश भर में बालक-बालिकाओं को प्रारंभिक शिक्षा देना सुनिश्चित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जिम्मेदारी दी गई है। अब मध्यान्ह भोजन में बच्चों को रुचिकर और पौष्टिक आहार मिलेगा।
12. प्रदेश में जनस्वास्थ्य सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में पहल की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत संचालित कार्यक्रमों और संस्थाओं के पर्यवेक्षण और समीक्षा की जिम्मेदारी विभिन्न स्तरों पर निर्धारित की गई है।
13. प्रदेश में एक अध्यादेश के द्वारा गौवंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इस प्रतिबंध से प्रभावित होने वाले व्यवसायियों के लिये वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था भी की जायेगी। गौवंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ ही असहाय, अनुत्पादक और विकलांग गौवंशीय पशुओं को रखने के लिए गौशालाओं को सुदृढ़ बनाया जायेगा। इस क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था सुझाने के लिये एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
14. एक सच्ची गणतांत्रिक व्यवस्था में यह आवश्यक है कि नागरिक अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें। प्रदेश का बहुआयामी विकास तभी संभव है जब नागरिक प्रशासन के साथ विकास की यात्रा में सहभागी बनें। आइए गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर हम इस सहयोग की शुरूआत करें।
जय हिन्द! भारत माता की जय!