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भारतीय उद्योग परिसंघ
भारत ने पहले ही दुनिया को दिखाई वैश्वीकरण की राह - मुख्यमंत्री
मध्यप्रदेश सरकार ने निवेश के लिए किया केबिनेट कमेटी का गठन
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए।

हमारे देश में वैश्वीकरण की भावना बहुत पहले से है। भारत ने दुनिया को वैश्वीकरण की राह बहुत पहले ही दिखा दी है। हमारे देश में वह सारी खूबियां मौजूद हैं, जो विश्व की अगुवाई करने के लिए जरूरी हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा ‘वैश्वीकरण का भविष्य-क्या भारत नेतृत्व कर सकता है’ पर आयोजित वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कही।

नई दिल्ली, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत एक वैश्विक लीडर के रूप में उभरकर आया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया में भारत की साख और धाक जमी है। हमारे पास नीति, निर्णय एवं नीयत की समृद्ध पूँजी है, जो वैश्वीकरण में विश्व का नेतृत्व करने में सक्षम है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पॉलिसी पैरालिसिस खत्म हुआ है। कई क्षेत्रों में विदेशी निवेश के लिए द्वार खोल दिये गये हैं। प्रधानमंत्री के मजबूत नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, विमुद्रीकरण और जीएसटी लागू करने जैसे क्रांतिकारी और ऐतिहासिक निर्णयों से देश तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश भी देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे चल रहा है।

श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने निवेश के लिए केबिनेट कमेटी का गठन किया है, जो निवेश के लिए प्राप्त प्रस्तावों का निरीक्षण कर उन्हें शीघ्र पारित करेगी। जिससे निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के लिए किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आ सके। ‘इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए अनेक सकारात्मक निर्णय लिये गये हैं।

श्री चौहान ने कहा कि सन् 2003 में मध्यप्रदेश को एक बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था। मध्यप्रदेश में सवा लाख किलोमीटर की सड़कों का जाल बिछा हुआ है। ऊर्जा क्षमता 4000 मेगावॉट से बढ़कर 19 हजार मेगावॉट हो गयी है। मध्यप्रदेश अब पावर सरप्लस स्टेट हो गया है। सोलर पावर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। रीवा में 750 मेगावॉट क्षमता का विश्व का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया गया है, इस प्लांट से 2.97 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के चहुँमुखी विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार कटिबद्ध है।

  • मध्यप्रदेश में सिंचित भूमि 40 लाख हेक्टेयर उपलब्ध।>
  • प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के लिए बनाई गई नई नीति।