| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | संपर्क करें | साईट मेप
You Tube

जी-20 के वित्त मंत्रियों की बैठक
उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारत वैश्विक आर्थिक विकास का प्रेरक
भारत ने वित्तीय क्षेत्र में सुधार के उपाय किए - अरुण जेटली

वाशिंगटन डीसी, वैश्विक विकास में उभरती अर्थव्यवस्थाएं काफी महत्वपूर्ण हो गई हैं। वैश्विक वृद्धि में इन अर्थव्यवस्थाओं का योगदान 75 प्रतिशत से अधिक है। उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारत वैश्विक प्रमुख प्रेरक रहा है। भारत की अनुमानित वृद्धि दर वर्ष 2016-17 में 7.1 की तुलना में वर्ष 2017-18 में 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। भारत की वृद्धि दर सुदृढ़ बनी हुई है। साथ ही मुद्रा स्फीति में भी कमी आई है। भारत में वित्तीय क्षेत्र में मजबूत ढांचागत सुधार के लिए उपाय किए गए हैं। यह बात केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।

श्री जेटली ने कहा कि भारत जुलाई 2017 से वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के पथ पर है। जीएसटी करों की बहुलता को समाप्त करेगा और भारत को एक साझा बाजार देगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के अनुमानों के अनुसार भारत की मध्यकालिक वृद्धि दर 8 प्रतिशत से ऊपर होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि अभी हाल में सरकार ने सबसे बड़ा करेंसी सुधार सफलतापूर्वक लागू किया है।  इससे भारत की अर्थव्यवस्था कम नकद उपयोग वाली अर्थव्यवस्था होगी, कर अनुपालन में वृद्धि आएगी और आतंक के धनस्रोत के रूप में जाली करेंसी का खतरा कम रहेगा। श्री जेटली ने कहा कि इस तरह के अनेक सुधारों से वैश्विक अर्थव्यवस्था के उतार-चढ़ाव की कठिनाइयों को झेलने में भारत सक्षम रहेगा।