Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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शासकीय गुरुकुलम् आवासीय विद्यालय
मनुष्य के लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं - मुख्यमंत्री
उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की फीस सरकार भरेगी

भोपाल, व्यक्ति अच्छे गुणों से बड़ा बनता है, इसलिए विद्यार्थीगण अपने जीवन में हमेशा अच्छे गुणों को अपनायें। मनुष्य के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। जो जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। आईआईटी, आईआईएम, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार भरेगी। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में शासकीय गुरुकुलम् आवासीय विद्यालय का शुभारंभ करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने बच्चों की क्लास में जीवन के सूत्र बताये

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके पहले विद्यार्थियों की क्लास ली, जिसमें उन्होंने जीवन और व्यक्तित्व विकास के सूत्र बताये। उन्होंने कक्षा छह के बच्चों को बताया कि शिक्षा देने वाले गुरु का आदर करें, सुबह जल्दी उठे और ध्यान करें, आत्म-विश्वास से अच्छे काम करें, दूसरों की मदद करें, हमेशा सच बोलें और मीठा बोलें। उन्होंने बच्चों को ऋषि धौम्य और शिष्य आरुणि की, अर्जुन की लक्ष्य हासिल करने की एकाग्रचित्तता तथा युधिष्ठिर की सदा सच बोलने की कहानी सुनायी। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा सोचता है वैसा बन जाता है। सभी में ईश्वर का अंश है। जैसा काम करते हैं वैसा व्यक्तित्व बनता है।

अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री श्री ज्ञान सिंह ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के विकास के लिये राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है। गुरुकुलम आवासीय विद्यालय के माध्यम से बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से जनजातियाँ विकास कर सकती हैं। जनजातियाँ भारत की सच्चे हितैषी और पर्यावरण की संरक्षक रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में तीन पुस्तकों ‘विद्यार्थी डायरी’, ‘स्व-रोज़गार की ऊँची उड़ान’ और ‘जनजातीय शिल्प’ का लोकार्पण किया। उन्होंने श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों श्री विजय वर्मा, श्री चन्द्रमोहन ठाकुर, श्री अशोक जैन, श्रीमती नीरजा शर्मा, श्रीमती सीमा सोनी और श्रीमती प्रीति पटेल को सम्मानित किया।