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आठ मई को होगी नर्मदा जल एवं पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय कार्यशाला

नर्मदा जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिये भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने के लिये 8 मई को राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला होगी। कार्यशाला में जल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे करीब 90 विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री दीपक खाण्डेकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में दी गई।

कार्यशाला में मुख्य रूप से जल एवं पर्यावरण से संबंधित विधिक पहलू, नदी एवं पर्यावरण संरक्षण में समाज की भूमिका, नर्मदा केचमेंट क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियां, समाधान एवं कार्य-योजना, प्रदेश में जल-सुरक्षा और नर्मदा नदी की सहायक नदियों के प्रदूषण की स्थिति पर चर्चा की जायेगी।

बैठक में कार्यशाला के लिये 5 विषय समूहों का चयन किया गया। पहला- मध्यप्रदेश के संदर्भ में नदियों एवं जलाशयों के संरक्षण एवं संवर्धन की वर्तमान स्थिति। दूसरा- नदियों, जल, जैव-विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण में वर्तमान चुनौतियाँ, मुद्दे, रणनीति एवं कार्य-योजना एवं राज्य शासन द्वारा गठित नर्मदा सेवा मिशन अंतर्गत नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये चिन्हित गतिविधियाँ। तीसरा- नदियों पर निर्भर अर्थ तंत्र एवं उनके संसाधनों के उपयोग की वर्तमान स्थिति, भविष्य की चुनौतियाँ-मुद्दे, रणनीति एवं कार्य-योजना। चौथा- नदी, जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा खाद्य सुरक्षा की वर्तमान स्थिति, संभावित चुनौतियाँ, रणनीति एवं कार्य-योजना। पाँचवां- नदियों, जल, जैव-विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण में प्रदेश में संस्थागत संरचना, प्रचलित अधिनियम एवं समाज की भूमिका।