Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
social media accounts

मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना में मिलेगी 90 प्रतिशत तक सब्सिडी
पंचायती राज व्यवस्था के सशक्तीकरण में अंतरिक्ष विज्ञान की अहम भूमिका
‘अभिशासन और विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका’ पर अधिवेशन

भोपाल, मध्यप्रदेश का स्थान देश के उन कुछ राज्यों में है, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने में अग्रणी हैं। अंतरिक्ष विभाग ने प्रदेश में अपना सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र स्थापित किया है। इस केन्द्र ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों की सूचना सम्पदा को जुटाने की दिशा में प्रशंसनीय काम किया है। यह बात भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन डॉ. ए.एस. किरण कुमार ने ‘अभिशासन और विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित साधनों एवं अनुप्रयोगों का संवर्धन’ पर आयोजित राज्य अधिवेशन में कही।

डॉ. किरण कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था के सशक्तीकरण के लिये जियोस्पेशियल टेक्नालॉजी, ‘नाविक’ उपग्रहों और जीपीएस तकनीक का उपयोग हो रहा है।

पंचायती राज व्यवस्था के सशक्तीकरण में अंतरिक्ष आधारित साधनों की भूमिका दिखायी दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है, जिसने मंगल की कक्षा में पहले ही प्रयास में अपना यान सफलता से स्थापित कर दिया। ‘इसरो’ ने बीते वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान के विभिन्न उपयोगों का लाभ समाज तक पहुँचाने और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्म-निर्भर होने की दिशा में योगदान किया है। डॉ. किरण कुमार ने कहा कि सुदूर संवेदन और ‘नाविक’ उपग्रहों ने प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अंतरिक्ष विभाग के ‘सिस-डिप’ प्रोजेक्ट की चर्चा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान ने प्राकृतिक आपदाओं के नियंत्रण और देश के सामाजिक उत्थान में प्रशंसनीय योगदान किया है।
सुशासन और विकास में
अंतरिक्ष विज्ञान उपयोगी सिद्ध हुआ

मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित साधनों एवं उपयोगों से परिचित करवाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सुशासन और विकास में अंतरिक्ष विज्ञान की बड़ी भूमिका सामने आयी है। मध्यप्रदेश के सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र (आरएसएसी) ने प्रदेश की विकासात्मक गतिविधियों की दृष्टि से बहुत अच्छा काम किया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि मेपकास्ट और इसरो के वैज्ञानिक मिलकर आने वाले दिनों में ऐसा शोध करेंगे, जिसका उपयोग राज्य में सुशासन और विकास की संकल्पना को साकार करने में सहायक होगा।