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विकास के बारह साल
 

मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश होने के साथ ही विकास के लिये पहचान बनाने वाले प्रदेशों में शामिल हो चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, उद्योग, बिजली, पर्यटन और रोज़गार के क्षेत्रों के साथ ही अच्छी सड़कों के निर्माण के लिये मध्यप्रदेश में बेहतरीन कार्य हुये हैं। प्रदेश की जनता प्रगति के प्रयासों में सहभागी हुई है। मध्यप्रदेश में सरकार ने अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी है। प्रदेश ने विकास के प्रत्येक क्षेत्र में अनूठा कार्य किया है। प्रदेश की कई योजनाओं को अन्य प्रदेशों में भी लागू किया गया है, यही कारण है कि मध्यप्रदेश देश-विदेश में एक उदाहरण बन रहा है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जिसमें प्रगति के नये आयामों ने आकार न लिया हो। प्रदेश को इस श्रेणी में लाकर खड़ा करने का श्रेय प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व को जाता है। उन्होंने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में विभिन्न योजनाओं को मूर्तरूप देकर न केवल जन आकांक्षाओं पर खरे उतरने का प्रयास किया है, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिये अभिनव योजनायें लागू कर एक नया कीर्तिमान भी खड़ा किया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिये सभी सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण तथा स्थानीय निकायों और संविदा शिक्षकों के लिये 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की है। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण होने के कारण अब महिला जनप्रतिनिधि निर्वाचित होकर विकास के फैसले ले रही हैं। अब तक लाड़ली लक्ष्मी योजना से 26 लाख बेटियों को लाभान्वित किया जा चुका है। इन 12 वर्षों में बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच जनमानस में विकसित हुई है, जिससे अब प्रदेश का लिंगानुपात 938 हो चुका है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये लगभग चार लाख स्वसहायता समूहों का गठन भी किया गया है।

बिजली के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व उन्नति हुई है। आज प्रदेश में 17 हजार 412 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली की क्षमता को बढ़ाने के लिये एशिया का सबसे बड़ा 135 मेगावॉट की क्षमता वाला सौर ऊर्जा प्लांट नीमच में स्थापित किया गया है और विश्व का सबसे बड़ा 750 मेगावॉट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र रीवा में स्थापित किया जा रहा है। कृषि के क्षेत्र में भी प्रदेश ने विकास के नये आयाम गढ़े हैं। बीते पाँच वर्षों में प्रदेश की औसत कृषि विकास दर 20 प्रतिशत से अधिक रही है, जो विश्व में सबसे ज्यादा कृषि विकास दर है। वर्ष 2016-17 में कृषि उत्पादन 5.44 करोड़ मीट्रिक टन हुआ था। यही कारण है कि प्रदेश विगत पाँच वर्षों से लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रहा है। निरंतर कृषक हित में कार्यरत प्रदेश सरकार द्वारा अन्य लाभकारी योजनाओं की भांति भावांतर भुगतान योजना लागू करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। यह योजना किसानों के लिये वरदान साबित हो रही है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई गई है और पर्यटकों को अधिक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये नई पर्यटन नीति लागू की गई है, जिससे पर्यटकों की संख्या में 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश को लगातार तीसरे साल भी बेस्ट टूरिस्ट स्टेट अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया है। प्रदेश सरकार ने युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोज़गार एवं स्वरोज़गार के क्षेत्र से जोड़ने की अभिनव पहल की है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत चिन्हित शैक्षणिक संस्थानों में राज्य के सभी वर्गों के विद्यार्थियों की मेडिकल, इंजीनियरिंग, विधि और अन्य उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई की पूरी फीस भरने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना से अब तक लगभग 70 हजार युवाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इसके साथ ही प्रदेश में आवागमन की सुचारु व्यवस्था के लिये सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गाँवों को सड़कों से जोड़कर, विकास की मुख्यधारा में लाया जा रहा है। इतना ही नहीं ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क’ के निर्माण में मध्यप्रदेश, देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास, गरीब कल्याण, नदियों एवं पर्यावरण संरक्षण, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिये भी उल्लेखनीय प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विगत 12 वर्ष प्रदेश की प्रगति के वर्ष रहे हैं। इस दौरान प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में विकास की इबारत लिखी है। स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने के लिये प्रदेश के जन-जन को मिलकर प्रयास करने होंगे। मध्यप्रदेश के पिछले 12 वर्षों में देश का अग्रणी राज्य बनने पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें।