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सुशिक्षा कार्यक्रम
शिक्षा को व्यवहारिक बनाने के लिये होगी फीस नियमन की व्यवस्था
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में ई-टीवी द्वारा आयोजित ‘सुशिक्षा कार्यक्रम’ के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करते हुये।

मध्यप्रदेश में व्यवहारिक और संतुलित व्यवस्था के लिये शिक्षण संस्थानों में शिक्षण शुल्क पर लगाम लगाने के लिये फीस नियमन कानून बनाया जायेगा। फीस नियमन के प्रस्तावित कानून का प्रारूप लगभग बन गया है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षा की अच्छी व्यवस्था का मार्ग अवरुद्ध न हो। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में ई-टीवी द्वारा आयोजित सुशिक्षा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

भोपाल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समाज के प्रबुद्ध, सक्षम और जनसेवियों का आव्हान किया कि गरीब बच्चों की जिंदगी सँवारने और विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों में सहयोग के लिये आगे आयें। स्कूल की जिम्मेदारी लेकर उसकी बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग दें। सुविधानुसार विद्यालयों में जाकर शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे ‘मिल बाँचें मध्यप्रदेश’ अभियान के तहत स्कूलों में जायें। उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति और पन्नी बीनने में बचपन को बिखरने नहीं दें। ऐसे बच्चों के रहने, खाने, वस्त्र, शिक्षा-दीक्षा की संपूर्ण व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा करवाये जाने की व्यवस्था है। जिले के कलेक्टर इस व्यवस्था के प्रभारी हैं। सरकार और प्रशासन के साथ-साथ नागरिक गण भी ऐसे बच्चों के जीवन को सँवारने में मदद करें। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना में ड्रॉप लेने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लाभान्वित करवाने का संशोधन हो गया है। उन्होंने बेरोजगारी को दूर करने, कौशल उन्नयन की आवश्यकता, ग्लोबल स्किल पार्क, युवाओं में उद्यमिता को बढ़ाने, छात्र संघ चुनाव और फीस नियमन आदि विषयों पर भी विचार व्यक्त किये।

  • भिक्षावृत्ति और पन्नी बीनने वाले बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था कर रही है सरकार।
  • 26 अगस्त को आयोजित होगा ‘मिल बाँचें मध्यप्रदेश’ अभियान।
ये विभूतियाँ हुईं सम्मानित

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पाँच विभूतियों का सम्मान किया। इनमें कुमारी मुस्कान अहिरवार को दो लाख रुपये और श्री ईश्वरी प्रसाद तिवारी, श्री संजय राठौर, श्री चंदन पाल और दिव्यांग श्री वीरेन्द्र सर को एक-एक लाख रुपये सम्मान निधि के रूप में देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने भोपाल की बस्ती दुर्गानगर में 9 वर्षीय बालिका कुमारी मुस्कान द्वारा संचालित पुस्तकालय के लिये कक्ष की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिये।