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मंदाकिनी नदी को किया जायेगा प्रदूषणमुक्त - मुख्यमंत्री
 

सतना, मध्यप्रदेश में नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। पवित्र मंदाकिनी नदी को भी प्रदूषणमुक्त किया जायेगा। मंदाकिनी नदी के उद्गम स्थल को पर्यावरण की दृष्टि से विकसित किया जायेगा, ताकि नदी में पवित्र जल का प्रवाह निरंतर बना रहे। इसके लिये 40 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसके साथ ही गुप्त गोदावरी संरक्षण के लिये 40 लाख रुपये और गौ-संरक्षण एवं गौशाला के लिये दो करोड़ रुपये स्वीकृत किये जायेंगे। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी संरक्षण योजनान्तर्गत चित्रकूट सीवेज के द्वितीय चरण के कार्यों का भूमिपूजन करते हुए कही।

परिवहन चेक पोस्ट समाप्त किया जायेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब चित्रकूट आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी भी प्रकार का कर नहीं देना होगा। कर की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार स्वयं करेगी। इसी तरह परिवहन विभाग का चेक पोस्ट भी हटा दिया जायेगा। तीर्थ यात्रियों के लिये कर्वी, अतर्रा, सतना आदि का सर्किट बनाकर यात्री बसों का संचालन किया जायेगा।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सीता माता की पूजा-अर्चना की एवं साधु-संतों का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया।

  • चित्रकूट नगर के प्रत्येक घर को सीवर लाइन से जोड़ा जायेगा।
  • मंदाकिनी नदी की सहायक नदियों को किया जायेगा पुनर्जीवित।
  • चित्रकूट के सीवेज जल का ट्रीटमेंट कर उसका उपयोग कृषि कार्य में होगा।

चित्रकूट को मिनी-स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा

श्री चौहान ने कहा कि चित्रकूट का समग्र विकास कर इसे मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रथम चरण में 180 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के विकास के साथ ही यहाँ व्यापारियों, तीर्थ यात्रियों, साधु-संतों की आवश्यकता के हर कार्य कराये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि कामदगिरी परिक्रमा में शेड व्यवस्था हेतु दो करोड़ 25 लाख, पानी की टंकियों के निर्माण हेतु  तीन करोड़ 22 लाख, परिक्रमा पथ में शौचालय निर्माण हेतु एक करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। मंदाकिनी नदी में मल-जल को रोकने हेतु 28 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन का निर्माण किया जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि तालाबों का संरक्षण, बरसाती पानी के निकासी की व्यवस्था, स्मार्ट यातायात हेतु सड़कों एवं चौराहों का विकास एवं उनका सौंदर्यीकरण, ई-रिक्शा का संचालन और गरीबों के लिए पक्के मकानों के निर्माण हेतु 75 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। पर्यावरणीय विकास के लिए मंदाकिनी नदी की सफाई, सरयू नदी और पैउसुनी नदी को पुनर्जीवित करने हेतु अभियान चलाया जायेगा। साथ ही कामदगिरी पर्वत, लक्ष्मण पहाड़ी एवं सती अनुसुइया क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जायेगा।